कक्षा 7 हिंदी · मल्हार

2. तीन बुद्धिमान

लोककथा — पाठ का सार और सभी प्रश्नों के सरल उत्तर. NCERT मल्हार (CBSE).

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पाठ का सार : एक निर्धन पिता ने अपने तीन बेटों को पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि का धन जमा करने की सीख दी। पिता की मृत्यु के बाद तीनों भाई यात्रा पर निकले। रास्ते में चिह्न देखकर उन्होंने एक खोए ऊँट के बारे में सब कुछ सही बता दिया। ऊँट के मालिक ने उन्हें चोर समझा और राजा के पास ले गया। राजा ने एक बंद पेटी से उनकी परीक्षा ली। भाइयों ने बता दिया कि पेटी में कच्चा अनार है। राजा उनकी बुद्धि से प्रसन्न हुआ और उन्हें अपने दरबार में रख लिया।

मेरी समझ से

1पिता ने बेटों से ‘धन संचय करने’ को कहा। इसका क्या अर्थ हो सकता है?

सही उत्तर :
पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि का विकास करना

2तीनों भाइयों ने बुद्धि का उपयोग करके ऊँट के बारे में बहुत-कुछ बता दिया। इससे क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?

सही उत्तर :
समस्या को सुलझाने के लिए ध्यान से निरीक्षण करना महत्वपूर्ण है।

3राजा ने भाइयों की बुद्धिमत्ता पर विश्वास क्यों किया?

सही उत्तर :
भाइयों ने अपनी बात को तर्क के साथ समझाया।

राजा ने पेटी द्वारा स्वयं उनकी परीक्षा भी ली थी।

4राजा के निर्णय के पीछे कौन-सा मूल्य छिपा है?

सही उत्तर :
अच्छी तरह जाँच किए बिना किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहिए।

पंक्तियों पर चर्चा

क“रुपये-पैसे के स्थान पर तुम्हारे पास पैनी दृष्टि होगी और सोने-चाँदी के स्थान पर तीव्र बुद्धि होगी...”

पिता के पास धन नहीं था। उन्होंने बेटों को बुद्धि और ध्यान से देखने की आदत को ही धन माना। ऐसा धन कभी खत्म नहीं होता। इसके बल पर बेटे कभी दूसरों से पीछे (उन्नीस) नहीं रहेंगे।

ख“हर वस्तु और स्थिति को पूर्णतः समझने और जानने का प्रयास करो। कुछ भी तुम्हारी दृष्टि से न बच पाए।”

हमें अपने आस-पास की हर चीज को ध्यान से देखना चाहिए। छोटी-से-छोटी बात पर भी ध्यान देना चाहिए। इससे सही निर्णय लेने में मदद मिलती है।

ग“हमने अपने परिवेश को पैनी दृष्टि से देखने और बुद्धि से सोचने के प्रयास में बहुत समय लगाया है।”

भाइयों ने बचपन से ही ध्यान से देखने और सोचने का अभ्यास किया था। लंबे अभ्यास से ही उनमें यह कौशल आया।

मिलकर करें मिलान

स्तंभ 1स्तंभ 2
1. कुछ समय पश्चात् पिता चल बसे।2. थोड़े समय के बाद पिता का देहांत हो गया।
2. हम कहीं भी क्यों न हों, भूखे नहीं मरेंगे।5. हम चाहे जहाँ भी हों, हमें खाने के लिए कुछ न कुछ मिल ही जाएगा।
3. घुड़सवार ने तीनों भाइयों को शंका की दृष्टि से देखा।1. घोड़े पर सवार व्यक्ति ने तीनों भाइयों को अविश्वास से देखा।
4. बचपन से ही हमें ऐसी आदत पड़ गई है...4. बचपन से ही हमें आदत हो गई है कि हम हर छोटी-बड़ी वस्तु पर ध्यान अवश्य देते हैं।
5. लोगों के आश्चर्य का कोई ठिकाना न था।3. लोग इतने अचंभित थे कि उनका आश्चर्य व्यक्त करना कठिन था।

सोच-विचार के लिए

कतीनों भाइयों ने बिना ऊँट को देखे उसके विषय में कैसे बता दिया था?
  • धूल पर बड़े पैरों के चिह्न देखकर बड़े भाई ने जाना कि बड़ा ऊँट गया है।
  • सड़क के दाईं ओर की घास चरी हुई थी, बाईं ओर की नहीं। इससे मँझले भाई ने जाना कि ऊँट एक आँख से नहीं देखता।
  • ऊँट के बैठने के चिह्न के पास महिला के जूतों और छोटे पैरों के चिह्न थे। इससे छोटे भाई ने जाना कि ऊँट पर महिला और बच्चा सवार थे।
खइस लोककथा में सबसे अधिक महत्व किस बात को दिया गया है — तार्किक सोच, अवलोकन या सत्यवादिता?

