कक्षा ५ हिंदी · दूसरी इकाई

१७. निरीक्षण

पौधों पर सूर्य के प्रकाश के प्रभाव का प्रयोग, प्राकृतिक परिवर्तनों का निरीक्षण और प्रश्न-उत्तर। महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मंडळ (सुलभभारती)।

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पाठ का परिचय : ‘निरीक्षण’ पाठ में एक प्रयोग के माध्यम से यह समझाया गया है कि पौधों के विकास के लिए सूर्य का प्रकाश कितना आवश्यक है। प्रयोग में दो गमलों में बीज बोए गए — एक गमले को धूप में रखा गया और दूसरे को कमरे की छाया में। पाँच दिन बाद उनके विकास का निरीक्षण किया गया।

पढ़ो, सोचो और लिखो

१धूप में रखा पौधा हरा क्यों है?

धूप में रखे पौधे को सूर्य का प्रकाश पर्याप्त मात्रा में मिलता है। सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में पौधे अपना भोजन (प्रकाश संश्लेषण / Photosynthesis) ठीक से बना पाते हैं। पर्याप्त भोजन मिलने के कारण धूप में रखा पौधा स्वस्थ है और उसके पत्ते हरे हैं।

२कमरे में रखा पौधा क्यों मुरझा गया?

कमरे (छाया) में रखे पौधे को बढ़ने के लिए सूर्य का आवश्यक प्रकाश नहीं मिल पाया। सूर्य के प्रकाश के अभाव में पौधा अपना भोजन नहीं बना सका, इसलिए वह कमज़ोर हो गया। इसी कारण उसके पत्ते पीले पड़ गए और वह मुरझा गया।

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प्राकृतिक परिवर्तनों का निरीक्षण

३सूर्योदय और सूर्यास्त के समय की समानताएँ और विभिन्नताएँ बताओ।

समानताएँ (Similarities):

  • सूर्योदय और सूर्यास्त दोनों ही समय सूर्य क्षितिज (horizon) के पास होता है।
  • दोनों समय आकाश में सुंदर लाल, नारंगी और सुनहरी रंग की छटा दिखाई देती है।
  • इन दोनों समयों में धूप की तीव्रता कम होती है और मौसम सुखद लगता है।

विभिन्नताएँ (Differences):

  • सूर्योदय के समय सूर्य पूर्व दिशा से उगता है, जबकि सूर्यास्त के समय वह पश्चिम दिशा में छिपता है।
  • सूर्योदय के बाद दिन (उजाला) शुरू होता है और तापमान धीरे-धीरे बढ़ता है, जबकि सूर्यास्त के बाद रात (अँधेरा) शुरू होती है और तापमान कम होने लगता है।
  • सूर्योदय के समय पक्षी अपने घोंसलों से बाहर आते हैं, जबकि सूर्यास्त के समय वे अपने घोंसलों में लौट जाते हैं।