4. ऐसी भी बातें होती हैं
यतींद्र मिश्र द्वारा लता मंगेशकर से साक्षात्कार — सार, बहुविकल्पी प्रश्न, प्रश्न-उत्तर, व्यक्तित्व, साक्षात्कार की पड़ताल, मुहावरे व शब्द-संपदा. NCERT हिंदी (गंगा).
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पाठ का परिचय : ‘ऐसी भी बातें होती हैं’ यतींद्र मिश्र द्वारा लिया गया ‘भारत रत्न’ लता मंगेशकर का साक्षात्कार है। इसमें लता जी अपने पिता पं. दीनानाथ मंगेशकर, बचपन, संघर्ष, त्योहारों, कोरस के साथियों और संगीत की शक्ति के बारे में आत्मीय ढंग से बताती हैं।
पाठ का सार
लता जी बताती हैं कि उनके पिता बिना डाँटे केवल गंभीर दृष्टि से बच्चों को समझा देते थे। वे संगीत में डूबे रहने वाले कलाकार थे। उन्होंने मराठी रंगमंच पर कर्नाटक और पंजाब का संगीत भी जोड़ा। पिता से लता जी ने स्वाभिमान से जीना और किसी के आगे हाथ न पसारना सीखा।
बचपन में भाई-बहन ‘संत तुकाराम’ जैसी फिल्मों की नकल करते थे। लता जी ने कुछ फिल्मों में अभिनय भी किया, पर उन्हें अभिनय अच्छा नहीं लगा। पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उन पर आ गई। वे सुबह से रात तक एक स्टूडियो से दूसरे स्टूडियो में रिकॉर्डिंग करती रहीं।
लता जी ने गुढीपाडवा, होली, रंगपंचमी और मंगलागौर जैसी परंपराओं की बातें बताईं। दीवाली की सुबह वे संगीतकारों के घर मिठाई लेकर जाती थीं। कोरस की लड़कियों से उनके संबंध घर जैसे थे।
अली अकबर खाँ के सरोद का तार टूटने की घटना से वे मानती हैं कि संगीत में असीम शक्ति है। अंत में वे कहती हैं — मेरा गाना अमर है, पर शरीर नहीं। ‘गाव गेला वाहुन, नाव गेला राहुन’ — गाँव बह जाता है, नाम रह जाता है।
मेरे उत्तर मेरे तर्क
उत्तर : (ग) स्वाभिमान और सच्चाई के साथ जीना
कारण : लता जी कहती हैं — सबसे ज्यादा तो स्वाभिमान से जीने की प्रेरणा। सही बात पर खड़े रहना और किसी के आगे न झुकना भी उन्होंने पिता से सीखा।
उत्तर : (घ) कर्तव्यनिष्ठा
कारण : केवल 13 वर्ष की आयु में उन्होंने माँ और छोटे भाई-बहनों की जिम्मेदारी उठाई।
उत्तर : (घ) संगीत की महत्वपूर्ण सामाजिक भूमिका
कारण : इस उत्सव में पास-पड़ोस की स्त्रियाँ मिलकर गाती-नाचती हैं। इससे आपस में मेल-जोल बढ़ता है।
उत्तर : (घ) जीवन अस्थायी है, पर कर्म अमर रहते हैं।
कारण : लता जी कहती हैं कि शरीर तो जाना ही है, पर अच्छे कर्मों से बना नाम रह जाता है।
उत्तर : (ग) आत्मीय
कारण : वे लड़कियाँ लता जी के घर जैसी थीं। लता जी उनके साथ जमीन पर बैठकर बातें करती थीं।
उत्तर : (घ) संगीत में अपरिमित शक्ति होती है।
