कक्षा ६ हिंदी · दूसरी इकाई

८. टीटू और चिंकी

डॉ. विमला भंडारी — कहानी का सारांश, वाक्य के प्रकार, विरामचिह्न, जलचर-थलचर-नभचर-उभयचर वर्गीकरण तथा सभी कृतियों के उत्तर. महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मंडळ (सुलभभारती).

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पाठ के बारे में

‘टीटू और चिंकी’ कहानी की लेखिका डॉ. विमला भंडारी हैं। टीटू गिलहरी और चिंकी चिड़िया एक ही पेड़ पर रहती थीं। उनके बच्चे पेड़ के लिए झगड़ते थे। साँप के संकट ने उन्हें एकता का महत्त्व सिखाया। सूचना है — ‘पढ़ो, समझो और लिखो’।

मुख्य बिंदु

  • हमें सदैव मिलजुलकर रहना चाहिए।
  • संकट के समय एक-दूसरे का साथ देना चाहिए।
  • एकता में शक्ति है — एक और एक ग्यारह होते हैं।
  • अच्छे पड़ोसी कठिन समय में काम आते हैं।
  • व्याकरण : सरल, संयुक्त और मिश्र वाक्य; विरामचिह्न।

शब्दार्थ

  • खोखल – पेड़ के तने का छेद, कोटर
  • नीड़ – घोंसला
  • बसेरा – घर
  • पौ फटना – सवेरा होना

लेखिका परिचय

डॉ. विमला भंडारी — आप संवेदना से कहानीकार, मन से बाल साहित्यकार और सक्रियता से सामाजिक कार्यकर्ता हैं।

कहानी का सारांश

टीटू गिलहरी और चिंकी चिड़िया पड़ोसिन थीं। टीटू का घर पेड़ की खोखल में था। चिंकी का घोंसला पेड़ की शाखाओं पर था। चिंकी दाना चुगने जाती, तब टीटू सब बच्चों का ध्यान रखती।

एक दिन बच्चे झगड़ने लगे। टीटू के बच्चे कहते थे कि पेड़ उनका है, क्योंकि वे तने में रहते हैं। चिंकी के बच्चे कहते थे कि पेड़ उनका है, क्योंकि टहनियों पर उनका बसेरा है। उन्होंने एक-दूसरे को फल खाने से मना कर दिया।

टीटू ने बच्चों को एक पुरानी घटना सुनाई। एक बार तेज आँधी आई थी। तब टीटू और चिंकी ने अंडों को खोखल में सुरक्षित रखा था। फिर इतनी वर्षा हुई कि पानी खोखल तक आने लगा। तब दोनों ने सबको घोंसले में पहुँचाया। तभी से वे एक-दूसरे की मदद करती आई थीं।

फिर भी बच्चे नहीं माने। दोनों माताओं ने पेड़ छोड़ देने का विचार किया।

तभी बिल में छिपा साँप बाहर निकला और पेड़ पर चढ़ने लगा। चिंकी ने चिल्लाकर टीटू को सावधान किया। फिर वह तने पर चोंच मारने लगी। वहाँ से चिपचिपा दूध बहने लगा। इससे साँप का चढ़ना कठिन हो गया। टीटू ने सब बच्चों को चिंकी के घोंसले में पहुँचा दिया। अंत में साँप थककर बिल में लौट गया।

अब बच्चों ने एकता की ताकत देख ली थी। उन्होंने पड़ोसी धर्म भी समझ लिया। वे जान गए कि एक और एक ग्यारह होते हैं।

मैं कौन? — चित्रों के आधार पर वाक्य बनाओ

१. आकाश में काले बादल छाए हुए हैं ।
२. पक्षी बादलों के नीचे उड़ रहे हैं ।
३. मैदान के बीच एक बड़ा हरा पेड़ खड़ा है ।
४. रंग-बिरंगी तितलियाँ फूलों पर मँडरा रही हैं ।
५. दूर पर्वतों के पीछे सूरज निकल आया है ।
६. बच्चे बगीचे में फिसलपट्टी पर खेल रहे हैं ।

टीप : यह चित्र-आधारित कृति है। अपने वाक्य स्वयं बनाओ। हर वाक्य में कर्ता और क्रिया अवश्य हो।

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आओ, रचना के आधार पर वाक्य के प्रकार समझें

