३. दादी माँ का परिवार
रमाकांत 'कांत' रचित कहानी 'दादी माँ का परिवार' का संपूर्ण स्वाध्याय, प्रश्न-उत्तर और व्याकरण।
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मैंने समझा : इस कहानी से मैंने यह समझा कि परिवार में प्यार और एकता का बहुत महत्त्व है। दादी माँ के परिवार में नीलू चिड़िया, चिंकी चुहिया और उनके बच्चे आपस में मिल-जुलकर रहते थे। जब पक्षी बहेलिए के जाल में फँस गए, तो वे घबराए नहीं बल्कि टीनू की युक्ति और एकता की ताकत से जाल लेकर उड़ गए। अंत में चिंकी चुहिया ने जाल काटकर उन्हें आजाद किया। इससे यह शिक्षा मिलती है कि संकट के समय शांति, एकाग्रता, धैर्य और एकता से काम लेने पर हर मुश्किल से बचा जा सकता है। 'एकता में बल है' (एक और एक ग्यारह होते हैं)।
स्वाध्याय
घटनाओं का सही क्रम :
(च) चिड़िया कहाँ रहती थी ?
चिड़िया घर के आँगन में लगे बरगद के पेड़ पर घोंसला बनाकर रहती थी।
(छ) बहेलिया कब ठगा-सा रह गया ?
जब सभी पक्षी अपनी एकता की ताकत दिखाते हुए जाल सहित आकाश में उड़ गए, तब बहेलिया उन्हें देखकर ठगा-सा रह गया।
(ज) दादी माँ सुबह उठकर क्या करतीं ?
दादी माँ सुबह उठकर घर बुहारती-सँवारतीं, आँगन में आसन धरतीं, खाना बनातीं, खातीं और अपने परिवारजनों से बतियातीं (बातें करतीं)।
(झ) चुसकू-मुसकू ने किससे जाल काटा ?
चुसकू-मुसकू (चुहिया के बच्चों) ने अपने पैने (तेज) दाँतों से जाल काटा।
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भाषा की ओर
| शब्द (एकवचन/बहुवचन) | वचन बदलकर (नया शब्द) | वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|
| थैलियाँ (बहुवचन) | थैली (एकवचन) | बाजार जाते समय कपड़े की थैली साथ ले जानी चाहिए। |
| पंखा (एकवचन) | पंखे (बहुवचन) | गर्मी के मौसम में सभी पंखे तेज चलते हैं। |
| दीवार (एकवचन) | दीवारें (बहुवचन) | मेरे घर की दीवारें नीले रंग की हैं। |
| राजा (एकवचन) | राजा (बहुवचन में भी समान) | प्राचीन काल में अनेक राजा न्यायप्रिय होते थे। |
| वस्तुएँ (बहुवचन) | वस्तु (एकवचन) | दुकान में रखी यह वस्तु बहुत सुंदर है। |
| भेड़िया (एकवचन) | भेड़िए (बहुवचन) | जंगल में रात के समय भेड़िए चिल्लाते हैं। |
| बहू (एकवचन) | बहुएँ (बहुवचन) | गाँव की सभी बहुएँ मिलकर त्योहार मना रही थीं। |
| रोटी (एकवचन) | रोटियाँ (बहुवचन) | माँ ने मेरे लिए गरमागरम रोटियाँ बनाईं। |
अन्य कृतियाँ
यदि प्राकृतिक संसाधन (जल, वन आदि) समाप्त हो जाएँ, तो पृथ्वी पर जीवन असंभव हो जाएगा।
जल के बिना मनुष्य, पशु-पक्षी और पेड़-पौधे जीवित नहीं रह सकेंगे। खेती नहीं होगी, जिससे अन्न का उत्पादन रुक जाएगा और सब ओर अकाल फैल जाएगा।
वन (जंगल) नष्ट होने से प्राणवायु (ऑक्सीजन) की कमी हो जाएगी। वर्षा चक्र बिगड़ जाएगा और पर्यावरण में संतुलन समाप्त हो जाएगा। अनेक वन्य जीव बेघर होकर मर जाएँगे। अतः हमें प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना चाहिए।
राजू एक होनहार लड़का था। उसे पढ़ने का बहुत शौक था। एक दिन वह अपनी मनपसंद पुस्तक पढ़ रहा था। अचानक उसे जोर से प्यास लगी, तो वह पानी पीने के लिए रसोईघर में गया।
तभी उसने देखा कि एक छोटी-सी भूखी बिल्ली रसोईघर की खिड़की पर बैठी है। राजू को उस पर दया आ गई। उसने बिल्ली को कटोरी में थोड़ा दूध दिया। बिल्ली दूध पीकर खुश हो गई और राजू के पैरों से रगड़ने लगी।
कुछ दिनों बाद रक्षाबंधन का त्योहार आया। राजू की बहन ने उसकी कलाई पर एक सुंदर-सी राखी बाँधी। राजू बहुत खुश था, क्योंकि उस दिन वह बिल्ली भी म्याऊँ-म्याऊँ करती हुई उसके पास आ गई थी। बिल्ली अब राजू की अच्छी दोस्त बन चुकी थी। राजू ने उसे सहलाया और सोचने लगा कि प्यार और दया से हम किसी को भी अपना दोस्त बना सकते हैं।
| राज्य का नाम | अभयारण्य (National Park) का नाम | विशेषताएँ |
|---|---|---|
| महाराष्ट्र (स्वयं का राज्य) | ताडोबा-अंधारी राष्ट्रीय उद्यान (चंद्रपुर) | यह महाराष्ट्र का सबसे पुराना और बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है। यह मुख्य रूप से बाघों (Tigers) के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ तेंदुए, भालू और हिरण भी पाए जाते हैं। |
| मध्य प्रदेश (पड़ोसी राज्य) | कान्हा राष्ट्रीय उद्यान (मंडला-बालाघाट) | यह भारत के प्रमुख टाइगर रिजर्व में से एक है। यहाँ विशेष रूप से 'बारहसिंगा' (स्वैम्प डियर) पाया जाता है, जो कान्हा का गौरव है। इसके अलावा बाघ, तेंदुआ, चीतल और गौर भी यहाँ मिलते हैं। |