कारण : लता जी मानती हैं कि संगीत कुछ अप्रत्याशित रच देता है, जैसा उन्होंने स्वयं अनुभव किया।
उत्तर : (क) सादगी, समर्पण और आत्मसम्मान की
कारण : वे छोटे घर में खुश रहती हैं, संगीत को समर्पित हैं और किसी के आगे हाथ नहीं फैलातीं।
मेरी समझ मेरे विचार
पिताजी बच्चों को न मारते थे, न डाँटते थे। केवल गंभीर दृष्टि से उन्हें गलती का एहसास करा देते थे। यह अनुशासन था। फिर तुरंत प्यार से खेलने भेज देते थे। यह स्नेह था। इस अनुशासन में डर से अधिक सम्मान था।
- पिता की तरह लता जी भी जीवन-भर संगीत में डूबी रहीं।
- उन्होंने स्वाभिमान से जीना सीखा और कभी किसी से कुछ नहीं माँगा।
- सही बात पर अडिग रहने की हिम्मत उन्हें पिता के संस्कारों से मिली।
- पिता के जाने के बाद उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी निभाई।
- बचपन में मेडल पहनने का सपना भी पिता को देखकर ही जागा था।
लता जी के लिए नाम आगे बढ़ाने का अर्थ है — पिता की संगीत-परंपरा और उनके दिए संस्कारों को आगे ले जाना। यह केवल प्रसिद्धि पाना नहीं है। इसमें परिवार की प्रतिष्ठा बनाए रखने, अच्छा काम करने और स्वाभिमान से जीने का उत्तरदायित्व भी जुड़ा है।
लता जी के सहयोगियों से संबंध बहुत आत्मीय थे। कोरस की लड़कियाँ उनके घर आती-जाती थीं। मीना की शादी में सब कोल्हापुर गए थे। रिकॉर्डिंग में वे उनके साथ जमीन पर बैठकर बातें करती थीं। संगीतकारों का भी वे आदर करती थीं और दीवाली पर उनके घर मिठाई लेकर जाती थीं।
साक्षात्कार से उभरता व्यक्तित्व
| पंक्ति | उभरने वाले गुण |
|---|---|
| 1. “मुझे अपने गाने और रिकॉर्डिंग के अलावा किसी दूसरी चीज की सुध नहीं रहती थी।” | एकाग्रता, समर्पण, साधना |
| 2. “अगर कोई बात तुम्हें सही लगती है, तो उसे करो और किसी के आगे झुकने की जरूरत नहीं है।” | स्वाभिमान, दृढ़ता, आत्मविश्वास |
| 3. “आप जैसे लोग अगर यह मानते हैं कि मैं अमर हूँ, तो यह मुझे मिलने वाले उस प्यार जैसा ही है।” | विनम्रता, कृतज्ञता |
| 4. “मेरा गाना अमर है, पर शरीर तो अमर नहीं।” | दार्शनिकता, स्पष्टता, सरलता |
मेरे प्रश्न
- मंगलागौर जैसे लोक पर्वों में स्त्रियों के बीच कैसा वातावरण रहता था?
- मंगलागौर के उत्सव की क्या विशेषता थी?
- लोक पर्व स्त्रियों के आपसी संबंधों को कैसे मजबूत करते थे?
- पुराने संगीतकारों के बारे में लता जी का क्या मत था?
- तकनीकी प्रगति और पुराने संगीत की तुलना में लता जी ने क्या कहा?
- लता जी पुराने संगीतकारों के संगीत को अद्वितीय क्यों मानती थीं?
