कक्षा 5 हिंदी · वीणा · CBSE

4. साङकेन

पाठ ‘साङकेन’ के सभी अभ्यास और पठन-सामग्री ‘होली आई, होली आई’ — सरल भाषा में प्रश्न-उत्तर। NCERT वीणा, कक्षा 5.

Advertisement

इस पृष्ठ पर पाठ ‘साङकेन’ के सभी प्रश्नों के उत्तर और पठन-सामग्री ‘होली आई, होली आई’ दी गई है।

पाठ का सार : वल्लरी के पिताजी अरुणाचल प्रदेश के चौखाम में अधिकारी हैं। दिल्ली की भीड़ के बाद वल्लरी को चौखाम का शांत और हरा-भरा वातावरण बहुत अच्छा लगा। एक दिन वह मित्र चाऊतान के घर गई। वहाँ से उसने एक शोभायात्रा देखी। लोग भगवान बुद्ध और उनके शिष्यों की मूर्तियाँ बौद्ध-विहार से नदी किनारे बने नए मंदिर में ले जा रहे थे। बाँस का बना और फूलों से सजा मंदिर बहुत सुंदर था। लोग एक-दूसरे पर पानी डाल रहे थे और चेहरों पर चावल का आटा लगा रहे थे। वल्लरी को होली की याद आई। चाऊतान ने बताया कि यह साङकेन का त्योहार है। इससे उनका नया वर्ष आरंभ होता है। यह तीन दिन तक मनाया जाता है।

बातचीत के लिए

1त्योहारों पर घरों में कई प्रकार की मिठाइयाँ और नमकीन बनाई जाती हैं। आपको कौन-सी मिठाइयाँ और नमकीन अच्छी लगती हैं? वे किस त्योहार पर बनाई जाती हैं?

मुझे करंजी, लड्डू और चकली बहुत अच्छी लगती हैं। ये दीपावली पर बनाई जाती हैं। होली पर पूरनपोली और गुझिया बनती है। गणेशोत्सव पर मोदक बनाए जाते हैं।

2आप कौन-से त्योहार मनाते हैं? उनमें और साङकेन में कौन-कौन सी समानताएँ हैं?

मैं होली, दीपावली, गुड़ी पाड़वा और गणेशोत्सव मनाता/मनाती हूँ।

साङकेन की तरह होली में भी लोग एक-दूसरे पर रंगीन पानी डालते हैं। गणेशोत्सव में भी मूर्ति की शोभायात्रा निकलती है। गुड़ी पाड़वा से हमारा नया वर्ष आरंभ होता है। इन सब में लोग मिल-जुलकर खुशी मनाते हैं और पकवान बनाते हैं।

3आपने कौन-कौन सी शोभायात्राएँ देखी हैं? उनके बारे में अपने अनुभव बताइए।

मैंने गणेश विसर्जन की शोभायात्रा देखी है। उसमें लोग ढोल-ताशे बजाते हुए नाचते-गाते चलते हैं। गणपति की सुंदर मूर्ति सजी हुई गाड़ी में होती है। लोग ‘गणपति बप्पा मोरया’ बोलते हैं। मुझे बहुत आनंद आया।

4आप नया वर्ष कब और कैसे मनाते हैं?

हम चैत्र महीने में गुड़ी पाड़वा के दिन नया वर्ष मनाते हैं। इस दिन घर के बाहर गुड़ी खड़ी करते हैं। रंगोली बनाते हैं और पूरनपोली या श्रीखंड जैसे पकवान खाते हैं। 1 जनवरी को भी हम मित्रों को नए वर्ष की शुभकामनाएँ देते हैं।

पाठ से (सही विकल्प)

1साङकेन क्यों मनाया जाता है?

(ख) नव वर्ष प्रारंभ होने के उपलक्ष्य में

2भगवान बुद्ध का मंदिर कहाँ बना हुआ था?

(ग) नदी के किनारे

3लोग बहुत देर तक एक-दूसरे पर पानी डालते रहे क्योंकि —

(घ) वे साङकेन मना रहे थे।

4“यहाँ के लोगों के मुखों पर सदैव मुस्कान बनी रहती है।” इस वाक्य का क्या अर्थ है?

