कक्षा ९ हिंदी · पहली इकाई (पूरक पठन)

१०. रात का चौकीदार

सुरेश कुशवाहा तन्मय — संजाल, कारण लिखिए, भाषा बिंदु (संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया), अभिनंदन पत्र तथा मौलिक सृजन के सभी प्रश्नों के उत्तर।

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पाठ का परिचय : प्रस्तुत पाठ 'रात का चौकीदार' एक लघुकथा है। लेखक सुरेश कुशवाहा तन्मय जी ने इसके माध्यम से समाज में चौकीदार जैसे निरीह व्यक्ति की ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और उसकी असुरक्षा का सजीव वर्णन किया है। साथ ही कुछ लोगों की मुफ्तखोरी की प्रवृत्ति पर भी कटाक्ष किया है ।

पाठ के आँगन में (स्वाध्याय)

१कृतियाँ पूर्ण कीजिए :

(क) संजाल : चौकीदार से मारपीट करने वाले

नशे-पत्तेवाले
गुंडे-बदमाश

(ख) लिखिए :

  1. चौकीदार द्वारा पैसे न देने वाले घरों की भी रखवाली करने का कारण — उसे डर रहता है कि यदि उनके घर में चोरी हो गई, तो पुलिस पूछताछ के लिए उसी को पकड़ेगी, और घर के मालिक भी उस पर झूठा आरोप लगा सकते हैं कि पैसे न देने के कारण चौकीदार ने ही चोरी करवाई है।
  2. चौकीदार की असुरक्षा का कारण — रात में वह अकेला और निहत्था होता है, गुंडे-बदमाशों से उसका आमना-सामना हो जाता है, और बिना किसी ऊपरी दबाव के वह पूरी सोसाइटी की रखवाली अकेले ही करता है।
२नीचे दिए गए अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच शब्द बनाकर अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए :

पाठ पर आधारित :

  • (च) रातों में सड़क पर लाठी ठोंकते, सीटी बजाकर पहरा देने वाला — चौकीदार
  • (छ) अपनी जिम्मेदारियाँ तथा कर्तव्य निभाने वाला — कर्तव्यनिष्ठ

अन्य ५ शब्द और उनका वाक्य प्रयोग :

अनेक शब्दएक शब्दवाक्य प्रयोग
१. जो ईश्वर में विश्वास रखता होआस्तिकमेरे दादाजी आस्तिक विचार वाले व्यक्ति हैं।
२. जो साथ काम करता होसहकर्मीमेरे सभी सहकर्मी बहुत सहयोगी स्वभाव के हैं।
३. काम से जी चुराने वालाकामचोरएक कामचोर व्यक्ति जीवन में कभी सफल नहीं हो सकता।
४. जो कभी न मरेअमरदेश के लिए प्राण देने वाले वीरों का नाम अमर हो जाता है।
५. जिसके हृदय में दया न होनिर्दयीशिकारी ने एक निर्दयी की तरह मासूम हिरण को मार दिया।
३घटना के अनुसार वाक्यों का उचित क्रम लगाकर लिखिए :

सही क्रम (Chronological Order):

१. (त) ऐसा पहले मेरे साथ हो चुका है साब जी ।
२. (द) रात में अकेले घूमते तुम्हें डर नहीं लगता ।
३. (थ) जैसी आप की इच्छा साब जी ।

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४'लूट-डकैती करने वालों ने चौकीदार से मारपीट की' यह समाचार पढ़कर मन में आए विचार लिखिए।

चौकीदार अपनी जान जोखिम में डालकर रातभर जागकर हमारी सुरक्षा करता है। जब मैं 'लूट-डकैती करने वालों ने चौकीदार से मारपीट की' ऐसा समाचार पढ़ता हूँ, तो मेरे मन में गहरी संवेदना और दुख उत्पन्न होता है। यह घटना दर्शाती है कि जो समाज की रक्षा करता है, वह स्वयं कितना असुरक्षित है।

गुंडे-बदमाशों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि वे अपना कर्तव्य निभाने वाले एक निरीह और निहत्थे व्यक्ति पर भी हाथ उठाने से नहीं हिचकिचाते। हमें चाहिए कि हम अपने चौकीदारों के प्रति सम्मान और सहानुभूति रखें। सोसाइटी के लोगों को मिलकर उन्हें आवश्यक सुरक्षा उपकरण (जैसे टॉर्च, सायरन, संचार साधन) प्रदान करने चाहिए और किसी भी मुसीबत के समय उनकी आर्थिक व मानसिक मदद के लिए आगे आना चाहिए।

भाषा बिंदु (व्याकरण)