मेरे अनुभव मेरे विचार
नमूना उत्तर : एक बार कक्षा के कुछ विद्यार्थी परीक्षा में नकल की योजना बना रहे थे। मैंने उनका साथ देने से मना कर दिया। कुछ दिन वे मुझसे नाराज रहे। पर मुझे विश्वास था कि ईमानदारी ही सही रास्ता है। बाद में उन्होंने भी अपनी गलती मानी।
- बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लेना।
- भोजन बर्बाद न करना।
- सुबह जल्दी उठना और अपना बिस्तर स्वयं ठीक करना।
- घर आए मेहमान का आदर करना।
- झूठ न बोलना।
नमूना उत्तर : हमारे घर गुढीपाडवा बड़े उत्साह से मनाया जाता है। सुबह घर के बाहर रंगोली बनाते हैं। बाँस पर रेशमी कपड़ा, नीम की पत्तियाँ, शक्कर की माला और कलश सजाकर गुढी खड़ी करते हैं। नीम और गुड़ का प्रसाद खाते हैं। दोपहर में पूरनपोली बनती है और नए वर्ष का स्वागत करते हैं।
- पहले घर पर मिठाइयाँ बनती थीं, अब अधिकतर बाजार से आती हैं।
- शुभकामनाएँ अब मिलने के बजाय मोबाइल संदेशों से दी जाती हैं।
- लोकगीत गाने की परंपरा कम हो गई है; उसकी जगह फिल्मी गीत बजते हैं।
- पर्यावरण के प्रति जागरूकता से मिट्टी की मूर्तियाँ और कम पटाखे वाले उत्सव बढ़े हैं।
- संयुक्त परिवार कम होने से त्योहारों पर पूरा परिवार कम इकट्ठा होता है।
साक्षात्कार की पड़ताल
| मुख्य बिंदु | साक्षात्कार से पंक्ति / संकेत |
|---|---|
| साक्षात्कार लेने वाले और देने वाले का नाम | यतींद्र मिश्र (साक्षात्कारकर्ता) और लता मंगेशकर |
| प्रश्नोत्तर | “पिताजी से संगीत के अलावा आपने क्या-क्या और सीखा?” — “सबसे ज्यादा तो स्वाभिमान से जीने की प्रेरणा।” |
| भावनात्मक वातावरण | “मुझे तो यह भी लगता है कि जितना प्रेम मुझे मिला है, शायद गाकर उतना आभार मैं जता नहीं पाई हूँ।” |
| आमंत्रण, स्वागत और परिचय | “दीदी, आपके संगीत की अप्रतिम यात्रा पर बातचीत शुरू करते हैं...” |
| उत्तर देने की शैली का संकेत | (हँसते हुए), (खिलखिलाकर हँसती हैं) |
| विचार और उदाहरण | “संगीत में वह असीम शक्ति है...” — अली अकबर खाँ के सरोद का तार टूटने का उदाहरण |
| संस्मरण | दीवाली की सुबह नौशाद साहब के घर मिठाई लेकर पहुँचने का प्रसंग |
| समापन | “...हर एक कलाकार और नेक इंसानों के ऊपर भी रखना... यही प्रार्थना है।” |
यह आत्मीय बातचीत है। लता जी विनम्रता से अपने अनुभव बाँटने को तैयार हैं। साक्षात्कारकर्ता उन्हें ‘दीदी’ कहते हैं। बीच-बीच में लता जी हँसती हैं, बचपन के किस्से सुनाती हैं और खुलकर अपनी भावनाएँ बताती हैं। इसलिए यह बातचीत औपचारिक कम और घरेलू अधिक लगती है।
- आपका सबसे प्रिय गीत कौन-सा है और क्यों?
- ‘ऐ मेरे वतन के लोगो’ गाते समय आपके मन में क्या भाव थे?
- आप अपनी आवाज की देखभाल कैसे करती थीं?
- संगीत सीखने वाले बच्चों को आप क्या सलाह देंगी?
