कक्षा १० हिंदी · दूसरी इकाई

७. महिला आश्रम

लेखक — काका कालेलकर | संपूर्ण स्वाध्याय, अभिव्यक्ति, भाषा बिंदु और उपयोजित लेखन — महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मंडळ (लोकभारती)।

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लेखक परिचय : काका कालेलकर जी द्वारा रचित इस पत्र में महिला आश्रम की स्थापना, उसकी व्यवस्था, वातावरण और नियमों के बारे में विस्तृत निर्देश दिए गए हैं। इससे महिलाओं के प्रति उनके विचार और सामाजिक लगाव का पता चलता है।

स्वाध्याय (प्रश्न-उत्तर)

१सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
संजाल पूर्ण कीजिए : गुलदाउदी की विशेषताएँ
कलियाँ महीनों तक खुलती ही नहीं मानो भारी रहस्य पेट में भर दी हो और होठों को सीकर बैठ गई हों जब खिलती हैं तब भी एक-एक पंखुड़ी करके खिलती हैं वे टिकते हैं बहुत
२कारण लिखिए :

१. काका जी ने कंपास बॉक्स मँगाकर रखा —
कारण : क्योंकि उन्हें तारों के नक्शे बनाने थे।

२. लेखक ने फूल के गमले अपने पास से निकाल दिए —
कारण : क्योंकि अब उन्होंने सादे क्रोटन को ही रहने दिया है।

३लिखिए :

१. जिन्हें 'ता' प्रत्यय लगा हो ऐसे शब्द पाठ से ढूँढ़कर उन प्रत्ययसाधित शब्दों की सूची बनाइए :

आवश्यक + ता = आवश्यकता कुशल + ता = कुशलता मानव + ता = मानवता एक + ता = एकता

२. पाठ में प्रयुक्त पर्यायवाची शब्द लिखकर उनका स्वतंत्र वाक्यों में प्रयोग कीजिए :

  1. अखबार — समाचार पत्र : मेरे पिताजी रोज सुबह समाचार पत्र पढ़ते हैं।
  2. फूल — पुष्प : बगीचे में सुंदर पुष्प खिले हैं।
  3. पत्र — चिट्ठी : डाकिया आज एक चिट्ठी लेकर आया।
  4. घर — गृह : हमारा गृह बहुत सुंदर और स्वच्छ है।
४प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए : आश्रम के नियम
१. जो महिला आएगी वह अपने खाने-पीने तथा कपड़े-लत्ते की व्यवस्था करके ही आए।
२. पूरी पहचान और परिचय के बिना किसी को दाखिल नहीं करना चाहिए।
३. दाखिल हुई कोई भी महिला जब चाहे तब आश्रम छोड़ सकती है।
४. आश्रम को ठीक न लगे तो एक या तीन महीने का नोटिस देकर किसी को हटा सकता है।

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अभिव्यक्ति

★'पत्र लिखने का सिलसिला सदैव जारी रहना चाहिए' इस संदर्भ में अपने विचार लिखिए ।

आजकल मोबाइल, इंटरनेट और ईमेल के कारण पत्र लिखने की परंपरा लगभग समाप्त होती जा रही है। लेकिन पत्र लेखन का अपना एक अलग ही महत्त्व है। पत्र में हम अपने भावों और विचारों को बहुत ही आत्मीयता, गहराई और विस्तार से व्यक्त कर सकते हैं, जो अक्सर छोटे डिजिटल संदेशों में संभव नहीं होता।

पत्र एक स्थायी दस्तावेज होता है जिसे हम सालों तक सँभाल कर रख सकते हैं। किसी अपने का हाथ से लिखा पत्र पढ़ने में जो खुशी और अपनापन महसूस होता है, वह मोबाइल के संदेश में नहीं मिल सकता। पत्र लेखन से हमारी भाषा-शैली और लेखन कला में भी सुधार होता है। इसलिए, रिश्तों में गहराई और आत्मीयता बनाए रखने के लिए पत्र लिखने का सिलसिला सदैव जारी रहना चाहिए।

उपयोजित लेखन (निबंध)

★'संदेश वहन के आधुनिक साधनों से लाभ-हानि' विषय पर अस्सी से सौ शब्दों तक निबंध लिखिए ।

संदेश वहन के आधुनिक साधन: लाभ और हानि

विज्ञान की प्रगति के साथ संदेश वहन (संचार) के अनेक आधुनिक साधन विकसित हुए हैं, जैसे— मोबाइल फोन, इंटरनेट, ईमेल, और व्हाट्सएप। इन साधनों के कारण दुनिया बहुत छोटी हो गई है। हम दुनिया के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति से पलक झपकते ही बात कर सकते हैं या संदेश भेज सकते हैं। आपातकालीन स्थितियों में ये साधन जीवनरक्षक साबित होते हैं। व्यापार, शिक्षा और सूचना के आदान-प्रदान में भी इन्होंने क्रांति ला दी है।

