12. हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान
रामधारी सिंह ‘दिनकर’ के यात्रा-वृत्तांत के सभी अभ्यास — नैरोबी के सिंह, मॉरिशस की संस्कृति, सर्वनाम, पत्र, भारत-मॉरिशस समय-अंतर और पहेली। NCERT मल्हार, कक्षा 6.
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इस पृष्ठ पर यात्रा-वृत्तांत ‘हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान’ के सभी प्रश्नों के उत्तर, मिलान, सर्वनाम, पत्र, घड़ियों के समय के प्रश्न और पहेली के उत्तर दिए गए हैं। खुले प्रश्नों के उत्तर नमूने के रूप में दिए गए हैं।
पाठ का सार : यह यात्रा-वृत्तांत रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का है। मॉरिशस जाते समय लेखक नैरोबी (केन्या) में रुके। वहाँ के नेशनल पार्क में उन्होंने आराम करते सिंह देखे। सिंहों ने पर्यटकों की ओर देखा तक नहीं। सिंहों को देखकर हिरनों का झुंड सावधान होकर एक गोल में खड़ा हो गया। मॉरिशस पहुँचने पर लेखक को लगा कि यह छोटे पैमाने पर भारत ही है। वहाँ के अधिकतर लोग भारतीय मूल के हैं। भारतीयों ने वहाँ अपना धर्म, भाषा और संस्कृति बचाकर रखी। शिवरात्रि पर परी-तालाब का मेला वहाँ का प्रमुख आकर्षण है।
पाठ से — मेरी समझ से
(1) हिरण समूह में क्यों खड़े थे? — भागने पर उन्हें सिंह के आक्रमण का डर था। ★
(2) मॉरिशस छोटे पैमाने पर भारतवर्ष ही है। कैसे? — भारत की बहुत-सी विशेषताएँ वहाँ दिखाई देती हैं। ★
- सिंह उस जानवर का शिकार करते हैं जो भागते झुंड से पिछड़ जाता है। इसलिए हिरन भागना सुरक्षित नहीं समझते थे। वे एक गोल में खड़े रहे।
- मॉरिशस में भारतीय लोग, हिंदी-भोजपुरी भाषा, शिवालय, रामायण-पाठ, भारतीय त्योहार और काशी, गोकुल जैसे नाम हैं। यानी भारत की बहुत-सी विशेषताएँ वहाँ दिखाई देती हैं।
पंक्तियों पर चर्चा
भारत में रहते हुए हमें अपनी संस्कृति की शक्ति का पता नहीं चलता। मॉरिशस में भारतीय लोग बहुत पहले जाकर बसे थे। उन्होंने बहुत कष्ट सहे, फिर भी अपना धर्म, भाषा और रीति-रिवाज़ नहीं छोड़े। वहाँ आज भी रामायण-पाठ होता है और शिवरात्रि मनाई जाती है। यह देखकर पता चलता है कि हमारी संस्कृति कितनी जीवंत है और लंबे समय तक बनी रहने वाली है।
सोच-विचार के लिए
- नेशनल पार्क — यह बहुत बड़ा खुला जंगल होता है। इसमें जानवर अपने प्राकृतिक वातावरण में आज़ाद घूमते हैं। पर्यटक गाड़ियों में बैठकर उन्हें देखते हैं।
- चिड़ियाघर — इसमें जानवरों को पिंजरों या बाड़ों में बंद रखा जाता है। उन्हें खाना मनुष्य देते हैं।
वे नैरोबी के नेशनल पार्क के सिंह थे। सिंहों ने मोटरों में बैठे लोगों की ओर एक बार भी नहीं देखा। उन्हें यह जानने की इच्छा ही नहीं थी कि कौन आया है। सिंहों के लिए वे लोग न खतरा थे, न शिकार। इसलिए उन्होंने लोगों को बिल्कुल तुच्छ समझा।
मॉरिशस एक कृषि-प्रधान द्वीप है। चीनी वहाँ का प्रमुख उद्योग है। ऊख (गन्ने) की खेती और चीनी के व्यवसाय को सफलता भारतीयों के कारण मिली है। यदि भारतीय वहाँ न गए होते, तो ऊख की खेती असंभव हो जाती और चीनी के कारखाने बढ़ते ही नहीं।
- भारतीयों ने अत्याचार सहे, पर प्रलोभनों में आकर अपना धर्म नहीं छोड़ा।
- उन्होंने गलियों और मोहल्लों के नाम कलकत्ता, मद्रास, काशी, बनारस, गोकुल जैसे रखे।
