12. गंगा की कहानी
पाठ ‘गंगा की कहानी’ के सभी अभ्यास और पठन-सामग्री ‘गगनयान’ — सरल भाषा में प्रश्न-उत्तर। NCERT वीणा, कक्षा 5.
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इस पृष्ठ पर पाठ ‘गंगा की कहानी’ के सभी प्रश्नों के उत्तर और पठन-सामग्री ‘गगनयान’ दी गई है।
पाठ का सार : इस पाठ में गंगा नदी अपनी कहानी स्वयं सुनाती है। उसका जन्म हिमालय में उत्तराखंड के गंगोत्री हिमनद के गोमुख से होता है। राजा भगीरथ के तप के कारण उसका नाम भागीरथी भी है। देवप्रयाग में उससे अलकनंदा मिलती है। ऋषिकेश में वह मैदान में उतरती है। हरिद्वार से गंगानहर निकलती है। फिर वह कानपुर, प्रयागराज (जहाँ यमुना से संगम होता है), वाराणसी, पटना और भागलपुर होती हुई पश्चिम बंगाल पहुँचती है। वहाँ उसकी दो धाराएँ हो जाती हैं — बांग्लादेश में पद्मा और कोलकाता की ओर हुगली। अंत में वह बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है। कारखानों और शहरों का गंदा पानी उसे दूषित करता है। गंगा को उस दिन की प्रतीक्षा है जब उसका जल फिर से निर्मल हो जाएगा।
बातचीत के लिए
मेरे निवास स्थान के पास गोदावरी नदी बहती है।
अपने क्षेत्र के अनुसार नदी का नाम लिखिए, जैसे — गंगा, यमुना, नर्मदा, कृष्णा, कावेरी आदि।
हमारे घर में पानी नगरपालिका के नल से आता है। पानी पहले छत की टंकी में भरता है। गाँव में कुछ घरों में कुएँ या हैंडपंप से पानी आता है।
- नदी में कचरा, प्लास्टिक और पूजा की सामग्री नहीं डालेंगे।
- नदी में कपड़े और पशु नहीं धोएँगे।
- कारखानों का गंदा पानी साफ़ करके ही नदी में छोड़ा जाए।
- लोगों को नदी साफ़ रखने के लिए जागरूक करेंगे।
पाठ से
(ii) गंगा नदी
(i) गंगा में प्रदूषण की ओर
(i) कारखानों और नगरों द्वारा नदियों में डाले जाने वाले अपशिष्ट से
(iii) नदी तथा तालाब में स्नान करने से
कारखानों का धुआँ वायु प्रदूषण और तेज़ भोंपू ध्वनि प्रदूषण फैलाते हैं।
(i) एक से अधिक नदियों का आपस में मिलना
(iv) दो धाराओं का मिलकर बहना
ऋषिकेश, हरिद्वार, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, पटना, भागलपुर और कोलकाता।
औद्योगिक नगरों के कारखानों का गंदा पानी गंगा में मिलता है। इससे गंगा का जल दूषित हो गया है। उसका चमकीला रंग मटमैला हो गया है।
कुंभ का मेला हर बारह वर्ष बाद हरिद्वार में और प्रयागराज के संगम पर लगता है।
गंगोत्री से निकलते समय गंगा का जल बहुत साफ़, स्वच्छ और निर्मल होता है। वह चाँदी की तरह चमकता है।
रास्ते में कारखानों और शहरों का गंदा पानी गंगा में मिलता जाता है। इससे जल दूषित हो जाता है और उसका रंग मटमैला हो जाता है।
(क) गंगा के किनारे कई तीर्थ स्थान हैं। — ✓
(ख) गंगा का जन्म अरावली की गोद में हुआ है। — ✗ गंगा का जन्म हिमालय की गोद में हुआ है।
(ग) कारखानों का गंदा पानी गंगा के जल को दूषित कर रहा है। — ✓
(घ) गंगा का एक नाम भागीरथी है। — ✓
(ङ) पश्चिम बंगाल में गंगा की तीन धाराएँ हो जाती हैं। — ✗ वहाँ गंगा की दो धाराएँ हो जाती हैं।
मिलान कीजिए