ये प्रश्न इसलिए, क्योंकि इनसे उनके अनुभवों से नई पीढ़ी को सीख मिलेगी।
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पाठ से आगे
सुबह जल्दी उठकर वे लोकल ट्रेन या बस से पहले स्टूडियो पहुँचती होंगी। दोपहर का भोजन कई बार छूट जाता होगा। यात्रा-भाड़े के लिए पैसे बचाने पड़ते होंगे। देर रात अकेले घर लौटने में सुरक्षा की चिंता रहती होगी। लगातार गाने से गला और शरीर थक जाता होगा। उस समय फिल्मों में स्त्रियों का काम करना अच्छा नहीं माना जाता था, इसलिए समाज की बातें भी सहनी पड़ती होंगी।
- घर में त्योहार की तैयारी और सफाई।
- मोहल्ले में गणेशोत्सव या सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- विद्यालय में वार्षिकोत्सव, प्रार्थना-सभा और स्वच्छता अभियान।
- समूह गान, नाटक और खेल-कूद की टीम।
- वृक्षारोपण और रक्तदान शिविर।
शास्त्रीय संगीत
| शब्द | अर्थ और उदाहरण |
|---|---|
| राग | स्वरों की ऐसी रचना जो मन को रंजित करे; जैसे — राग यमन, राग भैरवी, राग जयजयवंती |
| सुर | संगीत के स्वर — सा, रे, ग, म, प, ध, नि |
| बंदिश | किसी राग और ताल में बँधी हुई गीत-रचना |
| अभंग | मराठी संतों (तुकाराम, नामदेव) की भक्ति-रचना |
| सोहर | बच्चे के जन्म पर गाया जाने वाला मंगल गीत |
| फाग | फागुन में होली पर गाया जाने वाला लोकगीत |
| बधावा | बधाई का मंगलगीत, शुभ अवसर पर गाया जाता है |
प्रश्न 2 : अपने क्षेत्र में त्योहारों पर गाए जाने वाले लोकगीत घर के बड़ों से पूछें और एक गीत अपनी पुस्तिका में लिखें।
साइबर सुरक्षा
- किसी परिचित की आवाज में पैसे माँगने वाला फोन आए, तो उसे सीधे उनके असली नंबर पर फोन करके पुष्टि करें।
- ओटीपी, पिन, पासवर्ड या बैंक की जानकारी किसी को न बताएँ।
- अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अनजान ऐप डाउनलोड न करें।
- जल्दबाजी या डर दिखाने वाले कॉल से सावधान रहें; पहले घर के बड़ों से बात करें।
- धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर फोन करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
हम ऐसे भी बोलते हैं
नमूना उत्तर : मेरी माँ मेहमानों के सामने केवल आँखों के इशारे से बता देती हैं कि मुझे शांत बैठना है या मिठाई और लेनी है या नहीं। मैं उनका इशारा तुरंत समझ जाता हूँ।
मैं धैर्य से उसकी बात समझने की कोशिश करूँगा। उसकी ओर देखकर ध्यान दूँगा, जल्दबाजी नहीं करूँगा। समझ में न आए तो लिखकर या इशारों से पूछूँगा। उसका मजाक कभी नहीं उड़ाऊँगा। मैं कुछ सामान्य संकेत भी सीखने का प्रयास करूँगा।
कल्पना और लेखन
प्रिय डायरी, आज 1949 की एक सुबह
आज मैं टाइम मशीन से मुंबई पहुँचा। सड़कों पर ट्राम और गिनी-चुनी मोटरगाड़ियाँ चल रही थीं। पुरुष धोती-कुर्ता या पैंट-कोट और टोपी पहने थे, स्त्रियाँ नौवारी या सादी साड़ियों में थीं। मैं लता दीदी के साथ लोकल ट्रेन से स्टूडियो गया। वे सफेद साड़ी में थीं और बहुत सादगी से बात कर रही थीं।
स्टूडियो में एक ही माइक था। सारे वादक और कोरस साथ बैठकर रिकॉर्डिंग कर रहे थे। ‘आएगा आने वाला’ के लिए दीदी दूर से धीरे-धीरे माइक की ओर चलकर आईं। दोपहर में हमने स्टूडियो के बाहर वड़ा-पाव और चाय ली। रात को लौटते समय दीदी बहुत थकी थीं, पर उनके चेहरे पर संतोष था। आज समझा कि सफलता के पीछे कितनी मेहनत होती है।