(क) यहाँ के लोग सदैव प्रसन्न रहते हैं।

पाठ से (प्रश्नोत्तर)

1(क) साङकेन का त्योहार मनाते समय वल्लरी को होली की याद क्यों आई?

लोग एक-दूसरे पर बालटियाँ भर-भरकर पानी डाल रहे थे। वे एक-दूसरे के चेहरों पर चावल का आटा लगा रहे थे। होली में भी ऐसा ही होता है। इसलिए वल्लरी को होली की याद आई।

•(ख) वल्लरी को चौखाम और दिल्ली में क्या अंतर लगा?

दिल्ली में भीड़भरी सड़कें, हॉर्न बजाती कारें-बसें और लोगों की लंबी कतारें थीं। चौखाम का वातावरण खुला और शांत था। वहाँ हर ओर हरियाली और फूल थे। लोगों के मुख पर सदा मुस्कान रहती थी।

•(ग) मंदिर की सजावट कैसे की गई थी?

मंदिर की जालीदार दीवारें बाँस और बाँस की खपच्चियों से बनी थीं। बीच-बीच में पेड़ों की हरी-भरी टहनियाँ लगाई गई थीं। उन पर रंग-बिरंगे फूल खोंस-खोंसकर सजाए गए थे।

•(घ) आपको कौन-कौन आशीर्वाद देते हैं? वे क्या आशीर्वाद देते हैं?

मुझे दादा-दादी, माता-पिता और शिक्षक आशीर्वाद देते हैं। वे कहते हैं — “खूब पढ़ो, आगे बढ़ो, स्वस्थ रहो और सदा सुखी रहो।”

2भावार्थ के आधार पर पाठ की पंक्तियाँ लिखिए —
भावार्थपाठ की पंक्तियाँ
शोभायात्रा में लोग बहुत प्रसन्न दिखाई दे रहे थे।शोभायात्रा में सब लोग नाचते-गाते हुए जा रहे थे। लोगों में बहुत उत्साह था।
मंदिर सुंदर सजा था।बीच-बीच में पेड़ों की हरी-भरी टहनियाँ लगाई गई थीं और खोंस-खोंसकर उन पर रंग-बिरंगे फूल सजा दिए गए थे।
ऐसा लगता है कि लोग होली का त्योहार मना रहे हैं।“चाऊतान भाई, लगता है कि लोग होली का त्योहार मना रहे हैं।”
त्योहारों में सब एक-दूसरे से मिलते-जुलते हैं।होली के दूसरे दिन लोग एक-दूसरे से मिलने जाते हैं।

Advertisement

भाषा की बात

1रेखांकित शब्दों के समानार्थी शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्यों को पुनः लिखिए —

(क) एक दिन वल्लरी को उसके दोस्त चाऊतान ने अपने निवास बुलाया।

(ख) हमारे ग्राम के लोगों ने सरिता के तट पर एक मंदिर बनाया है।

(ग) बीच-बीच में वृक्षों की हरी-भरी डालियाँ सजाई गई थीं।

(घ) आज हमारे यहाँ साङकेन का पर्व है।

मित्र — दोस्त, सखा ; घर — निवास, गृह ; गाँव — ग्राम ; नदी — सरिता ; किनारे — तट ; पेड़ — वृक्ष, तरु ; टहनी — डाली, शाखा ; त्योहार — पर्व, उत्सव।

2दिए गए उदाहरण को समझकर वाक्यों को पूरा कीजिए —

(ख) मैं समुद्र के किनारे गई, जहाँ देखो पानी ही पानी!

(ग) मेरा गाँव केरल में है; जहाँ देखो नारियल के पेड़ ही पेड़!

(घ) मुंबई में जिधर देखो लोग ही लोग!

(ङ) मिठाई की दुकान में जहाँ देखो मिठाइयाँ ही मिठाइयाँ!

