कक्षा 5 हिंदी · वीणा · CBSE

10. तीन मछलियाँ

पंचतंत्र पर आधारित कहानी ‘तीन मछलियाँ’ के सभी अभ्यास — सरल भाषा में प्रश्न-उत्तर। NCERT वीणा, कक्षा 5.

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कहानी का सार : यह कहानी पंचतंत्र पर आधारित है। इसे मालती देवी ने लिखा है। एक सरोवर में तीन मछलियाँ रहती थीं। अनागतविधाता भविष्य की समस्याओं का हल पहले से सोच लेती थी। प्रत्युत्पन्नमति की बुद्धि बहुत तेज़ थी। वह समय पड़ने पर तुरंत उपाय निकाल लेती थी। यद्भविष्य आलसी थी। वह सब कुछ भाग्य के भरोसे छोड़ देती थी। एक दिन मछुआरों ने अगली सुबह जाल डालने की योजना बनाई। अनागतविधाता बहुत-सी मछलियों के साथ रात में ही दूसरे सरोवर में चली गई। सुबह बाकी मछलियाँ जाल में फँस गईं। प्रत्युत्पन्नमति मरी हुई मछली बनकर पड़ गई। मछुआरों ने उसे सरोवर में फेंक दिया और वह बच गई। पर यद्भविष्य की जान नहीं बची।

बातचीत के लिए

1क्या आपने कभी नदी, पोखर या समुद्र तट का भ्रमण किया है? आपने वहाँ क्या-क्या देखा?

हाँ, मैं परिवार के साथ समुद्र तट पर गया/गई था/थी। वहाँ मैंने ऊँची लहरें, रेत, सीपियाँ, नावें और मछुआरे देखे। कुछ बच्चे रेत के घर बना रहे थे। शाम को डूबता सूरज बहुत सुंदर लग रहा था।

2क्या किसी कार्य को भाग्य के भरोसे छोड़ना चाहिए? अपने उत्तर का कारण दीजिए।

नहीं, किसी कार्य को भाग्य के भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए। मेहनत और सूझ-बूझ से ही काम पूरा होता है। यद्भविष्य भाग्य के भरोसे बैठी रही, इसलिए उसकी जान चली गई।

3यदि यद्भविष्य के स्थान पर आप होते तो मछुआरों से अपने प्राण कैसे बचाते?

मैं अनागतविधाता की बात मानकर रात में ही दूसरे सरोवर में चला/चली जाता/जाती। यदि जाल में फँस भी जाता/जाती तो प्रत्युत्पन्नमति की तरह कोई उपाय सोचता/सोचती।

4आपको कौन-सी मछली सबसे अच्छी लगी और क्यों?

मुझे अनागतविधाता सबसे अच्छी लगी। वह संकट आने से पहले ही उसका हल सोच लेती थी। उसने केवल अपनी ही नहीं, बल्कि दूसरी मछलियों की जान भी बचाई।

पाठ से

1(क) अनागतविधाता को बहुत बुद्धिमती किस कारण से बताया गया है?

(i) नाम के अनुरूप स्वभाव होने के कारण

(iii) भविष्य की संभावित समस्याओं का हल पहले से ही निकाल लेने के कारण

•(ख) मछुआरों की बातें सुनकर सभी मछलियों ने सभा क्यों की?

(ii) अपने प्राण बचाने हेतु कोई उपाय ढूँढ़ने के लिए

•(ग) मछुआरों ने प्रत्युत्पन्नमति को जाल में से बाहर क्यों फेंक दिया?

(i) उन्हें जीवित मछलियाँ चाहिए थीं।

•(घ) मछुआरों के जाल में कौन-कौन सी मछलियाँ फँस गईं?

(ii) प्रत्युत्पन्नमति, यद्भविष्य और अन्य सभी बड़ी-बड़ी मछलियाँ

2स्तंभ ‘क’ और स्तंभ ‘ख’ का मिलान कीजिए —
स्तंभ ‘क’स्तंभ ‘ख’
सुंदरसरोवर
अनागतविधाताबुद्धिमती
प्रत्युत्पन्नमतितीक्ष्ण और तीव्र बुद्धि
बड़ी-बड़ीमछलियाँ
यद्भविष्यआलसी

सोचिए और लिखिए

1प्रत्युत्पन्नमति पहले से ही समस्या का समाधान करने की आवश्यकता क्यों नहीं समझती थी?

प्रत्युत्पन्नमति की सूझ-बूझ बहुत पैनी थी। वह समय पड़ने पर किसी भी उलझन का हल क्षण भर में निकाल लेती थी। इसलिए वह पहले से समाधान करना ज़रूरी नहीं समझती थी।

2सभी मछलियों के भयभीत होने का क्या कारण था?

अनागतविधाता ने बताया कि दो मछुआरे अगली सुबह जाल डालकर सब मछलियों को पकड़ने वाले हैं। यह सुनकर सभी मछलियाँ भयभीत हो गईं।

3‘जो होना होगा सो तो होगा ही’, यह किस मछली का मानना था और वह ऐसा क्यों मानती थी?

यह यद्भविष्य का मानना था। वह आलसी थी। वह मेहनत और सोच-विचार से बचना चाहती थी। इसलिए वह सब कुछ भाग्य के भरोसे छोड़ देती थी।

4अनागतविधाता ने मछुआरों की योजना से बचने के लिए क्या उपाय सुझाया?

अनागतविधाता ने सुझाया कि सवेरा होने से पहले सब मछलियाँ यह सरोवर छोड़कर पास के दूसरे सरोवर में चली जाएँ।

5प्रत्युत्पन्नमति ने मछुआरों से बचने के लिए क्या उपाय किया?

