कक्षा 10 हिंदी · स्पर्श भाग 2 · हबीब तनवीर · एकांकी

14. कारतूस

हबीब तनवीर का एकांकी — सार, प्रश्न-उत्तर, आशय और भाषा अध्ययन. NCERT हिंदी स्पर्श (भाग 2).

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पाठ का परिचय : ‘कारतूस’ हबीब तनवीर का एकांकी है। इसका समय सन् 1799 है और स्थान गोरखपुर के जंगल में कर्नल कालिंज का खेमा है। अवध के नवाब रहे वज़ीर अली अंग्रेजों के कट्टर दुश्मन थे। एकांकी में वज़ीर अली अकेले ही अंग्रेजों के खेमे में पहुँचकर कर्नल से कारतूस ले जाते हैं।

पाठ का सार

★एकांकी संक्षेप में

कर्नल कालिंज और एक लेफ्टिनेंट खेमे में बातें कर रहे हैं। कई हफ़्तों से उनकी फ़ौज वज़ीर अली को पकड़ने के लिए जंगल में डेरा डाले है, पर वह हाथ नहीं आता। कर्नल बताता है कि वज़ीर अली ने लगभग पाँच महीने शासन किया और अवध के दरबार को अंग्रेजी असर से लगभग मुक्त कर दिया। अंग्रेजों ने उसे हटाकर सआदत अली को नवाब बना दिया।

वज़ीर अली को बनारस भेज दिया गया था। वहाँ कंपनी के वकील ने उसे बुरा-भला कहा, तो उसने खंजर से वकील का काम तमाम कर दिया। अब वह नेपाल पहुँचकर ताकत बढ़ाना चाहता है और अंग्रेजों को हिंदुस्तान से निकालना चाहता है।

तभी एक सवार तेजी से खेमे की ओर आता है। वह कर्नल से अकेले में बात करता है और वज़ीर अली को पकड़ने के लिए कुछ कारतूस माँगता है। कर्नल उसे दस कारतूस दे देता है। जाते-जाते सवार अपना नाम ‘वज़ीर अली’ बताता है और कहता है कि कारतूस देने के कारण उसने कर्नल की जान बख्श दी। कर्नल हक्का-बक्का रह जाता है और कहता है — ‘एक जाँबाज़ सिपाही।’

मौखिक — एक-दो पंक्तियों में उत्तर

1कर्नल कालिंज का खेमा जंगल में क्यों लगा हुआ था?

कंपनी के हुक्म से वज़ीर अली को गिरफ्तार करने के लिए कर्नल कालिंज का खेमा जंगल में लगा हुआ था।

2वज़ीर अली से सिपाही क्यों तंग आ चुके थे?

हफ़्तों से जंगल में खेमा डालने और लगातार पीछा करने के बाद भी वज़ीर अली हाथ नहीं आ रहा था। इसलिए सिपाही तंग आ चुके थे।

3कर्नल ने सवार पर नज़र रखने के लिए क्यों कहा?

सवार अकेला होते हुए भी सरपट घोड़ा दौड़ाता हुआ सीधा खेमे की ओर आ रहा था। उसके इरादे पर संदेह होने के कारण कर्नल ने उस पर नज़र रखने को कहा।

4सवार ने क्यों कहा कि वज़ीर अली की गिरफ़्तारी बहुत मुश्किल है?

सवार ने कहा कि वज़ीर अली एक जाँबाज़ (बहादुर) सिपाही है, इसलिए उसे पकड़ना बहुत मुश्किल है। वास्तव में सवार स्वयं वज़ीर अली था और अपनी पहचान छिपा रहा था।

लिखित (क) — 25-30 शब्दों में उत्तर

1वज़ीर अली के अफ़साने सुनकर कर्नल को रॉबिनहुड की याद क्यों आ जाती थी?

रॉबिनहुड की तरह वज़ीर अली भी बहादुर, साहसी और चतुर था। वह शक्तिशाली अंग्रेजी फ़ौज को बरसों से चकमा दे रहा था और पकड़ में नहीं आता था। उसके साहसी कारनामे सुनकर कर्नल को रॉबिनहुड की याद आ जाती थी।

2सआदत अली कौन था? उसने वज़ीर अली की पैदाइश को अपनी मौत क्यों समझा?

सआदत अली अवध के नवाब आसिफ़उद्दौला का भाई और वज़ीर अली का दुश्मन था। आसिफ़उद्दौला के कोई लड़का होने की उम्मीद नहीं थी, इसलिए सआदत अली स्वयं को अगला नवाब मानता था। वज़ीर अली के जन्म से उसकी यह आशा खत्म हो गई, इसलिए उसने इसे अपनी मौत समझा।

3सआदत अली को अवध के तख्त पर बिठाने के पीछे कर्नल का क्या मकसद था?