3रेखांकित शब्दों के वचन बदलकर वाक्य पूरा कीजिए —

(क) शोभायात्रा में बड़ी मूर्ति की पालकी सबसे पीछे थी और छोटी मूर्तियों की पालकियाँ आगे थीं।

(ख) बाँस की खपच्चियाँ उधर रखी हैं, एक खपच्ची मुझे दे दीजिए।

(ग) गंगा एक पवित्र नदी है। भारत में अनेक पवित्र नदियाँ हैं।

(घ) मेरे जन्मदिन पर कई प्रकार की मिठाइयाँ थीं लेकिन मुझे रसगुल्ले की मिठाई सबसे अच्छी लगती है।

(ङ) सारी बालटियाँ पानी से भर गई हैं, केवल एक बालटी बची है।

4पाठ में आए उद्धरण चिह्न वाले चार वाक्य खोजकर लिखिए।
  1. वल्लरी ने चाऊतान से पूछा, “ये लोग कहाँ जा रहे हैं? बहुत प्रसन्न दिख रहे हैं।”
  2. “क्या हम लोग भी शोभायात्रा में सम्मिलित हो सकते हैं?” वल्लरी के पिताजी ने पूछा।
  3. चाऊतान बोला, “तुम्हें मालूम नहीं, आज हमारे यहाँ साङकेन का त्योहार है।”
  4. “तीन दिन तक इसी तरह साङकेन मनाया जाता है।” चाऊतान ने बताया।
5इन शब्दों को हिंदी वर्णमाला के क्रम में लिखिए — करेला, समय, मठ, तट, नमकीन, जल, वन, मटका
करेलाजलतटनमकीनमटकामठवनसमय

‘मटका’ और ‘मठ’ दोनों ‘म’ से शुरू होते हैं। दूसरे अक्षर में ‘ट’ पहले आता है और ‘ठ’ बाद में। इसलिए ‘मटका’ पहले लिखा गया है।

पाठ से आगे

1आपके घर में त्योहारों के लिए कौन-कौन सी तैयारियाँ की जाती हैं?

त्योहार से पहले घर की सफ़ाई और रंगाई की जाती है। नए कपड़े खरीदे जाते हैं। घर को फूलों, तोरण और दीयों से सजाया जाता है। आँगन में रंगोली बनाई जाती है। मिठाइयाँ और नमकीन बनाए जाते हैं।

2आपके घर पर त्योहारों के समय कौन-कौन, क्या-क्या काम करता है? सूची बनाइए।
  • माँ — पकवान बनाती हैं।
  • पिताजी — बाज़ार से सामान लाते हैं और घर सजाते हैं।
  • दादी — पूजा की तैयारी करती हैं।
  • दीदी — रंगोली बनाती है।
  • मैं — सफ़ाई और सजावट में मदद करता/करती हूँ।
3आपके राज्य में क्या बोलकर अभिवादन किया जाता है? एक सूची बनाइए —
राज्य/केंद्रशासित प्रदेशअभिवादन के लिए शब्द
दिल्लीनमस्कार
महाराष्ट्रनमस्कार, राम राम
पंजाबसत श्री अकाल
तमिलनाडुवणक्कम
राजस्थानखम्मा घणी
अरुणाचल प्रदेशजय हिंद

सोचिए और लिखिए

1इस पाठ में आपको सबसे अच्छा क्या लगा और क्यों?

मुझे बाँस और फूलों से बना मंदिर और एक-दूसरे पर पानी डालना सबसे अच्छा लगा। इससे पता चलता है कि लोग कितने प्रेम और उत्साह से मिल-जुलकर त्योहार मनाते हैं।

2उदाहरण (गेहूँ → आटा → रोटी/पूरी ; गेहूँ → दलिया → हलवा) को देखकर आगे की कड़ी बनाइए —
  • दूध — दूध → दही → लस्सी/श्रीखंड ; दूध → खोया (मावा) → पेड़ा/बर्फी
  • गन्ना — गन्ना → रस → शरबत ; गन्ना → गुड़ → गुड़ की चिक्की/लड्डू
  • चना — चना → बेसन → लड्डू/पकौड़े ; चना → भुना चना → सत्तू
  • चावल — चावल → चावल का आटा → मोदक/भाकरी ; चावल → पोहा → पोहे/चिवड़ा
3अपने मित्र को साङकेन के बारे में पूरे दिन का आँखों-देखा वर्णन लिखकर बताइए।