प्रत्युत्पन्नमति समझ गई कि मछुआरों को जीवित मछलियाँ चाहिए। उसने अपना शरीर सिकोड़ लिया और आँखें बंद करके मरी हुई-सी पड़ गई। मछुआरों ने उसे मरा समझकर सरोवर में फेंक दिया।

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भाषा की बात

1शब्द सरोवर के शब्दों को उनके परिवार (संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया) में लिखिए —
  • संज्ञा — सभा, सरोवर, मछली, यद्भविष्य, मछुआरा
  • सर्वनाम — वह, हमने, उन्होंने, मैं
  • विशेषण — कुछ, सुंदर, तीन, पहली, अच्छा, दो
  • क्रिया — बचना, रहना, सोचना, लिखना, जाना
2कहानी में आए एकवचन और बहुवचन शब्दों से तालिका पूर्ण कीजिए —
एकवचन शब्दबहुवचन शब्द
मछलीमछलियाँ
ध्वनिध्वनियाँ
मैंहम
मछुआरामछुआरे
समस्यासमस्याएँ
बातबातें
आँखआँखें
3उपयुक्त शब्दों (ने, में, को, के, का, की, पर) से रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए —

(क) मछुआरों का ध्यान पानी में सैर करती हुई मछलियों पर गया।

(ख) मछुआरों की बातें तीनों मछलियों ने सुन लीं।

(ग) वह कहने लगी कि मैं तो अपने इस पुराने निवास स्थान को छोड़कर कहीं नहीं जाऊँगी।

(घ) उत्तर भारत के एक सुंदर सरोवर में तीन मछलियाँ रहती थीं।

4उचित विराम चिह्न लगाकर वाक्य पुनः लिखिए —

(क) एक समय की बात है।

(ख) पहला मछुआरा बोला, “अरे! देखो, इस सरोवर में कितनी बड़ी-बड़ी मछलियाँ हैं।”

(ग) मछुआरों ने सरोवर में अनागतविधाता, प्रत्युत्पन्नमति, यद्भविष्य और बड़ी-बड़ी स्वस्थ मछलियाँ देखीं।

(घ) “हाँ, हाँ, और इतनी सारी मछलियाँ एक ही जगह हमने पहले कभी नहीं देखीं।” दूसरा मछुआरा बोला।

(ङ) मछुआरों की बातें तीनों मछलियों ने सुन लीं।

अनुमान और कल्पना

1प्रत्युत्पन्नमति की योजना सफल न होती तो उसकी अन्य योजना क्या हो सकती थी?

वह जाल के किसी छेद को ढूँढ़कर उसमें से फिसलकर निकल जाती। या जब मछुआरे जाल किनारे खींचते, तब वह ज़ोर से उछलकर वापस पानी में कूद जाती।

2अनुमान लगाकर बताइए कि समुद्र में इतना अधिक जल कहाँ से आता है।

बहुत-सी नदियाँ बहकर समुद्र में मिलती हैं। वर्षा का पानी भी समुद्र में जाता है। इसलिए समुद्र में इतना अधिक जल होता है।

3प्रत्युत्पन्नमति तैरकर अपनी मित्र अनागतविधाता के पास पहुँच गई। दोनों में क्या बातचीत हुई होगी?

अनागतविधाता : अरे प्रत्युत्पन्नमति! तुम बच गईं? मैं तो बहुत चिंतित थी।
प्रत्युत्पन्नमति : हाँ बहन, मैं मरी हुई मछली बनकर पड़ गई। मछुआरों ने मुझे पानी में फेंक दिया।
अनागतविधाता : वाह! तुम्हारी सूझ-बूझ ने तुम्हें बचा लिया। और यद्भविष्य?
प्रत्युत्पन्नमति : उसे मछुआरे ले गए। काश! वह हमारी बात मान लेती।
अनागतविधाता : सच है, भाग्य के भरोसे बैठे रहने से संकट नहीं टलता।
प्रत्युत्पन्नमति : तुम ठीक कहती हो। अब मैं भी पहले से सोचकर चलूँगी।

बूझो तो जानें

1पानी में तैरती मछलियों में से बिलकुल एक जैसी दो मछलियाँ कौन-सी हैं?

अंक 2 और 4 की मछलियाँ

पुस्तकालय से

•शब्दकोश की सहायता से शब्दों के अर्थ लिखिए —
शब्दअर्थ
गाढ़ीघनिष्ठ, गहरी
विनोदमनोरंजन, हँसी-खुशी
तीक्ष्णतेज़, पैनी
चिंतनसोच-विचार
विश्रामआराम
श्रममेहनत, परिश्रम

खट्टे हैं अंगूर

•चित्र की सहायता से ‘खट्टे हैं अंगूर’ कहानी अपने शब्दों में लिखिए।

एक दिन एक लोमड़ी को बहुत भूख लगी। वह भोजन की खोज में एक बाग में पहुँची। वहाँ एक बेल पर ऊँचाई पर पके हुए अंगूरों के गुच्छे लटक रहे थे। अंगूर देखकर लोमड़ी के मुँह में पानी आ गया। उसने उछलकर अंगूर पकड़ने चाहे, पर वे बहुत ऊँचे थे। उसने बार-बार कोशिश की, पर अंगूर हाथ नहीं आए। अंत में वह थककर बोली, “ये अंगूर तो खट्टे हैं। इन्हें कौन खाए!” और वह वहाँ से चली गई।

सीख — जब कोई चीज़ नहीं मिलती तो लोग उसमें कमी निकालने लगते हैं।