कक्षा ९ हिंदी · पहली इकाई

४. सिंधु का जल

अशोक चक्रधर — कविता का भावार्थ, प्राकृतिक जलस्रोत, भिन्नार्थक शब्द, भाषा बिंदु (सहायक एवं प्रेरणार्थक क्रिया) और स्वाध्याय के सभी प्रश्नों के उत्तर।

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कविता का परिचय : प्रस्तुत नई कविता 'सिंधु का जल' में कवि अशोक चक्रधर जी ने सिंधु नदी के पवित्र जल के माध्यम से मनुष्य को सभ्यता, संस्कृति, इंसानियत, परोपकार और सर्वधर्म समभाव (सभी धर्मों को समान मानना) जैसे मानवीय गुणों को अपनाने का संदेश दिया है।

आसपास

★नदी के जल-प्रदूषण पर चर्चा कीजिए :-
  • नदी का नाम : गंगा नदी
  • उद्गम स्थल : गंगोत्री ग्लेशियर (गोमुख), उत्तराखंड
  • जल का उपयोग : गंगा के जल का उपयोग मुख्य रूप से पीने, खेती की सिंचाई, मत्स्य पालन (मछली पालन), उद्योगों और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए किया जाता है।
  • वर्तमान स्थिति : अत्यधिक प्रदूषण के कारण गंगा का जल कई स्थानों पर पीने योग्य नहीं रहा है। शहरों का सीवेज (गंदा पानी), कारखानों का विषैला रसायन, और प्लास्टिक कचरा सीधे नदी में डाला जा रहा है, जिससे नदी का अस्तित्व खतरे में है।
  • सुधार के उपाय : कारखानों के दूषित पानी को शुद्ध करके ही नदी में छोड़ना चाहिए (वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर)। प्लास्टिक व कूड़ा कचरा नदी में फेंकने पर सख्त पाबंदी होनी चाहिए। इसके अलावा, नदियों को स्वच्छ रखने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाना अत्यंत आवश्यक है।

पाठ के आँगन में (स्वाध्याय)

१सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :-

(क) आकृति पूर्ण कीजिए : प्राकृतिक जलस्रोत

नदी
वर्षा (बारिश)
झील
झरना

अन्य उत्तर : सागर, कुआँ, भूजल (Groundwater) आदि भी प्राकृतिक जलस्रोत हैं।

(ख) पूर्ण कीजिए : पावन जल स्नान करने वालों से नहीं पूछता-

  1. उसकी जात
  2. उनका मजहब
  3. उनका धर्म
२भारत के मानचित्र में अलग-अलग राज्यों में बहने वाली नदियों की जानकारी निम्न मुद्दों के आधार पर तालिका में लिखिए :
अ.क्र.नदी का नामउद्गम स्थलराज्यबाँध का नाम
१गोदावरीत्र्यंबकेश्वर (नासिक)महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेशजायकवाड़ी बाँध (पैठण)
२नर्मदाअमरकंटकमध्य प्रदेश, गुजरातसरदार सरोवर बाँध
३कृष्णामहाबलेश्वरमहाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेशनागार्जुन सागर / अलमट्टी बाँध
४कावेरीतलकावेरी (ब्रह्मगिरि)कर्नाटक, तमिलनाडुकृष्णराज सागर बाँध
३पाठ से ढूँढ़कर लिखिए :

(च) संगीत - लय निर्माण करने वाले शब्द :

कल-कल खनकती (तलवारें) गूँजती (टापें) गरजती (तोपें)

(छ) भिन्नार्थक शब्दों के अर्थ लिखिए और ऐसे अन्य दस शब्द ढूँढ़िए :

अलि - भँवरा (Bumblebee)
अली - सखी या मित्र (Friend)

अन्य दस भिन्नार्थक शब्द (श्रुतिसम भिन्नार्थक) :

शब्द (१) : अर्थशब्द (२) : अर्थ
दिन : दिवसदीन : गरीब / असहाय
कुल : वंश / सबकूल : किनारा
चिर : पुराना / दीर्घचीर : वस्त्र / कपड़ा
अनल : आगअनिल : हवा
अंश : भाग / हिस्साअंस : कंधा
ओर : तरफ (दिशा)और : तथा (योजक)
सूत : धागा / सारथीसुत : पुत्र / बेटा
गृह : घरग्रह : आकाशीय पिंड / नक्षत्र
नीर : पानीनीड़ : घोंसला
समान : बराबर / एक जैसासामान : वस्तुएँ / सामग्री

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अभिव्यक्ति (कल्पना पल्लवन / पाठ से आगे)

४कल्पना पल्लवन : 'मैं हूँ नदी' इस विषय पर कविता कीजिए।

मैं हूँ नदी

कल-कल, छल-छल बहती हूँ मैं,
पर्वत की बेटी कहलाती हूँ मैं।
कठिन चट्टानों को चीरकर,
मैदानों में जीवन लाती हूँ मैं।

ना कोई मेरा अपना, ना पराया,
सबकी प्यास बुझाती हूँ मैं।
मैं हूँ नदी, बस मैं हूँ नदी,
निरंतर आगे बढ़ती जाती हूँ मैं।

५पाठ से आगे : 'नदी जल मार्ग योजना' के संदर्भ में अपने विचार लिखिए।

भारत में 'राष्ट्रीय जल मार्ग योजना' (National Waterways) के तहत नदियों को माल ढुलाई (Cargo) और परिवहन के लिए विकसित किया जा रहा है। मेरे विचार से यह एक बहुत ही लाभदायक योजना है।

नदी जल मार्ग सड़क और रेल परिवहन की तुलना में बहुत सस्ता और सुरक्षित होता है। इससे ट्रकों और भारी वाहनों का बोझ सड़कों पर कम होगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं और वायु प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी। इसके साथ ही, जल मार्गों के विकास से क्रूज़ और नौकायन जैसे पर्यटन उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे। अतः आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों दृष्टियों से यह योजना देश के लिए वरदान साबित होगी।

भाषा बिंदु (व्याकरण)

६(१) प्रेरणार्थक क्रिया का रूप पहचानकर उसका वाक्य में प्रयोग कीजिए :-
  • (क) जिसे वहाँ से जबरन हटाना पड़ता था।
    क्रिया का रूप : हटाना (प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया)।
    वाक्य : सिपाही ने दुर्घटनास्थल से भीड़ को जल्दी हटाया।
  • (ख) महाराजा उम्मेद सिंह द्वारा निर्मित होने से 'उम्मेद भवन' कहलवाया जाता है।
    क्रिया का रूप : कहलवाया (कहलवाना - द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया)।
    वाक्य : सेठ जी ने अपने नौकर के हाथों यह संदेश कहलवाया।
७(२) सहायक क्रिया पहचानिए :-
  • (च) हम मेहरान गढ़ किले की ओर बढ़ने लगे।
    सहायक क्रिया : लगे (मूल रूप - लगना)।
  • (छ) काँच का कार्य पर्यटकों को आश्चर्यचकित कर देता है।
    सहायक क्रिया : देता (मूल रूप - देना) / है (मूल रूप - होना)।
८(३) सहायक क्रिया का वाक्य में प्रयोग कीजिए :-
  • (त) होना : तुम्हें यह काम समय पर पूरा करना है। (या - बारिश अचानक शुरू हो गई।)
  • (थ) पड़ना : आवश्यक काम के कारण मुझे अचानक दिल्ली जाना पड़ा।
  • (द) रहना : वह बच्चा मैदान में दिन-भर खेलता रहा।
  • (ध) करना : तुम रोज़ सुबह उठकर व्यायाम किया करो।