कक्षा 8 हिंदी · मल्हार · कविता

7. मत बाँधो

महादेवी वर्मा की कविता — भावार्थ, मेरी समझ से, मिलान, सोच-विचार, शब्दों की बात, काल परिवर्तन, सृजन, आपदा प्रबंधन और शिल्प मिलान के उत्तर।

Advertisement

पाठ का परिचय : ‘मत बाँधो’ कविता महादेवी वर्मा ने लिखी है। कवयित्री कहती हैं कि सपनों के पंख मत काटो और उनकी गति मत बाँधो। सपनों को आकाश तक उड़ने दो, क्योंकि वे लौटकर धरती को स्वर्ग बनाना सिखाएँगे।

कविता का भावार्थ

★कविता का भाव अपने शब्दों में

कवयित्री कहती हैं कि सपनों के पंख न काटो और उनकी गति न रोको। सुगंध आकाश में उड़कर लौटकर नहीं आती। धूल में गिरा बीज आकाश में नहीं उड़ पाता। आग धरती पर जलती है, पर उसका धुआँ आकाश में मँडराता है। इन सबमें एक ही दिशा की गति है।

पर सपनों में दोनों गतियाँ हैं — वे ऊपर उड़ते भी हैं और लौटकर आँखों में भी आते हैं। इसलिए उनका चढ़ना (आरोहण) और उतरना (अवरोहण) मत रोको।

सपने खुले आकाश में घूमकर तारों से मिलेंगे। बादलों से रंग और किरणों से चमक लेकर धरती पर लौटेंगे। फिर वे धरती को स्वर्ग बनाने की कला सिखाएँगे। इसलिए सपनों को आकाश तक जाने दो, उन्हें धरती से मत बाँधो।

मेरी समझ से

1आप इनमें से कविता का मुख्य भाव किसे समझते हैं?

उत्तर : सपनों की स्वतंत्रता बनी रहनी चाहिए

2‘मत बाँधो’ कविता किसकी स्वतंत्रता की बात करती है?

उत्तर : सपनों की

3“इन सपनों के पंख न काटो” पंक्ति में सपनों के ‘पंख’ होने की कल्पना क्यों की गई है?

उत्तर : सपने पंखों की तरह उड़ान भर भ्रमण करवाते हैंसपने सफलता की ऊँचाइयों तक ले जाते हैं

4“स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प” पंक्ति में ‘स्वर्ग’ से आप क्या समझते हैं?

उत्तर : जहाँ परस्पर सहयोग एवं सद्भाव होजहाँ सभी प्राणी एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील हों

5यदि बीज धूल में गिर जाए तो क्या हो सकता है?

उत्तर : उसकी उड़ान रुक सकती हैवह बढ़कर पौधा बन सकता है

पंक्तियों पर चर्चा

क“सौरभ उड़ जाता है नभ में / फिर वह लौट कहाँ आता है? / बीज धूलि में गिर जाता जो / वह नभ में कब उड़ पाता है?”

सुगंध आकाश में उड़ जाती है, पर लौटकर नहीं आती। बीज धूल में गिरता है, तो फिर आकाश में नहीं उड़ पाता। यानी इनकी गति केवल एक ही दिशा में होती है। सपने इनसे अलग हैं। वे ऊपर भी जाते हैं और लौटकर धरती पर भी आते हैं।

ख“मुक्त गगन में विचरण कर यह / तारों में फिर मिल जायेगा, / मेघों से रंग औ’ किरणों से / दीप्ति लिए भू पर आयेगा।”

सपना खुले आकाश में घूमेगा और ऊँचे तारों तक पहुँचेगा। वह बादलों से रंग और किरणों से चमक लेकर धरती पर लौटेगा। यानी सपना ऊँची कल्पना करके नए विचार, सुंदरता और ज्ञान लेकर लौटता है और धरती को सुंदर बनाता है।