लता दीदी का यह संदेश पढ़कर मन भर आया। उन्होंने इतना बड़ा नाम कमाया, फिर भी अमर कहलाने को केवल लोगों का प्यार माना। यह उनकी विनम्रता है। सच है कि शरीर नश्वर है, पर उनकी आवाज आज भी हर घर में गूँजती है। ‘ऐ मेरे वतन के लोगो’ सुनकर आज भी आँखें नम हो जाती हैं। वे सचमुच अपने गीतों में अमर हैं।
व्याकरण की बात — मुहावरे
| मुहावरा | अर्थ | वाक्य |
|---|---|---|
| हाथ में आना | अधिकार में आना, मिल जाना | बहुत खोजने के बाद चोर पुलिस के हाथ में आया। |
| हाथ का मैल होना | तुच्छ वस्तु होना (प्रायः धन के लिए) | दादाजी कहते हैं, पैसा तो हाथ का मैल है, असली धन संस्कार हैं। |
| हाथ से हाथ मिलाना | मिलकर काम करना, सहयोग करना | गाँव वालों ने हाथ से हाथ मिलाकर तालाब साफ किया। |
| हाथ साफ करना | चुरा लेना | भीड़ में किसी ने उसके बटुए पर हाथ साफ कर दिया। |
| हाथ से निकल जाना | अवसर या वस्तु का चला जाना | देर करने से अच्छा अवसर हाथ से निकल गया। |
| हाथ धो बैठना | खो देना | लापरवाही से वह अपनी नौकरी से हाथ धो बैठा। |
हमारी भाषाएँ
हिंदी : गाँव बह जाता है, पर नाम रह जाता है। सरल भाव : मनुष्य चला जाता है, पर उसके अच्छे कर्म और नाम सदा याद रहते हैं।
मराठी : ‘थेंबे थेंबे तळे साचे’
हिंदी अनुवाद : बूँद-बूँद से तालाब भरता है।
भाव में परिवर्तन : अनुवाद में अर्थ वही रहता है, पर मूल कहावत की लय और तुकबंदी कुछ कम हो जाती है।
समूह गतिविधियाँ : ‘नाम रह जाता है...’ पोस्टर, भाषा-वृक्ष, बहुभाषी समाचार बुलेटिन, भाषाई स्मृति पोटली, स्वर-कोलाज और लता जी के जीवन की समय-रेखा — ये गतिविधियाँ समूह में मिलकर करें।
भाषा संगम : ‘संगीत’ को उर्दू में ‘मौसिकी’, तमिल और मणिपुरी में ‘इशै / ईशै’ तथा मराठी में ‘संगीत कला’ कहते हैं। “उस दिन घर में संगीत की सभा होती थी।” — इस वाक्य को अपनी मातृभाषा में लिखें।
लता मंगेशकर से जान-पहचान
- भारत रत्न (2001) — देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
- पद्म भूषण (1969) और पद्म विभूषण (1999)
- दादासाहेब फाल्के पुरस्कार (1989)
- सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायन के लिए तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार
- महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार
- फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑफिसर ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ (2007)
- अनेक फिल्मफेयर पुरस्कार
प्रश्न 2 और 3 : पाठ में आई किसी फिल्म या गीत को देखकर/सुनकर अपने विचार लिखें। पाठ्यपुस्तक में दी गई कड़ी से ‘ऐ मेरे वतन के लोगो’ गीत सुनें।
शब्द-संपदा
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| अप्रतिम | बेजोड़, अनुपम |
| आकंठ | कंठ तक, पूरी तरह |
| समर्पित | सौंपा हुआ |
| स्मरण | याद |
| रागदारी | राग गाने का ढंग |
| स्वाभिमान | आत्मसम्मान |
| बैकुंठ | स्वर्ग |
| अनुयायी | पीछे चलने वाला, अनुगामी |
| मार्फत | माध्यम से |
| सबब | कारण |
| अलबत्ता | निःसंदेह, हाँ |
| सूत्रपात | आरंभ |
| आमद | आना, आगमन |
| पार्श्वगायन | परदे के पीछे से अभिनेता के लिए गाना |
| परहेज | किसी वस्तु से बचना |
| वाकया | घटना |
| खैरियत | कुशल, भलाई |
| फाग | फागुन में गाया जाने वाला गीत |
| धमार | फाग का एक भेद, एक ताल |
| सोहर | बच्चे के जन्म पर गाया जाने वाला मंगलगीत |
| बधावा | बधाई, मंगलगीत |
| मसलन | उदाहरण के रूप में |
| अप्रत्याशित | अनसोचा, अचानक |
| अतिरेक | अधिकता |
| वाजिब | उचित |