स्वयं अध्ययन / पुनरावर्तन ३, ४ एवं शब्द पहेली
चित्रवाचन (कहानी लेखन), पुनरावर्तन के प्रश्नोत्तर तथा शब्द पहेली का संपूर्ण हल। महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मंडळ (सुलभभारती)।
शेअर करेंAdvertisement
स्वयं अध्ययन (पृष्ठ ५०)
शीर्षक : एकता में बल है
एक जंगल में बहुत पुराना पेड़ था। उस पर बहुत से कबूतर रहते थे। एक दिन आसमान में ढेर सारे कबूतर उड़ रहे थे। उनका सरदार एक बुजुर्ग (बूढ़ा) कबूतर था। अचानक उन्हें नीचे जमीन पर बहुत सारा दाना बिखरा हुआ दिखाई दिया। भूख के कारण सभी कबूतर दाना चुगने के लिए नीचे उतरे।
लेकिन वहाँ एक बहेलिए (शिकारी) ने अपना जाल बिछा रखा था। दाना चुगते-चुगते सारे कबूतर उस जाल में फँस गए। वे घबराकर फड़फड़ाने लगे। तब उनके बुजुर्ग सरदार ने उन्हें समझाया, "घबराओ मत, अगर हम सब मिलकर एक साथ जोर लगाएँ, तो इस जाल को लेकर उड़ सकते हैं।"
सरदार की बात मानकर सभी कबूतरों ने एक साथ जोर लगाया और जाल समेत आसमान में उड़ गए। बहेलिया यह देखकर हक्का-बक्का रह गया और उनके पीछे दौड़ा, लेकिन कबूतर बहुत दूर निकल गए। वे दूर पहाड़ों की खाई में सुरक्षित उतर गए। वहाँ उनके चूहे मित्र ने जाल को अपने पैने दाँतों से काट दिया। सभी कबूतर मुक्त होकर फिर से खुले आसमान में खुशी-खुशी उड़ने लगे।
सीख : एकता में ही बल (ताकत) है। मिलकर काम करने से कोई भी बड़ा संकट आसानी से दूर किया जा सकता है।
पुनरावर्तन - ३ (पृष्ठ ५१)
घायल पक्षी को देखकर मेरे मन में दया और करुणा के भाव आते हैं। मुझे लगता है कि उसे तुरंत सहायता मिलनी चाहिए। मैं उसे प्यार से उठाकर सुरक्षित जगह पर रखूँगा, उसे पानी पिलाऊँगा और उसके घाव पर दवा लगाऊँगा, ताकि वह जल्दी से ठीक होकर फिर से आसमान में उड़ सके।
दिए गए वाक्यों में प्रयुक्त शब्द जैसे — मैं, वह, उसके, उसे आदि सर्वनाम (Pronouns) हैं, जो संज्ञा (नाम) के स्थान पर आए हैं।
अक्षरों को सही क्रम में लगाकर अर्थपूर्ण शब्द इस प्रकार बनेंगे:
| ख आँ | आँख | नका | कान |
| जगका | कागज | रदबं | बंदर |
| ईरपाचा | चारपाई | लाशाठपा | पाठशाला |
| र पै | पैर | ठ हों | होंठ |
| टना घु | घुटना | तरभा | भारत |
| वलीदीपा | दीपावली | वालरीफु | फुलवारी |
यह एक चित्रकला और रचनात्मक गतिविधि है। विद्यार्थी वर्णों (अक्षरों) के अवयवों और आकारों का उपयोग करके अपनी कल्पना से चित्र बनाएँ (जैसे पाठ्यपुस्तक में हाथी, तितली, कैंची आदि बनाए गए हैं)।
Advertisement
पुनरावर्तन - ४ (पृष्ठ ५२)
पाठ्यपुस्तक की तालिका के आधार पर निम्नलिखित वाक्य बनते हैं, इन्हें पढ़ें और दोहराएँ:
- मैं जा रहा हूँ। / मैं जा रही हूँ।
- हम जा रहे हैं। / हम जा रही हैं।
- तू जा रहा है। / तू जा रही है।
- तुम जा रहे हो। / तुम जा रही हो।
- आप जा रहे हैं। / आप जा रही हैं।
- यह जा रहा है। / यह जा रही है।
- वह जा रहा है। / वह जा रही है।
- ये जा रहे हैं। / ये जा रही हैं।
- वे जा रहे हैं। / वे जा रही हैं।
इस स्थिति में मेरे मन में अपने मित्र की सहायता करने का भाव जगेगा। मेले में जाकर मजे करने से ज्यादा जरूरी मित्र की पढ़ाई है। मैं उन तीस रुपयों से अपने मित्र को कॉपी खरीदकर दूँगा, ताकि उसकी पढ़ाई का नुकसान न हो। एक सच्चे मित्र की मदद करने में मुझे मेले से ज्यादा खुशी मिलेगी।
चित्रों में ट्रैफिक सिग्नल और जेब्रा क्रॉसिंग (Zebra crossing) दिखाया गया है।
- लाल बत्ती (Red Light) : गाड़ियाँ रुक जाती हैं। इस समय पैदल चलने वालों को जेब्रा क्रॉसिंग से सड़क पार करनी चाहिए।
- पीली बत्ती (Yellow Light) : यह चलने के लिए तैयार होने का संकेत है।
- हरी बत्ती (Green Light) : गाड़ियाँ चलने लगती हैं। इस समय पैदल यात्रियों को सड़क पार नहीं करनी चाहिए।
सावधानी : सड़क पार करते समय मैं हमेशा जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करता हूँ। मैं पहले दाईं ओर, फिर बाईं ओर देखता हूँ और गाड़ियाँ रुकी होने पर (लाल बत्ती होने पर) ही सुरक्षित रूप से सड़क पार करता हूँ।
(क) बड़ों से बातचीत करोगे।
(ख) खेलने जाओगे।
(ग) गाना सुनोगे अथवा गाओगे।
(घ) आराम करोगे।
यदि मुझे परीक्षा से डर लग रहा है, तो मैं (क) बड़ों से बातचीत करूँगा। माता-पिता या शिक्षकों से बात करने से मन का डर कम होता है और वे सही मार्गदर्शन देकर हमारा आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।
शब्द पहेली (पृष्ठ ५४)
पहेली में छिपे फूलों और फलों के नाम निम्नलिखित हैं: