२. दो लघुकथाएँ
लेखक — हरि जोशी | संपूर्ण स्वाध्याय, प्रश्न-उत्तर, भाषा बिंदु और विज्ञापन लेखन। महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मंडळ (सुलभभारती)।
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स्वाध्याय (सूचना के अनुसार कृतियाँ करो)
- पंक्तिबद्ध और एकजुट रहने के कारण दाँत बहुत दुस्साहसी हो गए थे और गर्व में चूर हो गए थे।
- जिह्वा ने अविवेक पूर्ण उत्तर दिया। — गलत
- दाँत घमंडी थे। — सही
- सभी अपराधियों को नियमानुसार सजा नहीं हुई। — गलत
- ठेकेदार पुराना था। — गलत
| ‘अ’ | उत्तर (‘आ’) |
|---|---|
| १. बहुमंजिला | इमारत |
| २. अधिकारी | भ्रष्ट |
| ३. नया ठेकेदार | ईमानदार |
| ४. सार्वजनिक समारोह | सम्मान |
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भाषा बिंदु
| शब्द | मुहावरा व अर्थ | वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|
| ईंट | ईंट से ईंट बजाना (बुरी तरह नष्ट करना / कड़ा मुकाबला करना) | शिवाजी महाराज की सेना ने दुश्मनों की ईंट से ईंट बजा दी। |
| जान | जान पर खेलना (प्राणों की परवाह न करना) | हमारे वीर सैनिक अपनी जान पर खेलकर देश की रक्षा करते हैं। |
| पानी | पानी-पानी होना (बहुत लज्जित होना) | रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने पर अधिकारी पानी-पानी हो गया। |
| खिचड़ी | खिचड़ी पकाना (गुप्त रूप से षड्यंत्र रचना) | पता नहीं वे दोनों कमरे में बैठकर क्या खिचड़ी पका रहे हैं। |
उपयोजित लेखन व मौलिक सृजन
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दिनांक: १० नवंबर, २०२६
समय: सुबह १० बजे से शाम ५ बजे तक
स्थान: सरस्वती विद्यालय प्रांगण, शिवाजी नगर, पुणे।
"जल है तो कल है!" — प्रवेश निःशुल्क!
विनम्रता मनुष्य का सबसे सुंदर आभूषण है। जिस प्रकार एक मजबूत नींव पर ही भव्य इमारत खड़ी हो सकती है, उसी प्रकार मनुष्य के चरित्र में दया, प्रेम, ईमानदारी और क्षमा जैसे सद्गुण तभी विकसित हो सकते हैं जब उसके स्वभाव में विनम्रता (नम्रता) हो।
घमंडी व्यक्ति हमेशा दूसरों को नीचा दिखाने का प्रयास करता है, जिससे वह समाज में अपना सम्मान खो देता है। दूसरी ओर, विनम्र व्यक्ति फलों से लदे पेड़ की तरह हमेशा झुका रहता है और सबका आदर करता है। विनम्रता कठिन से कठिन परिस्थितियों और विरोधियों को भी अपने वश में कर सकती है। इसलिए यह कथन पूर्णतः सत्य है कि विनम्रता ही सभी सद्गुणों का आधार और नींव है।
इन दोनों लघुकथाओं से मैंने यह समझा कि बुरे काम का नतीजा हमेशा बुरा होता है। हमें अपने कार्य में हमेशा ईमानदारी और सत्यनिष्ठा रखनी चाहिए; रिश्वत और भ्रष्टाचार का अंत बुरा ही होता है। दूसरी कथा से मैंने यह सीखा कि घमंड और कठोरता हमेशा हारते हैं, जबकि विनम्रता जीतती है। हमें जीभ की तरह विनम्र रहना चाहिए, न कि दाँतों की तरह घमंडी और कठोर।