  • सरल वाक्य — इसमें एक ही उद्देश्य और एक ही विधेय होता है।
    जैसे — टीटू का घर पेड़ की खोखल में था ।
  • संयुक्त वाक्य — इसमें दो स्वतंत्र वाक्य ‘और, पर, किंतु, या’ से जुड़े होते हैं।
    जैसे — साँप बाहर निकला और पेड़ पर चढ़ने लगा ।
  • मिश्र वाक्य — इसमें मुख्य वाक्य के साथ आश्रित उपवाक्य ‘कि, जो, जब, क्योंकि’ से जुड़ा होता है।
    जैसे — टीटू के बच्चों का कहना था कि पेड़ उनका है ।

कहानी से और उदाहरण :

सरल — बच्चे लड़ाई पर उतारू थे ।
संयुक्त — दोनों माताएँ समझा-समझाकर थक गईं पर बच्चे नहीं माने ।
मिश्र — जब पानी घर तक पहुँचने लगा, तब दोनों ने सबको घोंसले में पहुँचाया ।

शब्द वाटिका

शब्दअर्थ
खोखलपेड़ के तने में बना हुआ बड़ा छेद, कोटर
बसेराघर / आवास
परेशानत्रस्त
आसमानआकाश
मौकाअवसर
तनापेड़ का निचला भाग
नीड़घोंसला
पौ फटनासवेरा होना
उतारू होनातैयार हो जाना, अड़ जाना

मुहावरा व कहावत :

एक और एक ग्यारह होते हैं = एकता में शक्ति होती है  •  वाक्य : दोनों भाइयों ने मिलकर काम जल्दी पूरा किया — सच है, एक और एक ग्यारह होते हैं ।
अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता = अकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकता  •  वाक्य : पूरे गाँव ने मिलकर बाँध बनाया, क्योंकि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता ।
राहत की साँस लेना = चिंता दूर होना  •  वाक्य : बच्चे सुरक्षित लौटे तो सबने राहत की साँस ली ।

भाषा की ओर

१विरामचिह्न रहित अनुच्छेद में विरामचिह्न लगाओ।

विरामचिह्न लगाने पर अनुच्छेद इस प्रकार होगा —

काबुलीवाले ने पूछा, ‘‘बिटिया, अब कौन-सी चूड़ियाँ चाहिए?’’ मैंने अपनी गुड़िया दिखाकर कहा, ‘‘मेरी गुड़िया के लिए अच्छी-सी चूड़ियाँ दे दो — जैसे लाल, नीली, पीली।’’

कौन-सा चिह्न कहाँ लगा :

  • , (अल्पविराम) — ‘पूछा’ के बाद, ‘बिटिया’ के बाद और रंगों के बीच।
  • ? (प्रश्नवाचक चिह्न) — प्रश्न के अंत में।
  • । (पूर्णविराम) — वाक्य के अंत में।
  • ‘‘ ’’ (दोहरा अवतरण चिह्न) — दोनों कथनों के आगे-पीछे।
  • - (योजक चिह्न) — कौन-सी, अच्छी-सी।
  • — (निर्देशक चिह्न) — ‘जैसे’ से पहले।

अध्ययन कौशल — प्राणियों का वर्गीकरण

  • जलचर (जल में रहनेवाले) — मछली, ऑक्टोपस
  • थलचर (जमीन पर रहनेवाले) — भैंस, सिंह, गिलहरी, ऊँट, चूहा, साँप
  • नभचर (आकाश में उड़नेवाले) — चिड़िया, तोता, उल्लू
  • उभयचर (जल और थल दोनों में रहनेवाले) — मेंढक, मगरमच्छ

ध्यान दो : कुछ प्राणी एक से अधिक वर्ग में आ सकते हैं। जैसे — बतख तैरती है, चलती है और उड़ भी सकती है।

खोजबीन — विलुप्त होते प्राणी और पक्षी

प्राणी : बाघ, एशियाई सिंह, एक सींगवाला गैंडा, हिम तेंदुआ, गंगा की डॉल्फिन

पक्षी : गिद्ध, माळढोक (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड), सारस, हॉर्नबिल (धनेश), गौरैया (संख्या घटती हुई)

विलुप्त होने के कारण : जंगलों की कटाई, शिकार, प्रदूषण और कीटनाशकों का अधिक उपयोग।