इस लोककथा में सबसे अधिक महत्व अवलोकन को दिया गया है। भाइयों ने पहले हर चिह्न को ध्यान से देखा। फिर तार्किक सोच से सही निष्कर्ष निकाला। उनकी सच्चाई ने उन्हें निर्दोष सिद्ध किया।

गराजा ने पहले भाइयों पर संदेह किया लेकिन बाद में उन्हें निर्दोष माना। राजा की सोच क्यों बदल गई?

भाइयों ने बिना देखे पेटी में रखे कच्चे अनार के बारे में सही बता दिया। फिर उन्होंने हर बात का कारण भी समझाया। इससे राजा को विश्वास हो गया कि वे चोर नहीं, बुद्धिमान हैं।

घऊँट के स्वामी ने भाइयों पर तुरंत संदेह क्यों किया? उसे क्या करना चाहिए था?

भाइयों ने ऊँट के बारे में सब कुछ सही बता दिया था। इसलिए उसे लगा कि उन्होंने ही ऊँट चुराया है। उसे भाइयों की बात माननी चाहिए थी। उसे उनकी बताई दिशा में जाकर ऊँट खोजना चाहिए था।

ङपिता ने बेटों को “दूसरे प्रकार का धन” संचित करने की सलाह क्यों दी? इससे पिता के बारे में क्या पता चलता है?

पिता के पास बेटों को देने के लिए धन नहीं था। वे जानते थे कि बुद्धि और पैनी दृष्टि का धन हमेशा काम आता है। इससे पता चलता है कि पिता बुद्धिमान, दूरदर्शी और बेटों का भला चाहने वाले थे।

चपेटी वाली परीक्षा से राजा के व्यक्तित्व और निर्णय शैली के बारे में क्या पता चलता है?

राजा न्यायप्रिय और समझदार था। वह बिना जाँच के किसी को दंड नहीं देता था। उसने सच्चाई जानने के लिए स्वयं परीक्षा ली। सच पता चलने पर उसने भाइयों का आदर-सत्कार भी किया।

छआप भाइयों की किस विशेषता को अपनाना चाहेंगे और क्यों?

मैं भाइयों की पैनी दृष्टि और ध्यान से देखने की आदत अपनाना चाहूँगा। इससे पढ़ाई और जीवन की समस्याएँ आसानी से सुलझ सकती हैं।

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अनुमान और कल्पना से

कयदि राजा बिना जाँच के भाइयों को दोषी ठहरा देता तो क्या परिणाम होता?

निर्दोष भाइयों को दंड मिल जाता। ऊँट का मालिक अपना ऊँट कभी न खोज पाता। राजा का न्याय गलत सिद्ध होता।

खयदि भाइयों ने अनार के बारे में सही अनुमान न लगाया होता तो लोककथा का अंत कैसे होता?

राजा उन्हें झूठा और चोर मान लेता। शायद उन्हें दंड मिलता। बाद में ऊँट मिल जाने पर ही उनकी सच्चाई सामने आती।

गयदि तीनों भाई ऊँट को खोजने जाते तो उन्हें किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता?

वे पहले ही थके और भूखे थे। उनके पैरों में छाले थे। अनजान रास्ते, रेगिस्तान, धूप और भटकने का डर भी था।

घयदि आप राजा होते तो भाइयों की परीक्षा कैसे लेते?