५(१) निम्न वाक्यों में से सर्वनाम एवं क्रियाएँ छाँटकर भेदों सहित लिखिए :

वाक्य : "चाहे कुछ भी हो जाए, मैं निज व्रत नहीं छोड़ता । मैं सदैव अपना कर्म करता हूँ और अन्यों से करवाता भी हूँ।"

शब्दसर्वनाम का भेद
कुछअनिश्चयवाचक सर्वनाम
मैंपुरुषवाचक सर्वनाम (उत्तम पुरुष)
निजनिजवाचक सर्वनाम
अपनानिजवाचक सर्वनाम
अन्योंअन्य पुरुषवाचक सर्वनाम
शब्दक्रिया का भेद
हो जाएसंयुक्त क्रिया
छोड़तामुख्य क्रिया
करता (हूँ)मुख्य क्रिया (और 'हूँ' सहायक क्रिया)
करवाताप्रेरणार्थक क्रिया (द्वितीय प्रेरणार्थक)
६(२) निम्न में से संज्ञा तथा विशेषण पहचानकर भेदों सहित लिखिए :

वाक्य : "मोहन ने फलों की टोकरी में कुछ रसीले आम, थोड़े से बेर तथा कुछ अंगूर के गुच्छे साफ पानी से धोकर रखवा दिए ।"

शब्दसंज्ञा का भेद
मोहनव्यक्तिवाचक संज्ञा
फलों, आम, बेर, अंगूरजातिवाचक संज्ञा
टोकरीजातिवाचक संज्ञा
गुच्छेसमूहवाचक संज्ञा
पानीद्रव्यवाचक संज्ञा
शब्दविशेषण का भेद
कुछ, थोड़े सेअनिश्चित संख्यावाचक / परिमाणवाचक विशेषण
रसीलेगुणवाचक विशेषण
साफगुणवाचक विशेषण

अभिव्यक्ति (मौलिक सृजन / लेखनीय)

७मौलिक सृजन : 'पुलिस समाज की रक्षक' इस बारे में अपना मत लिखिए।

पुलिस हमारे समाज की शांति और सुरक्षा का मुख्य आधार है। समाज में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और नागरिकों की जान-माल की रक्षा करना पुलिस का परम कर्तव्य है। जब हम अपने घरों में चैन की नींद सोते हैं या त्योहार मनाते हैं, तब पुलिसकर्मी अपने परिवार से दूर रहकर आम जनता की सेवा में दिन-रात चौराहों पर तैनात रहते हैं।

यातायात (ट्रैफिक) नियंत्रण से लेकर, दंगों को रोकने और खतरनाक अपराधियों को पकड़ने तक का जोखिम भरा काम पुलिस ही करती है। प्राकृतिक आपदाओं या दुर्घटनाओं के समय भी पुलिस बचाव कार्य में सबसे आगे रहती है। इसलिए यह सत्य है कि पुलिस समाज की रक्षक है। एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमारा भी कर्तव्य है कि हम नियमों का पालन करें और पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग करें।

८लेखनीय : अपने परिसर के चौकीदार द्वारा अच्छा कार्य करने हेतु अभिनंदन करने वाला पत्र लिखिए।

दिनांक: २० नवंबर, २०२६

प्रति,
श्री बहादुर थापा (चौकीदार),
शिवाजी नगर हाउसिंग सोसाइटी,
पुणे।

विषय : उत्कृष्ट और साहसिक कार्य हेतु अभिनंदन पत्र।

महोदय,

मैं शिवाजी नगर हाउसिंग सोसाइटी के सचिव के रूप में सभी निवासियों की ओर से आपको यह अभिनंदन पत्र लिख रहा हूँ।

पिछले सप्ताह जिस प्रकार आपने अपनी सूझबूझ और बहादुरी से हमारी सोसाइटी में चोरी होने से बचाई और अकेले ही चोरों का सामना कर उन्हें पुलिस के हवाले किया, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। आपकी सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी के कारण ही हम सभी सोसाइटी वासी रात में चैन की नींद सो पाते हैं।

आपके इस साहसिक और उत्कृष्ट कार्य के लिए पूरी सोसाइटी आपका हृदय से अभिनंदन करती है। आपकी इस निष्ठा के सम्मान में हम सभी निवासी मिलकर आपको एक छोटी-सी नकद राशि पुरस्कार स्वरूप भेंट कर रहे हैं। हम आशा करते हैं कि भविष्य में भी आप इसी तत्परता से हमारी सोसाइटी की रक्षा करेंगे।

धन्यवाद।

भवदीय,
अमन शर्मा
सचिव,
शिवाजी नगर हाउसिंग सोसाइटी, पुणे