बचाने के उपाय : अभयारण्य बनाना, शिकार पर रोक, वृक्षारोपण और पक्षियों के लिए पानी-दाना रखना।

अन्य कृतियाँ

१कहानी का सारांश अपने शब्दों में लिखो।

टीटू गिलहरी और चिंकी चिड़िया एक ही पेड़ पर रहती थीं। एक दिन उनके बच्चे झगड़ पड़े कि पेड़ किसका है। टीटू ने उन्हें बताया कि आँधी और वर्षा में दोनों ने मिलकर बच्चों को बचाया था। फिर भी बच्चे नहीं माने।

तभी एक साँप पेड़ पर चढ़ने लगा। चिंकी ने टीटू को सावधान किया। उसने तने पर चोंच मारकर चिपचिपा दूध बहा दिया। इससे साँप चढ़ न सका। टीटू ने सब बच्चों को घोंसले में पहुँचा दिया। साँप थककर लौट गया।

इस घटना से बच्चों ने एकता की शक्ति समझ ली। उन्हें समझ आया कि एक और एक ग्यारह होते हैं।

सारांश लिखते समय ध्यान रखो : मुख्य घटनाएँ क्रम से लिखो। संवाद ज्यों-के-त्यों न लिखो। अंत में कहानी की सीख दो।

२जरा सोचो ..... चर्चा करो — यदि प्राणी नहीं होते तो ...

यदि प्राणी नहीं होते, तो पृथ्वी बहुत सूनी लगती। सुबह पक्षियों की चहचहाहट न होती। गाय-भैंस से दूध न मिलता।

खेती करना कठिन हो जाता। केंचुए मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं। मधुमक्खियाँ और तितलियाँ फूलों का परागण करती हैं। इनके बिना फल और बीज न बनते।

प्राणी प्रकृति के संतुलन की कड़ी हैं। इसलिए उनका संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है।

टीप : यह कल्पनात्मक प्रश्न है। अपने विचार अपने शब्दों में बताओ।

३मेरी कलम से — ‘बाघ बचाओ परियोजना’ के बारे में जानकारी प्राप्त कर लिखो।
  • बाघ भारत का राष्ट्रीय प्राणी है। शिकार और जंगलों की कटाई से उसकी संख्या बहुत घट गई थी।
  • इसलिए सन १९७३ में भारत सरकार ने ‘बाघ बचाओ परियोजना’ (Project Tiger) शुरू की।
  • इसमें देश भर में व्याघ्र प्रकल्प बनाए गए, जहाँ बाघ सुरक्षित रह सकें।
  • महाराष्ट्र में ताडोबा-अंधारी, मेळघाट और पेंच प्रमुख व्याघ्र प्रकल्प हैं।
  • शिकार पर कड़ी रोक लगाई गई।
  • २९ जुलाई को अंतरराष्ट्रीय व्याघ्र दिवस मनाया जाता है।
४सुनो तो जरा / बताओ तो सही / वाचन जगत से / स्वयं अध्ययन

विचार मंथन व सदैव ध्यान में रखो

।। जीवदया ही भूतदया है ।। प्राणियों का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है ।

‘जीवदया’ अर्थात जीवों पर दया। ‘भूतदया’ अर्थात सभी प्राणियों पर दया। पक्षियों के लिए पानी रखना, घायल प्राणी का उपचार कराना और किसी जीव को न सताना — यही जीवदया है।

कहानी में चिंकी ने पहले टीटू को सावधान किया। टीटू ने अपने बच्चे चिंकी के घोंसले में भेज दिए। यही सच्चा पड़ोसी धर्म है।

मैंने समझा

इस कहानी से मैंने समझा कि झगड़ा करने से कोई समस्या हल नहीं होती। पेड़ न गिलहरी का था, न चिड़िया का। वह दोनों का था।

संकट आने पर दोनों ने मिलकर साँप का सामना किया। इससे मैंने समझा कि एकता में ही सबसे बड़ी शक्ति है। अच्छे पड़ोसी कठिन समय में एक-दूसरे के काम आते हैं।

टीप : ‘मैंने समझा’ में विद्यार्थी को स्वयं के शब्दों में लिखना अपेक्षित है। ऊपर दिया गया उत्तर केवल नमूना है।