| स्तंभ ‘क’ | स्तंभ ‘ख’ |
|---|---|
| गंगा का उद्भव | गोमुख |
| देवप्रयाग | अलकनंदा |
| औद्योगिक नगर | कानपुर |
| बांग्लादेश | पद्मा नदी |
| तीर्थ स्थल | वाराणसी |
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भाषा की बात
(क) आप जब भी आते हैं, मुझे बहुत प्रसन्नता होती है।
(ख) कुंभ के मेले में लाखों लोग सम्मिलित होते हैं।
(ग) आपके माता-पिता आपकी प्रतीक्षा कर रहे होंगे।
(घ) पहाड़ों का मौसम बड़ा सुहावना होता है।
(ङ) यह काम कल ही होना था परंतु किसी कारण से नहीं हो पाया।
| शब्द + आलय | नया शब्द | वाक्य |
|---|---|---|
| देव + आलय | देवालय | गाँव के देवालय में आरती हो रही है। |
| पुस्तक + आलय | पुस्तकालय | मैं पुस्तकालय से कहानी की पुस्तक लाया। |
| विद्या + आलय | विद्यालय | हमारा विद्यालय बहुत सुंदर है। |
| भोजन + आलय | भोजनालय | स्टेशन के भोजनालय में स्वादिष्ट खाना मिलता है। |
| मेघ + आलय | मेघालय | मेघालय में बहुत वर्षा होती है। |
गंगा भारत की सबसे पवित्र नदी मानी जाती है। इसका जन्म हिमालय में गोमुख से होता है। वहाँ इसका जल बहुत निर्मल और चमकीला होता है। गंगा के तट पर ऋषिकेश, हरिद्वार और वाराणसी जैसे प्रसिद्ध तीर्थ हैं। ऋषिकेश का वातावरण बहुत शांत है। इसके किनारे कानपुर जैसे बड़े औद्योगिक नगर भी बसे हैं। हमें गंगा को स्वच्छ रखना चाहिए।
| शब्द | अर्थ | वाक्य |
|---|---|---|
| हार | माला / पराजय | माँ ने फूलों का हार पहना। — खेल में हमारी टीम की हार हुई। |
| कल | बीता हुआ दिन / आने वाला दिन | कल वर्षा हुई थी। — कल विद्यालय में उत्सव होगा। |
| उत्तर | जवाब / एक दिशा | मैंने प्रश्न का सही उत्तर दिया। — हिमालय भारत के उत्तर में है। |
| पत्र | चिट्ठी / पत्ता | मैंने मित्र को पत्र लिखा। — पेड़ के पत्र हरे हैं। |
| आम | एक फल / साधारण | मुझे आम बहुत पसंद है। — यह एक आम बात है। |
समझ और अनुभव
भारतवासी गंगा को पवित्र नदी मानते हैं। इसके किनारे का वातावरण शांत और सुंदर है। पुराने समय में साधु-संतों ने इसके तट पर आश्रम बनाए। गंगा से जुड़ी कथाएँ भी हैं, जैसे राजा भगीरथ की तपस्या। इसलिए इसके किनारे तीर्थ स्थल बन गए।
हमें पीने के लिए साफ़ पानी नहीं मिलेगा। गंदा पानी पीने से लोग बीमार पड़ेंगे। नदी की मछलियाँ और दूसरे जीव मर जाएँगे। खेतों की सिंचाई के लिए भी अच्छा पानी नहीं मिलेगा।
जिस नगर में बहुत-से कारखाने और उद्योग होते हैं, उसे औद्योगिक नगर कहते हैं। कानपुर में कपड़े, चमड़े और लोहे के कारखाने हैं, इसलिए वह औद्योगिक नगर है।
कलाकारी
उपाय — वर्षा के पानी को छत से पाइप द्वारा टंकी या ज़मीन के गड्ढे में जमा करें (वर्षा जल संचयन)।
इस उपाय पर चित्र बनाइए। आप टपकते नल को बंद करते हुए बच्चे का चित्र भी बना सकते हैं।
गंगा से बातचीत
मैं : गंगा माँ, आप इतनी उदास क्यों हैं?
गंगा : बेटा, लोग मुझमें कचरा और गंदा पानी डालते हैं। मेरा चमकीला रंग मटमैला हो गया है।
मैं : यह तो बहुत बुरी बात है। हम आपकी क्या सहायता कर सकते हैं?