मिलकर करें मिलान

स्तंभ 1 (पंक्तियाँ)स्तंभ 2 (भाव)
1. इन सपनों के पंख न काटो / इन सपनों की गति मत बाँधो!जैसे पंख कटा पक्षी उड़ नहीं सकता, वैसे ही सपनों को बाधित करने से कल्पनाशीलता और संभावनाएँ समाप्त हो जाएँगी।
2. सपनों में दोनों ही गति हैं / उड़कर आँखों में आता है!सपनों में ऊपर उठने और नीचे आने दोनों की विशेषता होती है। सपना विचार की तरह जन्म लेता है और फिर व्यवहार में पूरा होता है।
3. इसका आरोहण मत रोको / इसका अवरोहण मत बाँधो!सपनों के उठने और उनके व्यवहार में वापस आने में बाधा न डालें, क्योंकि स्वतंत्रता ही सपनों को साकार करने की कुंजी है।
4. नभ तक जाने से मत रोको / धरती से इसको मत बाँधो!सपनों को ऊँचाइयों तक जाने से मत रोको। उन्हें धरती से बाँधकर मत रखो।
5. स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प / भूमि को सिखलायेगा!रचनात्मक और स्वतंत्र विचार समाज को सुंदर, समृद्ध और शांतिपूर्ण बना सकता है।

सोच-विचार के लिए

ककविता में ‘मत बाँधो’, ‘पंख न काटो’ आदि संबोधन किसके लिए किए गए होंगे?

ये संबोधन उन लोगों के लिए हैं जो दूसरों के सपनों पर रोक लगाते हैं — जैसे माता-पिता, बड़े, समाज या कोई भी व्यक्ति जो बच्चों और युवाओं को सपने देखने से रोकता है।

खकविता में सपनों की गति न बाँधने की बात क्यों कही गई होगी?

सपने ही मनुष्य को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। सपनों पर रोक लगाने से नई खोज, नई कला और नए विचार जन्म नहीं लेंगे। स्वतंत्र सपने ही धरती को स्वर्ग जैसा सुंदर बना सकते हैं।

गसौरभ, बीज, धुआँ, अग्नि से अलग सपनों की और कौन-सी विशेषताएँ हो सकती हैं?
  • सपने कभी खत्म नहीं होते, एक पूरा होते ही नया जन्म लेता है।
  • सपने एक से अनेक लोगों तक फैल सकते हैं।
  • सपने कठिन समय में भी आशा देते हैं।
  • सपनों पर किसी सीमा का बंधन नहीं होता।
घउदाहरण देकर बताइए कि आपने ‘आरोहण’ और ‘अवरोहण’ को कब-कब सार्थक होते देखा?

एक वैज्ञानिक ने मंगल ग्रह तक यान भेजने का सपना देखा — यह विचार का आरोहण है। फिर उसने मेहनत से यान बनाकर उसे सच कर दिखाया — यह अवरोहण है, यानी सपना धरती पर उतर आया। इसी तरह मेरी बहन ने चित्रकार बनने का सपना देखा और रोज अभ्यास करके प्रतियोगिता जीती।

ङक्या आप सहमत हैं कि सपने ‘आँखों में लौटकर’ वास्तविकता बन जाते हैं? उदाहरण दीजिए।

हाँ, मैं सहमत हूँ। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने बचपन में पक्षियों को उड़ते देखकर उड़ान का सपना देखा। मेहनत करके वे देश के महान अंतरिक्ष वैज्ञानिक बने। उनका सपना वास्तविकता बन गया।

शीर्षक

★कविता को कोई अन्य नाम देना हो तो क्या देंगे और क्यों?

मैं इस कविता का नाम ‘सपनों की उड़ान’ रखूँगा। पूरी कविता सपनों को स्वतंत्र रूप से उड़ने देने की बात करती है।

Advertisement

अनुमान और कल्पना से

कआप एक नया संसार बनाना चाहें तो उसमें क्या-क्या रखेंगे और क्या नहीं?

रखूँगा — हरे-भरे पेड़, साफ नदियाँ, सबके लिए शिक्षा, प्रेम, भाईचारा और समानता। क्योंकि इनसे सब सुखी रहेंगे।

नहीं रखूँगा — प्रदूषण, युद्ध, भेदभाव, भूख और गरीबी। क्योंकि ये दुख का कारण हैं।

खआप अपने जीवन को सुंदर बनाने के लिए कौन-सी कला सीखना चाहेंगे?