सआदत अली अंग्रेजों का हितैषी और ऐशपसंद आदमी था। अंग्रेज उसे कठपुतली की तरह इस्तेमाल कर सकते थे। उसने अपनी आधी जायदाद और दस लाख रुपये नकद अंग्रेजों को दे दिए। इस तरह अंग्रेज अवध पर अपना प्रभाव और धन दोनों पाना चाहते थे।

4कंपनी के वकील का कत्ल करने के बाद वज़ीर अली ने अपनी हिफ़ाज़त कैसे की?

वकील का कत्ल करने के बाद वज़ीर अली अपने वफ़ादार साथियों के साथ आज़मगढ़ की ओर भाग गया। आज़मगढ़ के शासक ने उन्हें अपनी सुरक्षा में घागरा तक पहुँचा दिया। तब से वह जंगलों में छिपकर रह रहा था।

5सवार के जाने के बाद कर्नल क्यों हक्का-बक्का रह गया?

जिस वज़ीर अली को पकड़ने के लिए कर्नल बरसों से फ़ौज लेकर भटक रहा था, वही उसके सामने अकेला आया, उससे कारतूस लेकर चला गया और उसकी जान भी बख्श दी। कर्नल उसे पहचान भी न सका। इसी कारण वह हक्का-बक्का रह गया।

लिखित (ख) — 50-60 शब्दों में उत्तर

1लेफ़्टिनेंट को ऐसा क्यों लगा कि कंपनी के खिलाफ़ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई है?

कर्नल ने बताया कि वज़ीर अली, टीपू सुल्तान और बंगाल के नवाब के रिश्तेदार शमसुद्दौला — सभी ने अफ़गानिस्तान के बादशाह शाहे-ज़मा को हिंदुस्तान पर हमला करने का निमंत्रण दिया है। देश के अलग-अलग भागों के शासक अंग्रेजों के विरुद्ध एकजुट हो रहे थे। इसलिए लेफ़्टिनेंट को लगा कि कंपनी के खिलाफ़ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई है।

2वज़ीर अली ने कंपनी के वकील का कत्ल क्यों किया?

अंग्रेजों ने वज़ीर अली को नवाब के पद से हटाकर बनारस भेज दिया था। कुछ महीने बाद गवर्नर जनरल ने उसे कलकत्ता बुलाया। वज़ीर अली ने इसकी शिकायत कंपनी के वकील से की। वकील ने उसकी शिकायत सुनने के बजाय उसे बुरा-भला कहा। वज़ीर अली के मन में अंग्रेजों के प्रति पहले से ही नफ़रत भरी थी, इसलिए उसने खंजर से वकील का कत्ल कर दिया।

3सवार ने कर्नल से कारतूस कैसे हासिल किए?

सवार ने खेमे में आकर कर्नल से अकेले में बात करने की इच्छा जताई। उसने ऐसा व्यवहार किया मानो वह अंग्रेजों का मददगार हो। उसने कहा कि वज़ीर अली को पकड़ने के लिए उसे कुछ कारतूस चाहिए। कर्नल ने उस पर विश्वास करके उसे दस कारतूस दे दिए। इस तरह सवार ने अपनी चतुराई से कारतूस हासिल कर लिए।

4वज़ीर अली एक जाँबाज़ सिपाही था, कैसे? स्पष्ट कीजिए।
  • उसने केवल पाँच महीने में अवध के दरबार को अंग्रेजी असर से लगभग मुक्त कर दिया।
  • उसने अंग्रेजी कंपनी के वकील को उसके घर में ही मार डाला।
  • मुट्ठी भर साथियों के साथ वह बरसों से अंग्रेजी फ़ौज को चकमा दे रहा था।
  • वह अकेला ही दुश्मन के खेमे में पहुँचा, कर्नल से कारतूस लिए और उसकी जान बख्शकर निकल गया।
  • इसीलिए स्वयं कर्नल ने भी उसे ‘एक जाँबाज़ सिपाही’ कहा।

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लिखित (ग) — आशय स्पष्ट कीजिए

1‘मुट्ठीभर आदमी और ये दमखम।’

वज़ीर अली के पास बहुत थोड़े साथी थे, फिर भी उनमें इतना साहस और शक्ति थी कि वे शक्तिशाली अंग्रेजी फ़ौज को बरसों से परेशान कर रहे थे। कर्नल यह कहकर उनकी हिम्मत पर आश्चर्य प्रकट करता है।

2‘गर्द तो ऐसे उड़ रही है जैसे कि पूरा एक काफ़िला चला आ रहा हो ...’

