कक्षा ६ हिंदी · दूसरी इकाई

९. वह देश कौन-सा है ?

रामनरेश त्रिपाठी — कविता का भावार्थ, भारत की विविधता व विशेषताएँ, काल के भेद, क्रिया के रूप, राष्ट्रीय प्रतीक तथा यातायात संकेत. महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मंडळ (सुलभभारती).

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कविता के बारे में

‘वह देश कौन-सा है?’ कविता के कवि रामनरेश त्रिपाठी हैं। इस कविता में भारत की महिमा और सुंदरता का वर्णन है। कवि बार-बार पूछते हैं — ‘वह देश कौन-सा है?’ अंत में वे स्वयं उत्तर देते हैं कि भारत के सिवा ऐसा दूसरा देश नहीं। सूचना है — ‘पढ़ो, समझो और गाओ’।

मुख्य बिंदु

  • भारत मनमोहिनी प्रकृति की गोद में बसा है।
  • हिमालय भारत का मुकुट है और सागर उसके चरण धोता है।
  • यहाँ अमृत जैसी नदियाँ, रसीले फल और सुगंधित फूल हैं।
  • भारत संसार में सबसे पहले सभ्य हुआ देश है।
  • व्याकरण : काल के भेद और क्रिया के रूप।

शब्दार्थ

  • मनमोहिनी – मन को मोहित करनेवाली
  • रत्नेश – सागर
  • सुधा – अमृत
  • प्रसून – फूल
  • शिरोमणि – सबसे श्रेष्ठ

कवि परिचय

रामनरेश त्रिपाठी — जन्म : ४ मार्च १८८९; मृत्यु : १६ जनवरी १९६२.

प्रमुख रचनाएँ : ‘मिलन’, ‘स्वप्न’, ‘पथिक’, ‘मानसी’ आदि। आपने बालोपयोगी साहित्य भी लिखा है।

कविता का भावार्थ

१प्रकृति की गोद और हिमालय का मुकुट

कवि पूछते हैं — वह कौन-सा देश है, जो सुंदर प्रकृति की गोद में बसा है? जहाँ स्वर्ग जैसा सुख है? जिसके चरण सागर धोता है और जिसके सिर पर हिमालय मुकुट की तरह सजा है?

विशेष : यहाँ भारत को मनुष्य के रूप में दिखाया गया है। हिमालय उसका मुकुट है और सागर उसके चरण धोता है। यह मानवीकरण का उदाहरण है।

२नदियाँ, फल और फूल

वह कौन-सा देश है, जहाँ नदियाँ अमृत जैसी धारा बहाती हैं? जहाँ बड़े और रसीले फल, कंद, अनाज और मेवे होते हैं? जहाँ सुगंधित फूल दिन-रात खिले रहते हैं?

३हरियाली और अपार संपत्ति

वह कौन-सा देश है, जिसके मैदानों, पर्वतों और वनों में हरियाली लहराती है? जिसकी धरती अनंत धन-संपत्ति से भरी है? जो सारे संसार का शिरोमणि है?

४सबसे प्राचीन सभ्यता और नवक्रांति के सपूत

वह कौन-सा देश है, जो संसार में सबसे पहले सभ्य हुआ? जो जन-जन का दुलारा है? जिसके सपूत नई क्रांति के पुजारी और सच्चे सेवक हैं? अंत में कवि उत्तर देते हैं — भारत के सिवा ऐसा दूसरा देश कोई नहीं।

विशेष : कवि पूरी कविता में प्रश्न पूछते हैं और अंतिम पंक्ति में उत्तर देते हैं। इससे पाठक की जिज्ञासा बनी रहती है।

कविता का केंद्रीय भाव

इस कविता में भारत की प्राकृतिक सुंदरता, संपन्नता और प्राचीन गौरव का वर्णन है। हिमालय, सागर, नदियाँ, फल, फूल और हरियाली भारत को स्वर्ग जैसा बनाते हैं। भारत विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यता भी है। कविता पढ़कर मन में देश के प्रति प्रेम और गर्व जागता है।

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इस कविता के आधार पर भारत की विविधता एवं विशेषताएँ