- वहाँ हिंदी और भोजपुरी बोली जाती है।
- हर प्रमुख गाँव में शिवालय है और रामचरितमानस का पाठ होता है।
- भारत के पर्व-त्योहार, विशेषकर शिवरात्रि, वहाँ धूमधाम से मनाए जाते हैं।
मिलकर करें मिलान
| स्तंभ 1 | स्तंभ 2 |
|---|---|
| 1. अफ़्रीका | यह एशिया के बाद दुनिया का सबसे बड़ा महाद्वीप है। (3) |
| 2. नैरोबी | यह अफ़्रीका महाद्वीप के एक देश ‘केन्या’ की राजधानी है। (1) |
| 3. रक्तचाप | यह रक्त-वाहिनियों अर्थात नसों में बहते रक्त द्वारा उनकी दीवारों पर डाले गए दबाव का नाम है। (4) |
| 4. बी.ओ.ए.सी. | यह ‘ब्रिटिश ओवरसीज एयरवेज कॉरपोरेशन’ नाम का छोटा रूप है। यह एक बहुत पुरानी विदेशी विमान कंपनी थी। (6) |
| 5. भूमध्य रेखा | यह पृथ्वी के चारों ओर एक काल्पनिक वृत्त है जो पृथ्वी को दो भागों में बाँटता है — उत्तरी भाग और दक्षिणी भाग। (7) |
| 6. देशान्तर रेखा | ये ग्लोब पर उत्तर से दक्षिण की ओर खींची जाने वाली काल्पनिक रेखाएँ हैं। ये उत्तरी ध्रुव को दक्षिणी ध्रुव से मिलाती हैं। (9) |
| 7. तुलसीदास | यह श्रीराम के जीवन पर आधारित अमर ग्रंथ ‘रामचरितमानस’ लिखने वाले कवि का नाम है। (2) |
| 8. क्रेयोल | यह दो भाषाओं के मिलने से बनी नई भाषा का नाम है। (5) |
| 9. काँवर | यह बाँस का एक मज़बूत डंडा होता है जिसके दोनों सिरों पर बँधी टोकरियों में यात्री गंगाजल या अन्य वस्तुएँ ले जाते हैं। (8) |
यात्रा-वृत्तांत की रचना
- लेखक ने बताया है कि वह कब, कहाँ से और कैसे (हवाई जहाज़ से) एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचा।
- पाठ में तिथियाँ, समय और दूरी साफ़-साफ़ दी गई हैं।
- दृश्यों का वर्णन इतना सजीव है कि हम स्वयं वह दृश्य देख रहे हों, ऐसा लगता है।
- लेखक ने अपने मन के भाव भी बताए हैं, जैसे — रक्तचाप बढ़ने जैसा महसूस होना।
- मॉरिशस की लंबाई, चौड़ाई, जनसंख्या, भाषा और त्योहारों की सही जानकारी दी गई है।
- ‘तुच्छातितुच्छ’, ‘बेवकूफ की तरह खड़ा’ जैसे शब्दों से हल्का हास्य भी है।
- ‘मॉरिशस वह देश है...’ वाक्य बार-बार आकर बात को प्रभावशाली बनाता है।
अनुमान या कल्पना से
मॉरिशस गए भारतीय अपनी जन्मभूमि से दूर थे। उन्हें भारत की याद आती थी। अपने देश और शहरों से जुड़े रहने के लिए उन्होंने गली-मोहल्लों के नाम बनारस, गोकुल, काशी जैसे रखे होंगे।
हाँ, इसका प्रभाव पड़ता होगा। बंदर पर्यटकों से फल और बिस्कुट पाने के आदी हो गए हैं। इसलिए वे मोटर रुकते ही उसे घेर लेते हैं। सिंह रोज़ मोटरें देखते हैं, इसलिए वे मनुष्यों से डरना या उन पर ध्यान देना छोड़ चुके हैं। इस तरह जानवरों का स्वाभाविक व्यवहार बदल जाता है।
जिराफ बहुत ऊँचा और बड़ा जानवर है। सिंह उसका शिकार आसानी से नहीं कर पाते। शायद इसलिए उसे सिंहों से अधिक डर नहीं लगा। यह भी हो सकता है कि वह हिरनों की तरह भागना खतरनाक समझकर चुपचाप खड़ा रहा हो।
वह झील बहुत सुंदर और शांत होगी। लोगों ने उसके बारे में कहानी बना ली होगी कि वहाँ परियाँ आती हैं। हिंदुओं ने उसका संबंध परियों से जोड़ दिया। इसलिए उसका नाम ‘परी-तालाब’ पड़ गया होगा।
भारत में गंगा नदी सबसे पवित्र मानी जाती है। मॉरिशस के हिंदू शिवरात्रि पर इसी तालाब का जल काँवर में भरकर शिवजी को चढ़ाते हैं। यह जल उनके लिए गंगाजल जैसा पवित्र है। इसलिए उन्होंने इसका नाम ‘गंगा-तालाब’ रखा होगा।