मैं उन्हें किसी कमरे को एक बार देखने देता। फिर पूछता कि वहाँ कौन-कौन सी चीजें कहाँ रखी थीं। या किसी व्यक्ति के जूतों के निशान देखकर उसके बारे में बताने को कहता।

शब्द से जुड़े शब्द

‘बुद्धि’ से जुड़े शब्द :

मस्तिष्कविवेकसमझज्ञानमेधाप्रज्ञाचतुराईतर्क

लोककथा को सुनाना

कारक

1रिक्त स्थानों में कारक लिखकर वाक्य पूरे कीजिए।
  • “हमने तो तुम्हारे ऊँट को देखा तक नहीं”, भाइयों ने परेशान होते हुए कहा।
  • “मैं अपने रेवड़ों को पहाड़ों पर लिये जा रहा था”, उसने कहा, “और मेरी पत्नी मेरे छोटे-से बेटे के साथ एक बड़े-से ऊँट पर मेरे पीछे-पीछे आ रही थी।”
  • राजा ने उसी समय अपने मंत्री को बुलाया और उसके कान में कुछ फुसफुसाया।
  • यह सुनकर राजा ने पेटी को पास लाने का आदेश दिया। सेवकों ने तुरंत आदेश पूरा किया। राजा ने सेवकों से पेटी खोलने के लिए कहा।

सूचनापत्र

1खोए ऊँट को खोजने के लिए एक सूचनापत्र लिखिए।

सूचना — ऊँट खो गया है

मेरा एक बहुत बड़ा ऊँट कल पहाड़ों के पास के रास्ते में खो गया है। ऊँट एक आँख से नहीं देख पाता। उस पर मेरी पत्नी और छोटा बेटा सवार थे।

जिस किसी को भी इनके बारे में कोई जानकारी मिले, कृपया तुरंत नीचे दिए पते पर सूचना दें। सूचना देने वाले को उचित इनाम दिया जाएगा।

संपर्क — घुड़सवार चरवाहा, नगर के पूर्वी द्वार के पास, नगर।

पाठ से आगे — आपकी बात

1क्या आपने कभी पैनी दृष्टि का प्रयोग किसी समस्या को हल करने के लिए किया है?

हाँ। एक बार मेरी पेन्सिल खो गई। मैंने ध्यान से सोचा कि मैंने उसे आखिरी बार कहाँ उपयोग किया था। फिर बस्ते की छोटी जेब में देखा। वह वहीं मिल गई।

2हर वस्तु पर ध्यान देने की आदत से जीवन में क्या लाभ मिलते हैं?

मेरी चीजें कम खोती हैं। पाठ जल्दी समझ आता है। मैं गलतियाँ कम करता हूँ और खतरे से भी सावधान रहता हूँ।

3आप अपने दैनिक जीवन में किन कठिनाइयों का सामना करते हैं?

सुबह जल्दी उठना, स्कूल समय पर पहुँचना, कभी-कभी कठिन गृहकार्य और बारिश में आना-जाना मेरी कुछ कठिनाइयाँ हैं।

4क्या अनुभव और समझ से देखे बिना भी सही निर्णय लिया जा सकता है?

हाँ, कभी-कभी लिया जा सकता है। जैसे गीली सड़क देखकर हम समझ जाते हैं कि बारिश हुई है। पर बड़े निर्णय जाँच-परख करके ही लेने चाहिए।

5क्या संदेह होने पर हमें शांत रहकर उत्तर देना चाहिए?

हाँ। गुस्सा करने से बात बिगड़ती है। शांत रहकर सच बताने से सामने वाले को विश्वास हो जाता है।

6क्या आपको कभी किसी के कौशल को देखकर आश्चर्य हुआ है?

हाँ। मेरे मित्र ने कुछ ही मिनटों में कागज से सुंदर पक्षी बना दिया। मैंने उससे यह कला सीखी।

7क्या किसी बड़े व्यक्ति ने आपको कोई उपयोगी सलाह दी है?

दादाजी ने कहा था — “रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ो, परीक्षा से डर नहीं लगेगा।” यह सलाह मेरे बहुत काम आई। मैं भी अपने छोटे भाई को यही सलाह दूँगा।

8क्या सदा सच बोलना महत्वपूर्ण है, भले ही स्थिति कठिन हो?

हाँ। सच बोलने से मन शांत रहता है और लोग हम पर विश्वास करते हैं। झूठ एक दिन पकड़ा ही जाता है।

ध्यान से देखना-सुनना-अनुभव करना

आज की पहेली

1कौन है यह प्राणी? (लंबी पूँछ, कीट खाता है, रंग बदलता है, तेज आँखें)

सही उत्तर :
गिरगिट

2रंगीन डिब्बे — पीले डिब्बे के बराबर में कौन-सा डिब्बा है?

सही उत्तर :
नीला डिब्बा

लाल डिब्बे के दोनों ओर नीला और हरा डिब्बा है। पीला न लाल के पास है, न हरे के पास। इसलिए क्रम है — पीला, नीला, लाल, हरा।