१. भारत सुंदर प्रकृति की गोद में बसा देश है। यहाँ का सुख स्वर्ग जैसा है।
२. उत्तर में हिमालय मुकुट की तरह खड़ा है।
३. दक्षिण में सागर भारत के चरण धोता है।
४. यहाँ की नदियाँ अमृत जैसी धारा बहाती हैं और खेतों को सींचती हैं।
५. यहाँ रसीले फल, कंद, अनाज और मेवे भरपूर होते हैं।
६. यहाँ सुगंधित फूल दिन-रात खिले रहते हैं।
७. मैदान, पर्वत और वन — सब जगह हरियाली लहराती है।
८. भारत संसार में सबसे पहले सभ्य हुआ देश है।

टीप : ऊपर दिए गए वाक्य केवल नमूना हैं। इन्हें अपने शब्दों में लिखो।

शब्द वाटिका — नए शब्द

शब्दअर्थशब्दअर्थ
मनमोहिनीमन को मोहित करनेवालीप्रसूनफूल
निरंतरसदैवगिरिपर्वत
रत्नेशसागरधनसंपत्ति
सुधाअमृतसंसारविश्व
सलोनासुंदरदुलाराप्यारा
नाजअनाजशिरोमणिसबसे श्रेष्ठ, सिरमौर

चित्र के आधार पर काल संबंधी वाक्य बनाओ

तीनों चित्रों में एक ही व्यक्ति लड्डू के साथ दिखाया गया है —

  • कल (बीता हुआ) : कल मैंने लड्डू खाए थे । — भूतकाल
  • आज : आज मैं लड्डू खा रहा हूँ । — वर्तमानकाल
  • कल (आनेवाला) : कल मैं लड्डू खाऊँगा । — भविष्यकाल

काल के भेद समझो :

  • भूतकाल — बीते हुए समय का बोध। पहचान : था, थे, थी। जैसे — वह विद्यालय गया था ।
  • वर्तमानकाल — चल रहे समय का बोध। पहचान : है, हैं, रहा है। जैसे — वह विद्यालय जा रहा है ।
  • भविष्यकाल — आनेवाले समय का बोध। पहचान : गा, गे, गी। जैसे — वह विद्यालय जाएगा ।

ध्यान दो : कविता में भी तीनों काल आए हैं — ‘सभ्य था’ (भूतकाल), ‘भरी पड़ी है’ (वर्तमानकाल), ‘रहेगा’ (भविष्यकाल)।

भाषा की ओर

१‘खेलना’ इस क्रिया के सकर्मक, अकर्मक, संयुक्त, सहायक और प्रेरणार्थक रूपों का वाक्यों में प्रयोग करो और लिखो।
  • सकर्मक — राहुल क्रिकेट खेलता है ।
  • अकर्मक — बच्चे मैदान में खेलते हैं ।
  • संयुक्त — बच्चे खेलने लगे ।
  • सहायक — वह खेल रहा है ।
  • प्रेरणार्थक — शिक्षक ने बच्चों को कबड्डी खिलाई । प्रशिक्षक ने कप्तान से टीम को खिलवाया ।

ध्यान दो : ‘खिलाना’ दो अर्थों में आता है — ‘खाना’ से बना (भोजन देना) और ‘खेलना’ से बना (खेल करवाना)। अर्थ वाक्य से स्पष्ट होता है।

स्वयं अध्ययन — राष्ट्रीय प्रतीकों के नाम

  1. तीन रंगोंवाला ध्वज — राष्ट्रध्वज — तिरंगा
  2. बाघ — राष्ट्रीय प्राणी — बाघ
  3. पंख फैलाए मोर — राष्ट्रीय पक्षी — मोर
  4. आम — राष्ट्रीय फल — आम
  5. कमल — राष्ट्रीय पुष्प — कमल
  6. हॉकी खेलता खिलाड़ी — हॉकी

जानने योग्य : राष्ट्रगान — ‘जन गण मन’; राष्ट्रगीत — ‘वंदे मातरम्’; राष्ट्रीय चिह्न — अशोक स्तंभ; राष्ट्रीय वृक्ष — बरगद; राष्ट्रीय नदी — गंगा। हॉकी को लोकप्रिय रूप से राष्ट्रीय खेल कहा जाता है, पर सरकार ने किसी खेल को आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय खेल घोषित नहीं किया है।