प्रिय मित्र अमन,
आज मैंने अरुणाचल प्रदेश में साङकेन का त्योहार देखा। सुबह मैं मित्र चाऊतान के घर गया। उसके माता-पिता ने हमारा स्वागत किया और स्वादिष्ट पकवान खिलाए। तभी सड़क पर एक शोभायात्रा निकली। लोग पालकियों में भगवान बुद्ध की मूर्तियाँ ले जा रहे थे। हम भी नाचते-गाते उसमें शामिल हो गए। नदी के किनारे बाँस की खपच्चियों और फूलों से बना सुंदर मंदिर था। बौद्ध भिक्षुओं ने मूर्तियाँ मंदिर में रखीं। फिर सब एक-दूसरे पर पानी डालने लगे। मुझे होली की याद आ गई। किसी ने मुझ पर भी पूरी बालटी पानी डाल दिया। शाम को भिक्षुओं ने सबको नए वर्ष का आशीर्वाद दिया। यह दिन मुझे सदा याद रहेगा।
तुम्हारा मित्र,
राहुल

मेरी कलाकारी

•सूखे पत्तों से बने प्राणियों को पहचानिए।
1. मोर2. कछुआ3. हाथी

पुस्तकालय से

•अरुणाचल प्रदेश के बारे में जानकारी जुटाइए।
  • राजधानी — ईटानगर
  • पड़ोसी राज्य — असम और नागालैंड। (इसकी सीमा भूटान, चीन और म्यांमार देशों से भी मिलती है।)
  • भाषा — यहाँ अनेक जनजातीय भाषाएँ बोली जाती हैं, जैसे — न्यीशी, आदी, मोनपा, आपातानी। हिंदी और अंग्रेज़ी भी खूब बोली जाती हैं।
  • मुख्य फसल — धान (चावल), मक्का और बाजरा। संतरे और कीवी भी उगाए जाते हैं।
  • त्योहार — साङकेन, लोसार, सोलुंग, न्योकुम, द्री और मोपिन।
  • नृत्य — याक नृत्य, पोनुंग नृत्य और बार्दो छम।
  • परिधान — हाथ से बुने रंग-बिरंगे कपड़े। महिलाएँ लपेटकर पहनने वाला ‘गाले’ पहनती हैं। पुरुष बेंत की टोपी पहनते हैं।

बूझो पहेली

•दूध वाले ने 4 लीटर और 3 लीटर के बरतनों से 5 लीटर दूध कैसे दिया होगा?
  1. दूध वाले ने 4 लीटर का बरतन भरा।
  2. उसमें से 3 लीटर के बरतन को भर दिया। अब 4 लीटर वाले बरतन में 1 लीटर दूध बचा।
  3. यह 1 लीटर दूध उसने ज्योति के पतीले में डाल दिया।
  4. फिर उसने 4 लीटर का बरतन दोबारा भरकर पतीले में डाल दिया।

इस तरह पतीले में 1 + 4 = 5 लीटर दूध हो गया।

होली आई, होली आई

यह पठन-सामग्री है। इस कविता के कवि भवानी प्रसाद मिश्र हैं।

•कविता का भाव

होली आने पर खेतों में फसल सोने की तरह चमकने लगती है। सरसों फूलती है, गेहूँ लहलहाता है और आम के बाग महक उठते हैं। कोयल कूकती है, भौंरे गूँजते हैं और जंगल में टेसू के फूल खिलते हैं। घर-घर में मंजीरे और ढोलक बजते हैं। बच्चे और बूढ़े सब उत्साह में हैं। गली-गली में फाग गाए जाते हैं। चौराहों पर होलिका जलती है। हर ओर प्यार, रंग और खुशी है।

1होली आने पर खेतों में क्या परिवर्तन होता है?

खेतों में फसल पककर सोने जैसी चमकने लगती है। सरसों फूल जाती है और गेहूँ लहलहाने लगता है।

2होली पर लोग खुशी कैसे मनाते हैं?

लोग मंजीरे और ढोलक बजाते हैं। गली-गली में फाग गाते हैं। होलिका जलाते हैं। एक-दूसरे से प्रेम से मिलते हैं और रंग खेलते हैं।