शब्दों की बात — संज्ञा के स्थान पर
1. हाँ, बच्चे हाफ पैंट पहन सकते हैं, लेकिन गांधी टोपी उस दिन उन्हें भी पहननी पड़ती है।
2. भारतीयों ने अत्याचार तो सहे, लेकिन प्रलोभनों को ठुकरा दिया। वे अपने धर्म पर डटे रहे और जिस द्वीप में भगवान ने उन्हें भेज दिया था, उस द्वीप को उन्होंने छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला।
‘उस दिन’, ‘जिस द्वीप’, ‘उस द्वीप’ में ‘उस’ और ‘जिस’ संज्ञा के साथ आए हैं। ये सार्वनामिक विशेषण हैं।
- हाँ, बच्चे हाफ पैंट पहन सकते हैं, लेकिन गांधी टोपी शिवरात्रि के दिन बच्चों को भी पहननी पड़ती है।
- भारतीयों ने अत्याचार तो सहे, लेकिन प्रलोभनों को ठुकरा दिया। भारतीय भारतीयों के धर्म पर डटे रहे और जिस द्वीप में भगवान ने भारतीयों को भेज दिया था, उस मॉरिशस द्वीप को भारतीयों ने छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला।
पहचान पाठ के आधार पर
- केन्या — यह अफ़्रीका महाद्वीप के पूर्वी भाग में है। इसकी राजधानी नैरोबी है। भूमध्य रेखा इस देश के बीच से गुज़रती है। इसके पूर्व में हिंद महासागर है।
- मॉरिशस — यह हिंद महासागर में एक छोटा द्वीप है। यह भूमध्य रेखा से लगभग 20 डिग्री दक्षिण में है। यह 60 डिग्री देशांतर रेखा के पास, उससे थोड़ा पश्चिम में है। मानचित्र में यह मेडागास्कर द्वीप के पूर्व में दिखाई देता है।
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पाठ से आगे — आपकी बात
पिछली छुट्टियों में मैं परिवार के साथ समुद्र किनारे गया/गई था/थी। वहाँ मैंने पहली बार सूर्योदय देखा। लाल-नारंगी सूरज धीरे-धीरे पानी से ऊपर आ रहा था। लहरें सुनहरी चमक रही थीं। वह सुंदर दृश्य मैं कभी नहीं भूल सकूँगा/सकूँगी।
- चिड़ियाघर में मैंने शेर, बाघ, हाथी और ज़ेबरा से मुलाकात की।
- गाँव में नानी के घर गाय, बकरी और मोर से मुलाकात हुई।
- अपनी छत पर रोज़ गौरैया और कबूतरों से मुलाकात होती है।
- मुझे अपने देश भारत की विविधता और संस्कृति पर गर्व है।
- मेरे माता-पिता की मेहनत और ईमानदारी पर मुझे गर्व होता है।
- विद्यालय में चित्रकला प्रतियोगिता में मुझे पहला पुरस्कार मिला, इस पर मुझे गर्व है।
- हमारे गाँव के एक सैनिक ने देश की सेवा की है, इस पर पूरे गाँव को गर्व है।
कक्षा और घर की भाषाएँ
| क्रम संख्या | मैं जिन भाषाओं को बोल-समझ लेता/लेती हूँ | मेरे मित्र जिन भाषाओं को बोल-समझ लेते हैं | मेरे परिजन जिन भाषाओं को बोल-समझ लेते हैं |
|---|---|---|---|
| 1. | हिंदी | हिंदी | हिंदी |
| 2. | अंग्रेज़ी | अंग्रेज़ी | भोजपुरी |
| 3. | मराठी | बांग्ला | मराठी |
| 4. | — | पंजाबी | अंग्रेज़ी |
| 5. | — | — | उर्दू |
| कुल संख्या | 3 | 4 | 5 |
हर विद्यार्थी अपने मित्रों और परिजनों से पूछकर अपनी तालिका भरेगा। ऊपर केवल एक उदाहरण है।
प्रशंसा या सराहना विभिन्न प्रकार से
| नाम | प्रशंसा या सराहना का वाक्य | |
|---|---|---|
| स्वयं | (अपना नाम) | मैं जो ठान लेता/लेती हूँ, उसे पूरा करके ही दम लेता/लेती हूँ। |
| परिजन | दादीजी | दादीजी हमारे घर की छाया देने वाली बरगद हैं। |