हमें जानो — यातायात संकेत और उनका अर्थ

  • लाल अष्टकोण में ‘STOP’ — रुकिए।
  • लाल गोले में वृत्त और तिरछी रेखा — वाहन खड़ा करना मना है।
  • यू-टर्न के तीर पर तिरछी रेखा — वापस मुड़ना मना है।
  • हॉर्न पर तिरछी रेखा — हॉर्न बजाना मना है।
  • दो तीरों पर तिरछी रेखा — आगे निकलना (ओवरटेक) मना है।
  • ट्रक पर तिरछी रेखा — भारी वाहनों का प्रवेश मना है।
  • ऊपर की ओर तीर — केवल सीधे जाएँ।
  • लाल त्रिकोण में दौड़ता व्यक्ति — आगे पैदल यात्री मार्ग पार करते हैं, सावधानी से चलें।

याद रखो : लाल गोला = मना करनेवाला संकेत। लाल त्रिकोण = सावधानी का संकेत। नीला गोला = अनिवार्य संकेत।

अन्य कृतियाँ

१जरा सोचो ..... बताओ — यदि हिमालय की बर्फ पिघलना बंद हो जाए तो .....

यदि हिमालय की बर्फ पिघलना बंद हो जाए, तो गंगा और यमुना जैसी नदियों में गरमी में पानी नहीं आएगा। ये नदियाँ बर्फ पिघलने से ही वर्ष भर बहती हैं।

नदियाँ सूख जाएँगी, तो सिंचाई रुक जाएगी। फसलें सूख जाएँगी। करोड़ों लोगों को पीने का पानी नहीं मिलेगा।

हिमालय हमारा मुकुट ही नहीं, हमारा जलस्रोत भी है। इसलिए उसकी रक्षा करनी चाहिए।

टीप : यह कल्पनात्मक प्रश्न है। अपने विचार अपने शब्दों में बताओ।

२खोजबीन — ‘परमवीर चक्र’ पुरस्कार प्राप्त सैनिकों की सूची बनाओ।

परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है। यह युद्ध में असाधारण वीरता दिखानेवाले सैनिकों को दिया जाता है। कुछ नाम —

  1. मेजर सोमनाथ शर्मा (प्रथम प्राप्तकर्ता) — १९४७
  2. नायक जदुनाथ सिंह — १९४८
  3. कंपनी हवलदार मेजर पीरू सिंह — १९४८
  4. मेजर धनसिंह थापा — १९६२
  5. सूबेदार जोगिंदर सिंह — १९६२
  6. मेजर शैतान सिंह — १९६२
  7. कंपनी क्वार्टर मास्टर हवलदार अब्दुल हमीद — १९६५
  8. लांस नायक अल्बर्ट एक्का — १९७१
  9. फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों — १९७१
  10. कैप्टन विक्रम बत्रा — १९९९ (कारगिल)
  11. ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव — १९९९ (कारगिल)
  12. कैप्टन मनोज कुमार पांडे — १९९९ (कारगिल)
३बताओ तो सही — अपने परिवेश में शांति किस प्रकार स्थापित की जा सकती है?
  • सबसे प्रेम से बोलें और किसी का अपमान न करें।
  • मतभेद बातचीत से सुलझाएँ, झगड़ा न करें।
  • जाति, धर्म या भाषा के आधार पर भेदभाव न करें।
  • अनावश्यक शोर न करें।
  • कठिनाई में पड़ोसियों की सहायता करें।
४सुनो तो जरा / वाचन जगत से / मेरी कलम से

विचार मंथन व सदैव ध्यान में रखो

।। स्वतंत्रता मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है ।। ऐतिहासिक वास्तुओं का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है ।

यह गर्जना लोकमान्य बाळ गंगाधर तिलक की है। उन्होंने कहा था — ‘स्वतंत्रता मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं उसे लेकर रहूँगा।’ इस वाक्य ने देश में स्वतंत्रता का जोश भर दिया।

किले, गुफाएँ, मंदिर और स्मारक हमारे इतिहास के प्रमाण हैं। उन पर नाम न लिखें और कचरा न फैलाएँ। उनकी रक्षा करना ही सच्ची देशभक्ति है।

मैंने समझा

इस कविता से मैंने समझा कि हमारा भारत अनोखा देश है। हिमालय उसका मुकुट है और सागर उसके चरण धोता है। नदियाँ, फल, फूल और हरियाली इसे स्वर्ग जैसा बनाते हैं।

कविता पढ़कर मेरे मन में देश के लिए प्रेम और गर्व जागा। मैं अपने देश को सुंदर और स्वच्छ रखने का प्रयत्न करूँगा।

टीप : ‘मैंने समझा’ में विद्यार्थी को स्वयं के शब्दों में लिखना अपेक्षित है। ऊपर दिया गया उत्तर केवल नमूना है।