सवार इतनी तेजी से घोड़ा दौड़ा रहा था कि उससे उड़ने वाली धूल देखकर लगता था कि पूरा काफ़िला आ रहा है। पर वास्तव में वह अकेला सवार था। इससे सवार की तेजी और साहस का पता चलता है।

भाषा अध्ययन

1एक-एक पर्याय
शब्दपर्याय
खिलाफ़विरुद्ध
पाकपवित्र
उम्मीदआशा
हासिलप्राप्त
कामयाबसफल
वज़ीफ़ावृत्ति, छात्रवृत्ति
नफ़रतघृणा
हमलाआक्रमण
इंतज़ारप्रतीक्षा
मुमकिनसंभव
2मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग
मुहावरावाक्य
आँखों में धूल झोंकनाचोर पुलिस की आँखों में धूल झोंककर भाग गया।
कूट-कूट कर भरनाभगत सिंह में देशभक्ति कूट-कूट कर भरी थी।
काम तमाम कर देनाशिकारी ने एक ही गोली से शेर का काम तमाम कर दिया।
जान बख्श देनाराजा ने अपराधी के माफ़ी माँगने पर उसकी जान बख्श दी।
हक्का-बक्का रह जानाअचानक मेहमानों को देखकर माँ हक्की-बक्की रह गईं।
3कारकों को रेखांकित कर उनके नाम लिखिए
वाक्यकारक
(क) जंगल की ज़िंदगी बड़ी खतरनाक होती है।की — संबंध कारक
(ख) कंपनी के खिलाफ़ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई।के — संबंध कारक; में — अधिकरण कारक
(ग) वज़ीर को उसके पद से हटा दिया गया।को — कर्म कारक; से — अपादान कारक
(घ) फ़ौज के लिए कारतूस की आवश्यकता थी।के लिए — संप्रदान कारक; की — संबंध कारक
(ङ) सिपाही घोड़े पर सवार था।पर — अधिकरण कारक
4‘ने’ लगाकर वाक्य दुबारा लिखिए
  1. घोड़े ने पानी पिया।
  2. बच्चों ने दशहरे का मेला देखा।
  3. रॉबिनहुड ने गरीबों की मदद की।
  4. देशभर के लोगों ने उसकी प्रशंसा की।
5उचित विराम-चिह्न लगाइए
  1. कर्नल ने कहा, “सिपाहियो! इस पर नज़र रखो, ये किस तरफ़ जा रहा है।”
  2. सवार ने पूछा, “आपने इस मकाम पर क्यों खेमा डाला है? इतने लावलश्कर की क्या ज़रूरत है?”
  3. खेमे के अंदर दो व्यक्ति बैठे बातें कर रहे थे। चाँदनी छिटकी हुई थी और बाहर सिपाही पहरा दे रहे थे। एक व्यक्ति कह रहा था, “दुश्मन कभी भी हमला कर सकता है।”

योग्यता विस्तार और परियोजना

★एकांकी और नाटक में अंतर
एकांकीनाटक
इसमें केवल एक अंक होता है।इसमें कई अंक होते हैं।
एक ही मुख्य घटना या समस्या होती है।कथा विस्तृत होती है और कई घटनाएँ होती हैं।
पात्र कम होते हैं।पात्र अधिक होते हैं।
मंचन में कम समय लगता है।मंचन में अधिक समय लगता है।
★कुछ एकांकी और नाटक

एकांकी : कारतूस (हबीब तनवीर), रीढ़ की हड्डी (जगदीशचंद्र माथुर), दीपदान और औरंगज़ेब की आखिरी रात (रामकुमार वर्मा)।

नाटक : ध्रुवस्वामिनी और स्कंदगुप्त (जयशंकर प्रसाद), आषाढ़ का एक दिन (मोहन राकेश), अंधा युग (धर्मवीर भारती)।

शब्दार्थ

शब्दअर्थ
कारनामेऐसे काम जो याद रहें
जाँबाज़जान की बाज़ी लगाने वाला
मुकर्ररतय करना
तलबबुलाना
जानिसारजान देने वाला
हुक्मरांशासक
गर्दधूल
मसरूफ़व्यस्त
तन्हाईअकेलापन, एकांत
राज़ेदिलमन का रहस्य
दीवार हमगोश दारददीवारों के भी कान होते हैं
वक्फ़ाअंतराल
हक्का-बक्काहैरान
अफ़सानेकहानियाँ
पाकपवित्र
वज़ीफ़ावृत्ति
दमखमसाहस और शक्ति
लावलश्करसेना और साज-सामान