५. बंदर का धंधा
नरेंद्र गोयल रचित हास्य कविता 'बंदर का धंधा' का संपूर्ण स्वाध्याय, भावार्थ व शब्दार्थ। महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मंडळ (सुलभभारती).
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कविता का भावार्थ : इस मजेदार कविता में कवि नरेंद्र गोयल जी ने जड़ी-बूटियों (वनौषधियों) से होने वाले पारंपरिक इलाज के बारे में बताया है। एक दिन बंदर को एक टूटा-फूटा आला (Stethoscope) मिल जाता है और वह पेड़ के नीचे कुरसी-मेज लगाकर डॉक्टर बन जाता है। उसके पास इलाज कराने भालू, बिल्ली और लोमड़ी आते हैं। बंदर भालू को खाँसी-जुकाम के लिए तुलसी और पीपल की जड़ देता है; बिल्ली को बुखार उतारने के लिए गिलोय का रस देता है; और लोमड़ी को सुंदर बनने के लिए घी कुँवार (एलोवेरा) लगाने को कहता है। इस तरह डॉक्टर बंदर का धंधा खूब चल पड़ता है और वह जंगल से जड़ी-बूटियाँ लाकर मजे से दिन बिताने लगता है।
शब्दार्थ व शब्दयुग्म
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| आला | डॉक्टरों द्वारा उपयोग किया जाने वाला उपकरण (Stethoscope) |
| छू-मंतर होना | गायब हो जाना, ठीक हो जाना |
| गिलोय | एक प्रकार की औषधीय बेल (Giloy) |
| बूटी | जड़ी-बूटी, वनौषधि (Herb) |
| घी कुँवार | एलोवेरा (Aloe vera) |
| कुंदन | शुद्ध सोना (Pure gold) |
कविता में आए शब्दयुग्म (Hyphenated words) :
स्वाध्याय एवं प्रश्नोत्तर
बंदर के हाथ एक दिन एक टूटा-फूटा आला (Stethoscope) लगा।
भालू को खाँसी और जुकाम हुआ था। बंदर ने उसे तुलसी के पत्ते और पीपल की जड़ देकर कहा कि इन्हें पानी में उबालकर सुबह-शाम पीना। जब खाँसी छू-मंतर हो जाए, तभी फीस देना।
बिल्ली को एक सौ चार बुखार था। बंदर ने उसे गिलोय का रस दिन में तीन बार पीने को कहा, ताकि वह अगले दिन से ही डांस कर सके।
लोमड़ी चाहती थी कि कोई ऐसी जड़ी-बूटी मिले जिससे वह सबसे अधिक सुंदर और चिकनी दिखे। बंदर ने उसे 'घी कुँवार' (एलोवेरा) दिन में दोनों समय चेहरे पर लगाने की सलाह दी, जिससे उसका चेहरा कुंदन (सोने) जैसा चमकने लगेगा।
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जड़ी-बूटियाँ (Herbs/Ayurveda) प्राकृतिक औषधियाँ होती हैं। इनके लाभ निम्नलिखित हैं:
- १. इनके उपयोग से शरीर को कोई नुकसान (Side effect) नहीं होता।
- २. तुलसी, अदरक और पीपल जैसी जड़ी-बूटियाँ खाँसी-जुकाम जैसी आम बीमारियों को जड़ से खत्म कर देती हैं।
- ३. गिलोय से हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ती है और बुखार उतरता है।
- ४. एलोवेरा (घी कुँवार) हमारी त्वचा (Skin) को सुंदर, चमकदार और स्वस्थ बनाता है।
- ५. ये दवाइयाँ आसानी से हमारे घर या आसपास के जंगलों में मिल जाती हैं।
कक्षा में करने योग्य कृतियाँ
१. सस्वर पाठ : विद्यार्थियों से हाव-भाव और लय-ताल के साथ कविता का वाचन करवाएँ।
२. नाट्यीकरण : कक्षा में एक विद्यार्थी को 'डॉ. बंदर' और अन्य विद्यार्थियों को भालू, बिल्ली तथा लोमड़ी बनाकर कविता के प्रसंगों का छोटा-सा नाटक करवाएँ।
३. हास्य कविताएँ : विद्यार्थियों को अन्य मनोरंजक व हास्य कविताएँ पढ़कर सुनाने के लिए प्रेरित करें।