मैं संगीत सीखना चाहूँगा। संगीत से मन प्रसन्न रहता है और तनाव दूर होता है। मैं गाकर दूसरों का मन भी खुश कर सकूँगा।

गबीते समय में लौटने का अवसर मिले तो क्या परिवर्तन करना चाहेंगे?

मैं पिछले वर्ष के उस दिन में लौटना चाहूँगा जब मैंने आलस्य के कारण चित्रकला प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया था। मैं उसमें भाग लेता। मैं अपना समय मोबाइल पर कम और पढ़ाई व खेल में अधिक लगाता।

घयदि सपने बीज की तरह हों तो उन्हें उगने के लिए किन चीजों की आवश्यकता होगी?
  • मिट्टी — सही वातावरण और अवसर
  • धूप — मेहनत
  • पानी — लगन
  • खाद — ज्ञान और मार्गदर्शन
  • समय — धैर्य
ङबुरे सपनों या विचारों से क्या होता होगा? उनसे कैसे बचा जा सकता है?

बुरे विचारों से झगड़े, अपराध और दुख बढ़ते हैं। इनसे धरती नरक जैसी बन सकती है। इनसे बचने के लिए अच्छी संगति करनी चाहिए, अच्छी पुस्तकें पढ़नी चाहिए और मन को अच्छे कामों में लगाना चाहिए।

चयदि हर किसी को सपने देखने और पूरा करने की पूरी स्वतंत्रता मिल जाए तो दुनिया कैसी होगी?

दुनिया नई खोजों, कलाओं और प्रतिभाओं से भर जाएगी। हर व्यक्ति अपनी रुचि का काम करेगा और खुश रहेगा। उस दुनिया में सबके लिए समान अवसर, दूसरों के सपनों का सम्मान और जिम्मेदारी की भावना सबसे महत्वपूर्ण होगी।

छ“इन सपनों के पंख न काटो...” — यह सुझाव है, आदेश है या प्रार्थना है? किससे कहा जा रहा है?

यह एक प्रार्थना और सुझाव दोनों है। यह बात उन लोगों से कही जा रही है जो दूसरों, विशेषकर बच्चों और युवाओं के सपनों पर रोक लगाते हैं।

कविता की रचना

खविशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए।
कविता की विशेषतापंक्ति
1. विपरीत अर्थ वाले शब्दों का प्रयोगइसका आरोहण मत रोको / इसका अवरोहण मत बाँधो!
2. एक ही शब्द का बार-बार प्रयोगनभ तक जाने से मत रोको / धरती से इसको मत बाँधो!
3. समानार्थी शब्दों का प्रयोगदीप्ति लिए भू पर आयेगा। स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प भूमि को सिखलायेगा! (भू – भूमि)
4. प्रश्न पूछा गया हैवह नभ में कब उड़ पाता है?
5. संबोधन का प्रयोगइन सपनों के पंख न काटो
6. सपने को मनुष्य की तरह चित्रित किया गया हैस्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प / भूमि को सिखलायेगा!

शब्दों की बात

क‘आरोहण’ और ‘अवरोहण’ का उपयुक्त प्रयोग करके वाक्य पूरे कीजिए।
  • पर्वतारोहियों ने बीस दिन तक पर्वत पर आरोहण कर विजय प्राप्त की।
  • नदियाँ विशाल पर्वतों से अवरोहण करते हुए सागर में मिल जाती हैं।
  • अंकगणित में बड़ी संख्या से छोटी संख्या की ओर लिखने की प्रक्रिया अवरोहण क्रम कहलाती है।

अपने वाक्य — संगीत में सा से नि तक जाना आरोहण है। विमान ने हवाई अड्डे पर सुरक्षित अवरोहण किया।

ख‘नभ’ और ‘गगन’ के समानार्थी शब्दों से नई पंक्तियाँ बनाइए।

समानार्थी शब्द — आकाश, आसमान, अंबर, व्योम

वह अंबर में कब उड़ पाता है?
धूम व्योम में मँडराता है!

