कक्षा ५ हिंदी · पहली इकाई

१३. पहचान हमारी – भाग (२)

ऐ, ओ, औ, ऋ, अं, अः, अँ, ऑ और संयुक्त व्यंजनों की पहचान, चित्रवाचन और शब्दाभ्यास। महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मंडळ (सुलभभारती)।

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पाठ का परिचय : यह पाठ विद्यार्थियों को हिंदी वर्णमाला के विशेष स्वरों (ऐ, ओ, औ, ऋ, अं, अः, अँ, ऑ) और कुछ संयुक्त व अतिरिक्त व्यंजनों (क्ष, त्र, ज्ञ, श्र, ङ, ञ, ळ) की पहचान कराने के लिए है।

चित्रवाचन : देखो और सुनो (पृष्ठ १८)

१पृष्ठ १८ पर दिए गए चित्रों को पहचानकर उनके नाम लिखिए (ऐ, ओ, औ वाले शब्द)।
एड़ी ऐरावत यज्ञ एकता ऐनक तराजू विज्ञापन मेज बैल ओढ़नी गाजर गुड़हल ओखली गढ़ औरत झरोखा सरौता औजार झरना सहिजन

चित्रवाचन : देखो और सुनो (पृष्ठ १९)

२पृष्ठ १९ पर दिए गए चित्रों को पहचानकर उनके नाम लिखिए (ऋ, अं, अः, अँ, ऑ वाले शब्द)।
ऋषभ वृक्ष ऋण षट्कोण भवन क्षमा अंबर अँगूठी ऑटो अंतरिक्ष बकरी अँगीठी ऑक्टोपस श्रवणयंत्र धनुष प्रातः श्रवणकुमार संगणक समाचारपत्र धनादेश

पढ़ो और लिखो

३पाठ्यपुस्तक पृष्ठ १८ पर दिए गए शब्दों को पढ़िए और लिखिए।

जल, एक, गढ़, वह, ओर, और, कमल, करतल, अनपढ़, जगमग, अचरज, आजकल, ऐसा, काला, पीला, झाड़ी, लीची, चातक, अज्ञात, एकता, पपीता, सुदूर, शहतूत, अनुसूची, कुतूहल, मेवे, जैतून, थैले, टोपी, दौड़ो, तौलो, कचौड़ी, कैकेयी, वैदेही, शैलेश, कैनेडी, चौकोर, नौरोजी, चौकोन।

४पाठ्यपुस्तक पृष्ठ १९ पर दिए गए शब्दों को पढ़िए और लिखिए।

तब, क्षण, अंग, श्रम, धन, मठ, सत्र, ऑन, ऑफ, आँख, अतः, नमः, नयन, ऋषभ, बॉल, हॉल, बौनों, बाजरा, तालाब, बिहारी, बेचैन, त्रिवेणी, अमृत, चूड़ियाँ, अनुकूल, वाङ्मय, षटकार, बंटी, कंघा, अंडा, पंप, पंख, कंठ, पंछी, अंजीर, अंकिता, अचंभा, अंगूर, बंधन, गुंफन, झंझावात, पंढरपुर।

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अतिरिक्त स्वाध्याय (Extra Practice)

५दिए गए शब्दों में से अनुस्वार (ं), अनुनासिक / चंद्रबिंदु (ँ) और विसर्ग (ः) वाले शब्दों को अलग-अलग करके लिखिए।
अनुस्वार (ं) अनुनासिक / चंद्रबिंदु (ँ) विसर्ग (ः)
अंबर
अंतरिक्ष
संगणक
अंग
अंडा
पंख
बौनों
अँगूठी
अँगीठी
आँख
चूड़ियाँ
जहाँ
प्रातः
अतः
नमः
दुःख
प्रायः
अंततः

व्याकरण जानकारी : अनुस्वार (ं) का उच्चारण नाक से होता है। अनुनासिक (ँ) का उच्चारण नाक और मुँह दोनों से होता है। विसर्ग (ः) का उच्चारण 'ह' की तरह होता है। 'ऑ' (जैसे- ऑटो, हॉल) अंग्रेजी से आए शब्दों में प्रयोग होता है जिसे आगत स्वर कहते हैं।