गंगा : मुझमें प्लास्टिक और कचरा मत डालो। दूसरों को भी समझाओ।
मैं : मैं वादा करता/करती हूँ कि आपको स्वच्छ रखने में पूरी सहायता करूँगा/करूँगी।
गंगा : धन्यवाद बेटा! तुम जैसे बच्चों से ही मुझे आशा है।
पुस्तकालय एवं अन्य स्रोत
| सहायक नदी | उद्गम स्थान | किनारे बसे प्रसिद्ध नगर |
|---|---|---|
| यमुना | यमुनोत्री (उत्तराखंड) | दिल्ली, मथुरा, आगरा |
| अलकनंदा | सतोपंथ हिमनद (उत्तराखंड) | बद्रीनाथ |
| गोमती | पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) | लखनऊ, जौनपुर |
| सोन | अमरकंटक (मध्य प्रदेश) | डेहरी-ऑन-सोन |
| घाघरा, गंडक, कोसी | हिमालय (नेपाल-तिब्बत क्षेत्र) | अयोध्या (घाघरा/सरयू), हाजीपुर (गंडक) |
- नमामि गंगे — गंगा और उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ करने का बड़ा कार्यक्रम।
- गंगा कार्य योजना (गंगा एक्शन प्लान) — गंगा की सफ़ाई के लिए शुरू की गई पहली बड़ी योजना।
- राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना — देश की दूसरी नदियों की सफ़ाई के लिए।
इन योजनाओं में शहरों के गंदे पानी को साफ़ करने के संयंत्र लगाए जाते हैं, घाटों की सफ़ाई होती है और लोगों को जागरूक किया जाता है।
गगनयान
यह पठन-सामग्री एक बातचीत (संवाद) के रूप में है। इसमें अध्यापिका बच्चों को भारत के गगनयान मिशन के बारे में बताती हैं।
- गगनयान भारत की पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान परियोजना है। इसका उद्देश्य मनुष्य को अंतरिक्ष में भेजना है।
- इसमें तीन सदस्यों के दल को तीन दिनों के लिए अंतरिक्ष में भेजने की योजना है। फिर उन्हें भारतीय समुद्री जल में उतारकर सुरक्षित वापस लाया जाएगा।
- मिशन तीन चरणों में है। पहले दो चरण मानवरहित होंगे और तीसरे चरण में तीन अंतरिक्ष यात्री जाएँगे।
- पहले चरण में इसरो का बनाया ह्यूमनॉइड रोबोट व्योममित्र अंतरिक्ष में जाएगा।
- अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में रहने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
गगनयान मिशन का उद्देश्य भारत की ओर से मनुष्य को अंतरिक्ष में भेजना और सुरक्षित वापस लाना है।
व्योममित्र इसरो द्वारा बनाया गया ह्यूमनॉइड (मनुष्य जैसा) रोबोट है। वह अंतरिक्ष से जानकारी एकत्र करेगा, सुरक्षा की जाँच करेगा और यान प्रणाली पर नज़र रखेगा।
इसरो का पूरा नाम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन है।
इसे भी जानिए
ए.आई. का पूरा नाम ‘आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस’ है। हिंदी में इसे कृत्रिम मेधा कह सकते हैं। इस तकनीक से कंप्यूटर या मशीन मनुष्य की तरह सोच-समझ सकती है। वह प्रश्नों के उत्तर दे सकती है, समस्याएँ सुलझा सकती है और कविता-कहानी भी रच सकती है। पर उसके उत्तर हमेशा सही हों, यह ज़रूरी नहीं। इसलिए बड़ों की सहायता से ही इसका उपयोग करना चाहिए।
आपकी अभिव्यक्ति
जंगल की सुबह
सुबह-सुबह सूरज चमक रहा है। जंगल में ऊँचे-ऊँचे हरे पेड़ हैं। एक पेड़ पर लाल-लाल सेब लटक रहे हैं। एक चिड़िया आकाश में उड़ रही है और दूसरी घास पर बैठी है। एक प्यारी-सी गिलहरी पत्थर के पास बैठकर कुछ खा रही है। रंग-बिरंगी तितलियाँ फूलों पर मँडरा रही हैं। ठंडी हवा से पत्ते हिल रहे हैं। सब ओर शांति और खुशी है। ऐसा लगता है जैसे प्रकृति मुस्करा रही हो।