लय बनाए रखने के लिए शब्द की मात्राएँ (वर्ण) लगभग बराबर रखनी पड़ती हैं। जैसे ‘नभ’ की जगह दो अक्षर वाला ‘व्योम’ ठीक बैठता है, पर ‘आसमान’ लंबा है, इसलिए पंक्ति के दूसरे शब्द बदलने पड़ेंगे।

ग‘मत’ के साथ कौन-कौन सी क्रियाएँ लगाना चाहेंगे?
मत डरोमत रुकोमत झुकोमत रोओमत तोड़ोमत घबराओ
घ‘बाँधने’ के लिए और कौन-कौन सी क्रियाएँ हैं? उनसे वाक्य बनाइए।
  • जोड़ना — रस्सी के दो टुकड़ों को जोड़ दो।
  • कसना — साइकिल का पेंच कसकर लगाओ।
  • जकड़ना — पुलिस ने चोर को जकड़ लिया।
  • लपेटना — माँ ने उपहार को रंगीन कागज में लपेटा।
  • गाँठ लगाना — बोरी के मुँह पर गाँठ लगा दो।
ङकविता में से ऐसे शब्द छाँटिए जिन्हें उलटकर लिखने से अर्थ देने वाले शब्द बनते हैं।
  • मत → तम (अँधेरा)
  • कब → बक (बगुला)
  • सदा → दास (सेवक)
  • जो → ओज (तेज, शक्ति)

काल परिवर्तन

★वर्तमान काल की पंक्तियों को भूतकाल और भविष्य काल में लिखिए।
वर्तमान कालभूतकालभविष्य काल
फिर वह लौट कहाँ आता है?फिर वह लौट कहाँ आया?फिर वह लौट कहाँ आएगा?
वह नभ में कब उड़ पाता है?वह नभ में कब उड़ पाया?वह नभ में कब उड़ पाएगा?
अग्नि सदा धरती पर जलती (है)अग्नि सदा धरती पर जलीअग्नि सदा धरती पर जलेगी
धूम गगन में मँडराता हैधूम गगन में मँडरायाधूम गगन में मँडराएगा
उड़कर आँखों में आता हैउड़कर आँखों में आयाउड़कर आँखों में आएगा

शब्दकोश से

★‘शिल्प’ से जुड़े शब्दों के अर्थ लिखिए।
  1. शिल्पकार, शिल्पी, शिल्पजीवी, शिल्पकारक, शिल्पिक, शिल्पकारी — हाथ की कारीगरी करने वाला, कारीगर, दस्तकार (शिल्पकारी — कारीगरी का काम)
  2. शिल्पकला — हाथ से सुंदर वस्तुएँ बनाने की कला
  3. शिल्पकौशल — कारीगरी में निपुणता, दक्षता
  4. शिल्पगृह / शिल्पगेह — कारीगरी का काम करने का घर या स्थान
  5. शिल्पविद्या — शिल्प से संबंधित ज्ञान या विद्या
  6. शिल्पशाला / शिल्पालय — वह स्थान जहाँ शिल्प सिखाया या किया जाता है, कार्यशाला

पाठ से आगे

कआप ‘बाँधने’ का प्रयोग किन-किन स्थितियों या वस्तुओं के लिए करते हैं?
गाँठ बाँधनाजूते का फीता बाँधनाराखी बाँधनासामान बाँधनापगड़ी बाँधनाबाल बाँधनाघड़ी बाँधनाबात मन में बाँध लेना
खघर, पड़ोस और विद्यालय को सुखद स्थान बनाने के लिए आप क्या-क्या प्रयास करेंगे?
  • घर में सबका कहना मानूँगा और काम में हाथ बँटाऊँगा।
  • पड़ोस में पेड़ लगाऊँगा और सफाई रखूँगा।
  • बड़ों का आदर और छोटों से प्रेम करूँगा।
  • विद्यालय में झगड़ा नहीं करूँगा और कमजोर साथियों की पढ़ाई में मदद करूँगा।
  • पानी और बिजली की बचत करूँगा।
गआपका कौन-सा सपना सच होने पर दूसरों की सहायता कर सकता है?

