कक्षा ५ हिंदी · पहली इकाई

१२. बचत

चित्रवाचन और चर्चा — अन्न, पानी, पैसा, कागज-पेन्सिल और बिजली की बचत के उपाय और उनका महत्त्व। महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मंडळ (सुलभभारती)।

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पाठ का परिचय : यह एक चित्रवाचन पाठ है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को हमारे दैनिक जीवन में काम आने वाली महत्त्वपूर्ण वस्तुओं (अन्न, पानी, पैसा, कागज, पेन्सिल, बिजली) की बचत का महत्त्व समझाना है।

अन्न, जंगल, बिजली, पानी है सभी बचाना ।
पैसों की बचत करो-जीवन को अब है सजाना ।

चित्रों का निरीक्षण एवं वर्णन

१दिए गए चित्रों में बच्चे क्या कर रहे हैं?
  • अन्न : चित्र में बच्चे खाना खा रहे हैं। वे अपनी थाली में उतना ही भोजन ले रहे हैं जितना उन्हें खाना है, जिससे अन्न बर्बाद न हो।
  • पानी : एक लड़का पौधों को ड्रिप एरिगेशन (बूँद-बूँद सिंचाई) या पाइप के माध्यम से पानी दे रहा है, जिससे पानी व्यर्थ न बहे।
  • पैसा : एक लड़का और लड़की अपने बचाए हुए पैसे गुल्लक (Piggy bank) में डाल रहे हैं।
  • कागज-पेन्सिल : एक लड़की अपनी कॉपी में बहुत ध्यान से लिख रही है। वह कागज के पन्ने व्यर्थ नहीं फाड़ रही है।
  • बिजली : कमरे की खिड़की से दिन का उजाला (सूर्य का प्रकाश) आ रहा है, इसलिए एक लड़का स्विच बंद करके बल्ब या पंखा बंद कर रहा है।

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चर्चा और प्रश्न-उत्तर

२हम किन-किन चीजों की बचत कर सकते हैं और कैसे?

हमें अन्न, पानी, पैसा, कागज-पेन्सिल और बिजली की बचत करनी चाहिए। हम निम्नलिखित तरीकों से इनकी बचत कर सकते हैं:

  • अन्न की बचत : अपनी थाली में उतना ही खाना लें, जितनी भूख हो। भोजन जूठा न छोड़ें। बचे हुए साफ खाने को किसी जरूरतमंद या जानवरों को दें।
  • पानी की बचत : ब्रश करते समय या बर्तन धोते समय नल खुला न छोड़ें। आवश्यकता अनुसार ही पानी का उपयोग करें। बारिश के पानी का संचय (Rainwater harvesting) करें और पौधों को बूँद-बूँद सिंचाई या बाल्टी-मग से आवश्यकतानुसार पानी दें।
  • पैसों की बचत : अपने जेबखर्च (Pocket money) से कुछ पैसे रोज बचाकर गुल्लक में डालें। अनावश्यक और फालतू चीजों पर पैसे खर्च न करें।
  • कागज-पेन्सिल की बचत : कागज के दोनों तरफ लिखें। खाली पन्नों को फाड़ने के बजाय उनकी रफ कॉपी (Rough notebook) बनाएँ। पेन्सिल को बार-बार छीलकर छोटा और व्यर्थ न करें। कागज पेड़ों से बनता है, इसलिए कागज बचाने से जंगल भी बचते हैं।
  • बिजली की बचत : दिन में प्राकृतिक रोशनी (सूर्य के प्रकाश) का उपयोग करें। कमरे से बाहर जाते समय पंखे, लाइट और टी.वी. बंद कर दें। बिना जरूरत बिजली के उपकरण चालू न रखें।
३समूह में चर्चा करें : 'यदि पानी न हो तो क्या होगा?'

जल ही जीवन है। यदि धरती पर पानी नहीं होगा, तो निम्नलिखित भीषण परिणाम होंगे:

१. जीवन समाप्त हो जाएगा : पानी के बिना कोई भी इंसान, पशु-पक्षी या पेड़-पौधे जीवित नहीं रह सकेंगे। प्यास से सभी जीव तड़प-तड़प कर मर जाएँगे।

२. सूखा और भुखमरी : खेती करने के लिए पानी की आवश्यकता होती है। पानी न होने पर फसलें नहीं उगेंगी, जिससे पूरी दुनिया में भयंकर भुखमरी आ जाएगी।

३. उद्योगों का बंद होना : कारखानों और फैक्ट्रियों में निर्माण कार्य के लिए पानी बहुत जरूरी है। पानी के बिना सभी उद्योग बंद हो जाएँगे, जिससे लोगों का रोजगार छिन जाएगा।

४. पृथ्वी वीरान हो जाएगी : हरियाली पूरी तरह से खत्म हो जाएगी और हमारी सुंदर पृथ्वी एक सूखे और वीरान रेगिस्तान में बदल जाएगी।

इसलिए, हमें आज ही से पानी की एक-एक बूँद बचानी चाहिए ताकि हमारा भविष्य सुरक्षित रह सके।