५. गोवा : जैसा मैंने देखा
लेखक — विनय शर्मा | संपूर्ण स्वाध्याय, अभिव्यक्ति, भाषा बिंदु और उपयोजित लेखन — महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मंडळ (लोकभारती)।
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स्वाध्याय (प्रश्न-उत्तर)
प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए : यात्रा के दौरान लेखक की दिनचर्या
- १. नीले पानीवाला पथरीला : अंजुना बीच
- २. रेतीला तथा उथला : बेनालियम बीच
- ३. सबसे लंबा : कलिंगवुड बीच
- ४. मछुआरों की पहली पसंद : बेनालियम बीच
- शीतल हवा के झोंके मन को प्रसन्न कर देते हैं।
- यहाँ का क्षेत्र हरीतिमा (हरियाली) से भरपूर है।
- अंजुना बीच पर नीला पानी काले पत्थरों पर पछाड़ खाता रहता है।
- चंद्रमा की चाँदनी में नहाकर समुद्र का नया ही चेहरा नजर आता है।
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- १. यहाँ रावण का पुतला कहीं भी नहीं जलाया जाता है।
- २. सुबह से लोग अपने वाहनों की सफाई कर उनकी पूजा करते हैं।
- ३. शाम को भगवान की एक पालकी मंदिर ले जाई जाती है।
- ४. इसके बाद एक विशेष पेड़ की पत्तियाँ तोड़कर लोग एक-दूसरे को बधाई देते हैं।
| समुद्र तट (बीच) | विशेषताएँ |
|---|---|
| १. बेनालियम बीच | १. यह रेतीला तथा उथला है। २. बहुत ही खूबसूरत तथा शांत जगह है। ३. यह मछुआरों की पहली पसंद है। |
| २. अंजुना बीच | १. यह नीले पानीवाला, गहरा और पथरीला है। २. समुद्र के पीछे हटने से काई ने अपना घर बना लिया है। ३. यह बॉलीवुड की पहली पसंद है। |
| ३. कलिंगवुड बीच | १. यह काफी रेतीला और गोवा का सबसे लंबा बीच (३ से ४ किमी) है। २. यह स्थानीय लोगों के व्यवसाय का केंद्र है जहाँ बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। ३. यहाँ कई हैरतअंगेज वॉटर स्पोर्ट्स और पैराग्लाइडिंग होते हैं। |
- विलोमार्थी शब्द : अदृश्य
- उपसर्ग युक्त शब्द : परिदृश्य / सुदृश्य
- प्रत्यय युक्त शब्द : दृश्यमान / दृश्यावली
- पर्यायवाची शब्द : नजारा / दर्शन
प्रकृति ही हमारे जीवन का आधार है और इसे स्वच्छ व सुंदर बनाए रखना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। प्रकृति को सुंदर बनाए रखने के लिए मैं छोटे-छोटे लेकिन महत्त्वपूर्ण कदम उठा सकता हूँ। सबसे पहले, मैं अपने आस-पास अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाऊँगा और उनकी देखभाल करूँगा। मैं कचरा हमेशा कूड़ेदान में ही डालूँगा और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करूँगा।
प्लास्टिक हमारे पर्यावरण के लिए सबसे बड़ा खतरा है, इसलिए मैं सिंगल-यूज़ (एक बार उपयोग होने वाले) प्लास्टिक का प्रयोग कम से कम करूँगा और बाजार जाते समय कपड़े की थैली का इस्तेमाल करूँगा। इसके अलावा, मैं पानी की बर्बादी रोकूँगा और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी नहीं फैलाऊँगा। मेरे इन छोटे-छोटे प्रयासों से ही प्रकृति की सुंदरता और हरियाली को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
भाषा बिंदु (व्याकरण)
| शब्द समूह | विशेषण | विशेषण का भेद | संज्ञा | संज्ञा का भेद |
|---|---|---|---|---|
| भयभीत गाय | भयभीत | गुणवाचक विशेषण | गाय | जातिवाचक संज्ञा |
| नीला पानी | नीला | गुणवाचक विशेषण | पानी | द्रव्यवाचक संज्ञा |
| दस लीटर दूध | दस लीटर | निश्चित परिमाणवाचक | दूध | द्रव्यवाचक संज्ञा |
| चालीस छात्र | चालीस | निश्चित संख्यावाचक | छात्र | जातिवाचक संज्ञा |