मेरा सपना डॉक्टर बनने का है। डॉक्टर बनकर मैं अपने गाँव में एक छोटा अस्पताल खोलूँगा। वहाँ गरीबों का इलाज कम खर्च में करूँगा।

★चर्चा-परिचर्चा — आप कौन-से ऐसे सपने पूरे करना चाहेंगे जिनमें अन्य लोगों को भी जोड़ना चाहेंगे?

मेरा सपना है कि हमारा गाँव पूरी तरह स्वच्छ और हरा-भरा हो। इसके लिए मैं दोस्तों, पड़ोसियों और ग्राम पंचायत को जोड़ूँगा। हम मिलकर पेड़ लगाएँगे और कचरा प्रबंधन करेंगे। एक और सपना है कि गाँव का हर बच्चा पढ़ना-लिखना सीखे।

सृजन

कचित्रों के लिए ‘रोको मत, जाने दो’ या ‘रोको, मत जाने दो’ लिखिए और शीर्षक दीजिए।
चित्रउपयुक्त वाक्यशीर्षक
बच्चा सड़क पार करना चाहता है, सामने से कार आ रही हैरोको, मत जाने दोसड़क सुरक्षा
‘यह बाघ विचरण क्षेत्र है’ — व्यक्ति जंगल में जा रहा हैरोको, मत जाने दोखतरे से सावधान
छुट्टियाँ समाप्त, सैनिक ड्यूटी पर जाने को तैयाररोको मत, जाने दोकर्तव्य पथ पर सैनिक
महिला मतदान केंद्र जा रही है, कोई कह रहा है ‘तुम मत जाओ’रोको मत, जाने दोमतदान हमारा अधिकार
खपंक्तियों को आगे बढ़ाते हुए अपनी कविता तैयार कीजिए।

इन सपनों के पंख न काटो
इन सपनों की गति मत बाँधो।
उड़ने दो इन्हें दूर गगन तक,
छूने दो इन्हें चाँद-सितारे।
लौटेंगे ये नई रोशनी लेकर,
सजाएँगे धरती के आँगन सारे।

गखोया-पाया — अपने खोए सपने की रिपोर्ट स्कूल प्रशासन को पत्र के रूप में लिखिए।

सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
सरस्वती विद्यालय, भोपाल।

विषय : मेरा सपना खो जाने के संबंध में।

महोदय,
मैं कक्षा आठ का छात्र हूँ। मेरा एक सपना था — अच्छा चित्रकार बनना। मोबाइल पर अधिक समय बिताने और पढ़ाई के दबाव में यह सपना कहीं खो गया है। उसकी पहचान है — रंग-बिरंगे ब्रश, ड्राइंग की कॉपी और मन की खुशी।

कृपया विद्यालय में चित्रकला की कक्षा फिर से शुरू करवाएँ, ताकि मुझे मेरा सपना वापस मिल सके।

आपका आज्ञाकारी छात्र,
रवि
कक्षा 8

वाद-विवाद

★विषय — “व्यक्ति को बाँध सकते हैं उसकी कल्पना और विचारों को नहीं।”

पक्ष में — स्वतंत्रता सेनानियों को जेल में बंद किया गया, फिर भी उनके विचार नहीं रुके। जेल में ही कई महान पुस्तकें लिखी गईं। स्वतंत्र विचार और कल्पना ही प्रगति का आधार हैं।

विपक्ष में — गलत विचार समाज को नुकसान पहुँचा सकते हैं। इसलिए विचारों पर अनुशासन और नियंत्रण भी आवश्यक है।