परंतु जहाँ इसके कई लाभ हैं, वहीं कुछ हानियाँ भी हैं। आधुनिक संचार साधनों के अत्यधिक उपयोग से लोगों में प्रत्यक्ष (आमने-सामने) मेल-जोल कम हो गया है। लोग आभासी दुनिया (Virtual World) में ज्यादा और वास्तविक जीवन में कम जीने लगे हैं। इससे रिश्तों में आत्मीयता की कमी आई है। इसके अलावा, साइबर अपराध और फेक न्यूज जैसी समस्याएँ भी तेजी से बढ़ रही हैं। अतः हमें इन आधुनिक साधनों का उपयोग समझदारी और संतुलन के साथ करना चाहिए।

भाषा बिंदु (व्याकरण - मुहावरे)

१निम्न शब्दों से बने दो मुहावरों के अर्थ लिखकर उनका स्वतंत्र वाक्यों में प्रयोग कीजिए : [आँख, मुँह, दाँत, हाथ, हृदय]
  1. आँख :
    (१) मुहावरा: आँखें खुलना | अर्थ: सच्चाई का पता चलना, होश आना।
    वाक्य: व्यापार में भारी नुकसान होने के बाद ही रमेश की आँखें खुलीं।
    (२) मुहावरा: आँख चुराना | अर्थ: छिपना या सामना करने से बचना।
    वाक्य: चोरी पकड़े जाने पर नौकर मालिक से आँखें चुराने लगा।
  2. मुँह :
    (१) मुहावरा: मुँह छिपाना | अर्थ: लज्जित होना।
    वाक्य: परीक्षा में फेल होने के कारण वह सबसे मुँह छिपाता फिर रहा है।
    (२) मुहावरा: मुँह फुलाना | अर्थ: नाराज होना।
    वाक्य: नई साइकिल न मिलने पर छोटा बच्चा मुँह फुलाकर बैठ गया।
  3. दाँत :
    (१) मुहावरा: दाँत खट्टे करना | अर्थ: बुरी तरह हराना।
    वाक्य: भारतीय सेना ने युद्ध में दुश्मनों के दाँत खट्टे कर दिए।
    (२) मुहावरा: दाँतों तले उँगली दबाना | अर्थ: आश्चर्यचकित होना।
    वाक्य: जादूगर का अद्भुत खेल देखकर सभी दर्शकों ने दाँतों तले उँगली दबा ली।
  4. हाथ :
    (१) मुहावरा: हाथ मलना | अर्थ: पछताना।
    वाक्य: समय पर पढ़ाई न करने वाले विद्यार्थी परीक्षा के बाद केवल हाथ मलते रह जाते हैं।
    (२) मुहावरा: हाथ बँटाना | अर्थ: सहायता करना / काम में मदद करना।
    वाक्य: हमें घर के कामों में अपनी माँ का हाथ बँटाना चाहिए।
  5. हृदय :
    (१) मुहावरा: हृदय पसीजना | अर्थ: दया आना / करुणा जागना।
    वाक्य: कड़कड़ाती ठंड में भिखारी को काँपते देखकर मेरा हृदय पसीज गया।
    (२) मुहावरा: हृदय भर आना | अर्थ: बहुत भावुक हो जाना।
    वाक्य: कई वर्षों बाद अपने बेटे से मिलकर माँ का हृदय भर आया।

उपयोजित लेखन (पत्र लेखन)

★अपने मित्र/सहेली को जिला विज्ञान प्रदर्शनी में प्रथम पुरस्कार प्राप्त होने के उपलक्ष्य में बधाई देते हुए निम्न प्रारूप में पत्र लिखिए ।

दिनांक : १५ अक्टूबर २०२४

संबोधन : प्रिय मित्र रमेश,
अभिवादन : सप्रेम नमस्ते।

प्रारंभ : मैं यहाँ कुशल-मंगल हूँ और आशा करता हूँ कि तुम भी वहाँ सपरिवार सकुशल होगे। आज ही मुझे तुम्हारा पत्र मिला और यह जानकर मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा कि तुम्हें 'जिला विज्ञान प्रदर्शनी' में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

विषय विवेचन : इस शानदार सफलता के लिए मेरी ओर से तुम्हें बहुत-बहुत बधाई! मुझे हमेशा से पता था कि विज्ञान में तुम्हारी गहरी रुचि और तुम्हारी लगन एक दिन जरूर रंग लाएगी। तुमने अपने नए आविष्कार से न केवल अपने माता-पिता का, बल्कि पूरे विद्यालय का नाम रोशन किया है। मुझे तुम्हारे इस प्रयास और प्रतिभा पर बहुत गर्व है। आशा है कि तुम भविष्य में भी इसी प्रकार विज्ञान के क्षेत्र में नई-नई ऊँचाइयों को छूते रहोगे। मेरी शुभकामनाएँ हमेशा तुम्हारे साथ हैं।

समापन : घर में अंकल और आंटी को मेरा प्रणाम कहना और छोटी बहन को बहुत सारा प्यार देना।

हस्ताक्षर : तुम्हारा अभिन्न मित्र,
नाम : अ. ब. क.
पता : १०१, शांति निवास, एमजी रोड, नागपुर - ४४०००१
ई-मेल आईडी : abc@email.com