५. खेती से आई तब्दीलियाँ
पं. जवाहरलाल नेहरू के पत्र पर आधारित सभी कृतियों के संपूर्ण उत्तर — प्रवाह तालिका, कारण, भाषा बिंदु, निबंध और मौलिक सृजन.
शेअर करेंAdvertisement
सूचना के अनुसार कृतियाँ करो
| कथन | कारण |
|---|---|
| अ. अनाज सुरक्षित रखना प्रारंभ हुआ। | खेती से एक फसल में जरूरत से अधिक अनाज मिलने लगा। अतिरिक्त अनाज को बाद के लिए सुरक्षित रख दिया जाता था। |
| आ. मनुष्य को रोज शिकार खेलना पड़ता था। | शिकार के समय मनुष्य जितना पाता था, वह प्रायः उसी समय पेट भरने के लिए पर्याप्त होता था। उसके पास अतिरिक्त भोजन सुरक्षित रखने की व्यवस्था नहीं थी। |
| इ. दुनिया में गरीब आदमी हैं। | पाठ के अनुसार धन और बचत का असमान बँटवारा एक कारण है। अधिक बचत वाले लोग मालदार होते हैं, जबकि कुछ मेहनतकश लोगों के पास बचत नहीं रह पाती। |
| ई. लोग बैंक में रुपये रखते हैं। | लोग अपनी अतिरिक्त राशि को सुरक्षित रखने के लिए बैंक में जमा करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर उसे निकाल सकते हैं। |
सबसे पहले मर्दों और औरतों के बीच काम बँटना शुरू हुआ। आगे चलकर शिकार, खेती, हल चलाने आदि काम अलग-अलग लोगों में बँट गए और नए-नए पेशे विकसित हुए।
| शब्द समूह | एक शब्द |
|---|---|
| क. जानवरों को चराने की जगह | चरागाह |
| ख. जिनके पास बहुत से अतिरिक्त रुपये हैं | मालदार |
| अशुद्ध वाक्य | शुद्ध वाक्य |
|---|---|
| बड़े दुखी लग रहे हो क्या हुआ | बड़े दुखी लग रहे हो, क्या हुआ? |
| अरे रामू के बापू घोड़े बेचकर सो रहे हो | अरे रामू के बापू, घोड़े बेचकर सो रहे हो? |
| तुम्हारे दाने कहा है | तुम्हारे दाने कहाँ हैं? |
Advertisement
उपयोजित लेखन
तंबाकू सेवन के दुष्परिणाम
तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, खैनी और अन्य तंबाकू पदार्थों के सेवन से शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे मुँह, गले और फेफड़ों से संबंधित गंभीर रोग हो सकते हैं। तंबाकू में पाया जानेवाला निकोटिन व्यक्ति को इसकी आदत डाल देता है और धीरे-धीरे सेवन बढ़ता जाता है। तंबाकू के कारण दाँत और मसूड़े भी खराब होते हैं। इससे परिवार पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता है। तंबाकू का सेवन करनेवाले व्यक्ति को स्वयं भी जागरूक होना चाहिए और दूसरों को भी इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करना चाहिए। स्वस्थ जीवन के लिए तंबाकू से पूर्ण दूरी रखना आवश्यक है।
मौलिक सृजन
आधुनिक कृषि प्रयोगों और तकनीकों से कम समय तथा कम श्रम में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। सिंचाई की आधुनिक पद्धतियों से पानी की बचत होती है। उन्नत बीजों और वैज्ञानिक खेती से फसल की गुणवत्ता बढ़ती है। आधुनिक यंत्रों से खेती का काम अधिक सरल और सुविधाजनक होता है।