देखना-सुनना-समझना

कजो देख नहीं सकते, उन्हें इन स्थितियों का अनुभव कैसे कराएँगे?
  • वर्षा की बूँदें — उनकी हथेली पर बूँदें गिरने दूँगा, बूँदों की टप-टप सुनाऊँगा और भीगी मिट्टी की खुशबू का अनुभव कराऊँगा।
  • धुएँ का उड़ना — धुएँ की गंध और गरमाहट से अनुभव कराऊँगा और बोलकर बताऊँगा कि वह ऊपर उठकर फैल रहा है।
  • खेल का रोमांच — कमेंट्री करके हर पल का हाल सुनाऊँगा और दर्शकों का शोर व तालियाँ सुनवाऊँगा।

आपदा प्रबंधन

कआपदा के समय क्या करेंगे?
  • आग लगने पर — शोर मचाकर सबको सावधान करूँगा। झुककर धुएँ से नीचे रहते हुए बाहर निकलूँगा। लिफ्ट का प्रयोग नहीं करूँगा। 101 नंबर पर दमकल को फोन करूँगा।
  • बाढ़ आने पर — ऊँचे स्थान पर चला जाऊँगा। बिजली का मुख्य स्विच बंद करूँगा। उबला पानी पिऊँगा। बहते पानी में नहीं उतरूँगा।
  • भूकंप आने पर — मजबूत मेज के नीचे छिपूँगा — झुको, ढको और पकड़ो। खिड़की और काँच से दूर रहूँगा। झटके रुकने पर खुले मैदान में जाऊँगा।
ख“मैं आपदा के समय क्या करूँगा?” — एक योजना बनाइए।
  1. घर में प्राथमिक चिकित्सा पेटी, टॉर्च और पानी तैयार रखूँगा।
  2. आपातकालीन नंबर — 112, 101, 108 याद रखूँगा।
  3. घर से बाहर निकलने का सुरक्षित रास्ता पहले से तय रखूँगा।
  4. घबराऊँगा नहीं और बड़ों के निर्देश मानूँगा।
  5. बुजुर्गों और छोटे बच्चों की मदद करूँगा।

शिल्प

कशिल्प-कार्यों को उनके सही अर्थों से मिलाइए।
शिल्प-कार्यअर्थ या व्याख्या
1. काष्ठ शिल्पलकड़ी से वस्तुएँ, खिलौने, मूर्तियाँ आदि बनाना
2. मृत्तिका शिल्पमिट्टी से बर्तन, दीये, मूर्तियाँ और सजावटी चीजें बनाना
3. धातु शिल्पताँबा, पीतल, लोहे जैसी धातुओं से दीपक, मूर्तियाँ, थालियाँ आदि बनाना
4. काँच शिल्पकाँच से झूमर, सजावटी वस्तुएँ और रंगीन खिड़कियाँ आदि बनाना
5. वस्त्र शिल्पकपड़ों पर कढ़ाई, बुनाई, छपाई, बंधेज आदि सजावटी कार्य
6. कागज शिल्पकागज से खिलौने, सजावट, लिफाफे और पेपर मेशी बनाना
7. पत्थर शिल्पसंगमरमर या अन्य पत्थरों से मूर्तियाँ बनाना, मंदिरों की सजावट करना
8. चमड़ा शिल्पचमड़े से जूते, बेल्ट, बैग और अन्य उपयोगी वस्तुएँ बनाना
9. बाँस और बेंत शिल्पबाँस और बेंत से टोकरियाँ, कुर्सियाँ, चटाई, पंखे आदि बनाना
10. मोती एवं आभूषण शिल्परंग-बिरंगे मोतियों से हार, कंगन, झुमके आदि गहने बनाना
11. लाख शिल्पलाख से चूड़ियाँ, खिलौने, डिब्बे और अन्य सजावटी वस्तुएँ बनाना
12. शीशा शिल्पकपड़ों या सजावट की वस्तुओं में शीशे जोड़ना या जड़ाई करना
13. चित्रकला शिल्पमधुबनी, गोंड, वरली आदि पारंपरिक चित्रकलाओं से कलाकृतियाँ बनाना
14. नक्काशी शिल्पलकड़ी, पत्थर या धातु पर बारीक खुदाई द्वारा डिजाइन बनाना