| शिक्षक | शर्मा सर | शर्मा सर कठिन से कठिन पाठ को भी खेल-खेल में समझा देते हैं। |
| मित्र | रोहन | रोहन सच्चा मित्र है, मुसीबत में सबसे पहले वही पहुँचता है। |
| पशु | मोती (कुत्ता) | हमारा मोती घर का सबसे वफ़ादार चौकीदार है। |
| स्थान | कश्मीर | कश्मीर धरती का स्वर्ग है। |
| सब्ज़ी | आलू | आलू सब्ज़ियों का राजा है, हर सब्ज़ी से दोस्ती कर लेता है। |
| पेड़ | नीम | नीम का पेड़ हमारे आँगन का वैद्य है। |
चित्रात्मक सूचना (इंफोग्राफिक्स)
2 नवंबर 1834 को ‘एटलस’ नाम का जहाज़ भारतीय मज़दूरों को लेकर मॉरिशस पहुँचा था। इस दिन को वहाँ ‘अप्रवासी दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। ब्रिटिश शासक गन्ने के खेतों में काम करने के लिए भारतीय मज़दूरों को वहाँ ले गए थे। इनमें ज़्यादातर बिहार के थे। तमिल, तेलुगु और मराठी लोग भी अच्छी संख्या में थे। आज मॉरिशस में भारतीय मूल के लोगों की आबादी 68% से ज़्यादा है। इसी कारण वहाँ की संस्कृति में भोजपुरी गीतों और हिंदी फ़िल्मों का खास योगदान है। मॉरिशस के पहले प्रधानमंत्री शिवसागर रामगुलाम भी भारतीय मूल के थे।
(ख) अपनी पसंद के किसी विषय (विद्यालय, कोई विशेष दिवस आदि) पर समूह में चित्र और कम शब्दों की सहायता से ‘चित्रात्मक सूचना’ बनाइए। (कक्षा गतिविधि)
हस्ताक्षर : दिए गए स्थान पर अपने हस्ताक्षर पाँच बार कीजिए। ध्यान रखें कि पाँचों हस्ताक्षर एक जैसे हों। (व्यक्तिगत गतिविधि)
पत्र
- (क) पत्र किसने लिखा है? — रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ने।
- (ख) पत्र किसे लिखा गया है? — चतुर्वेदी जी को।
- (ग) पत्र किस तिथि को लिखा गया है? — 8-7-67 को, यानी 8 जुलाई 1967 को।
- (घ) पत्र किस स्थान से लिखा गया है? — नई दिल्ली (सफ़दरजंग लेन) से।
- (ङ) पत्र पाने वाले के नाम से पहले किस शब्द का प्रयोग किया गया है? — ‘मान्यवर’ शब्द का।
- (च) पत्र-लेखक ने अपने नाम से पहले अपने लिए क्या शब्द लिखा है? — ‘आपका’।
उलझन सुलझाओ
अलग-अलग देशों का समय अलग-अलग होता है। मॉरिशस नैरोबी से पूर्व दिशा में है। इसलिए मॉरिशस की घड़ियाँ नैरोबी से 1 घंटा आगे चलती हैं। जहाज़ नैरोबी के समय से 9 बजे पहुँचा। उस समय मॉरिशस में रात के 10 बज रहे थे।
- भारत में क्या समय हुआ है? — 5 बजकर 20 मिनट।
- मॉरिशस में क्या समय हुआ है? — 3 बजकर 50 मिनट।
- मॉरिशस और भारत के समय में कितने घंटे और मिनट का अंतर है? — 1 घंटा 30 मिनट। मॉरिशस का समय भारत से डेढ़ घंटा पीछे है।
- सूर्योदय भारत में पहले होगा या मॉरिशस में? — भारत में पहले होगा, क्योंकि भारत मॉरिशस से पूर्व में है।
- भारत में दोपहर के 12 बजे होंगे, तब मॉरिशस की घड़ियाँ कितना समय दिखा रही होंगी? — सुबह के 10 बजकर 30 मिनट।
आज की पहेली
मेरा भारत मेरा गौरव।
संकेत के अनुसार हर अक्षर के स्थान पर वर्णमाला में उससे ठीक पहले वाला अक्षर रखना है।
- येला — य → म, ल → र = मेरा
- मालथ — म → भ, ल → र, थ → त = भारत
- घौलश — घ → ग, ल → र, श → व = गौरव
खोजबीन के लिए : ‘चाँद का कुर्ता’, ‘मिर्च का मज़ा’, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जीवनी और ‘हिमालय के पर्वतीय प्रदेश की मनोरम यात्रा’ पुस्तक के क्यू.आर. कोड से पढ़िए, देखिए और समझिए।