| कुछ लोग | कुछ | अनिश्चित संख्यावाचक | लोग | जातिवाचक संज्ञा |
| दो गज जमीन | दो गज | निश्चित परिमाणवाचक | जमीन | जातिवाचक संज्ञा |
| वही पानी | वही | सार्वनामिक विशेषण | पानी | द्रव्यवाचक संज्ञा |
| यह लड़का | यह | सार्वनामिक विशेषण | लड़का | जातिवाचक संज्ञा |
- भयभीत गाय : शेर की दहाड़ सुनकर भयभीत गाय भागने लगी।
- नीला पानी : समुद्र का नीला पानी देखकर मन प्रसन्न हो गया।
- दस लीटर दूध : हलवाई ने मिठाई बनाने के लिए दस लीटर दूध मँगवाया।
- चालीस छात्र : हमारी कक्षा में कुल चालीस छात्र उपस्थित थे।
- कुछ लोग : हादसे को देखने के लिए कुछ लोग वहाँ जमा हो गए।
- दो गज जमीन : किसानों को खेती के लिए दो गज जमीन भी नसीब नहीं हुई।
- वही पानी : बारिश का वही पानी नदियों में जाकर मिलता है।
- यह लड़का : यह लड़का पढ़ाई में बहुत होशियार है।
पाठ से विशेषण : छोटा-सा, पतली-सी, सफेद, तीखी, नीले, काले, उथला, सुस्वादु, खूबसूरत, शांत, लंबी-सी, मजेदार आदि।
- टैक्सी एक पतली-सी सड़क पर दौड़ पड़ी। (मूल धातु : पड़ना)
वाक्य : जोकर का चुटकुला सुनकर सभी बच्चे हँस पड़े। - शरीर को कुछ समय के लिए विश्राम मिल जाता है। (मूल धातु : जाना)
वाक्य : मेहनत करने से हर काम सफल हो जाता है। - हम आराम करने के इरादे से अपने-अपने स्यूट चले गए। (मूल धातु : जाना)
वाक्य : छुट्टियाँ शुरू होते ही वे अपने गाँव चले गए। - फिर भी धूप तीखी ही होती जाती है। (मूल धातु : जाना)
वाक्य : समय के साथ महँगाई बढ़ती जाती है। - सबके बावजूद यह अपने में एक सांस्कृतिक विरासत भी समेटे हुए है। (मूल धातु : होना)
वाक्य : आसमान में काले बादल छाए हुए हैं। - इधर बच्चे रेत का घर बनाने लगे। (मूल धातु : लगना)
वाक्य : बारिश शुरू होते ही मोर नाचने लगे। - अब समुद्र स्याह और भयावह दिखने लगा। (मूल धातु : लगना)
वाक्य : अंधेरा होते ही वह बच्चा डरने लगा। - यहाँ सुबह-सुबह बड़ी मात्रा में मछलियाँ पकड़ी जाती हैं। (मूल धातु : जाना)
वाक्य : कारखाने में नई मशीनें लगाई जाती हैं।
पाठ से सहायक क्रियाएँ : गए, था, है, उठी, रही, दी, लिया, पड़े, लगा, जाते ।
उपयोजित लेखन
दिनांक : २० अक्टूबर २०२४
प्रेषक :
विजय मोहिते,
वरदा सोसाइटी, विजयनगर,
कोल्हापुर - ४१६००१
ईमेल: vijay.mohite@email.com
प्रति,
व्यवस्थापक महोदय,
श्रीराम औषधि भंडार,
सीताबर्डी, नागपुर - ४४००१२
विषय : आयुर्वेदिक औषधियों की माँग के संबंध में।
महोदय,
मैं विजय मोहिते, कोल्हापुर का निवासी हूँ। मुझे ज्ञात हुआ है कि आपके औषधि भंडार में उच्च कोटि की और शुद्ध आयुर्वेदिक औषधियाँ उपलब्ध हैं, जो हमारे यहाँ आसानी से नहीं मिलतीं। मुझे अपने परिवार के लिए कुछ आवश्यक आयुर्वेदिक औषधियों की तुरंत आवश्यकता है।
कृपया निम्नलिखित औषधियाँ जल्द से जल्द वी.पी.पी. (V.P.P.) द्वारा मेरे ऊपर दिए गए पते पर भिजवाने का कष्ट करें :
- च्यवनप्राश (५०० ग्राम) — २ डिब्बे
- त्रिफला चूर्ण (१०० ग्राम) — ३ पैकेट
- अश्वगंधा चूर्ण (१०० ग्राम) — २ पैकेट
- गिलोय सत्व (५० ग्राम) — २ डिब्बे
- पंचतुलसी अर्क (३० मिली) — ३ शीशी
मैंने इस पत्र के साथ ५०० रुपये का ड्राफ्ट अग्रिम राशि (Advance) के रूप में संलग्न किया है। शेष राशि का भुगतान मैं पार्सल प्राप्त होने पर कर दूँगा। कृपया औषधियाँ भेजते समय यह सुनिश्चित करें कि वे अच्छी तरह पैक की गई हों और उनके उपयोग की अंतिम तिथि (Expiry Date) समाप्त न हुई हो।
आपके त्वरित उत्तर और उचित सेवा की आशा में।
धन्यवाद।
भवदीय,
विजय मोहिते