कक्षा १० हिंदी · दूसरी इकाई

९. जब तक जिंदा रहूँ, लिखता रहूँ

अमृतलाल नागर जी से विश्वनाथ प्रसाद तिवारी जी की बातचीत — संपूर्ण स्वाध्याय, अभिव्यक्ति, भाषा बिंदु तथा उपयोजित लेखन। महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मंडळ (लोकभारती)।

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स्वाध्याय

१सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
कृति पूर्ण कीजिए : अमृतलाल नागर जी के साहित्य सृजन में सहायक
सहायक का प्रकारनाम
लेखक१. प्रेमचंद
२. शरतचंद्र
पत्रिकाएँ१. सरस्वती
२. गृहलक्ष्मी
२उत्तर लिखिए :
  • नागर जी की पहली कविता को प्रस्फुटित करने वाला अनुभव : साइमन कमीशन के बहिष्कार के समय हुए लाठीचार्ज का अनुभव।
  • नागर जी अपने पिता जी के इस गुण से प्रभावित थे : किसी के दुख-दर्द में तुरंत पहुँचने का अद्भुत गुण।
३कोष्ठक में दी गई नागर जी की साहित्य कृतियों का वर्गीकरण कीजिए :
[कब लौं कहौं लाठी खाय, खंजन नयन, अपशकुन, नाच्यो बहुत गोपाल, महाकाल, प्रायश्चित, गदर के फूल]
विधाकृतियों के नाम
कहानीअपशकुन, प्रायश्चित
उपन्यासमहाकाल, खंजन नयन, नाच्यो बहुत गोपाल
कविताकब लौं कहौं लाठी खाय
अन्यगदर के फूल
४कृति पूर्ण कीजिए : नागर जी के समकालीन साहित्यकार
जगन्नाथदास रत्नाकर गोपाल राय गहमरी प्रेमचंद किशोरी लाल गोस्वामी

टिप्पणी : पाठ में माधव शुक्ल और लक्ष्मीधर वाजपेयी के नाम भी आए हैं, आप उन्हें भी लिख सकते हैं।

५लिखिए :
  • नागर जी के प्रिय विदेशी लेखक : टॉल्स्टॉय और चेखव
  • नागर जी के प्रिय आलोचक : रामविलास शर्मा
६एक शब्द में उत्तर लिखिए :
  • नागर जी के प्रिय लेखक - रामविलास शर्मा
  • नागर जी के प्रिय आलोचक - रामविलास शर्मा
  • अपनी इस रचना के लिए नागर जी को बहुत लोगों से मिलना पड़ा - गदर के फूल
  • नागर जी का पहला उपन्यास - महाकाल
७लिखिए :

(अ) तद्धित शब्दों का मूल शब्द :

  • १. साहित्यिक = साहित्य (साहित्य + इक)
  • २. विलायती = विलायत (विलायत + ई)

(ब) कृदंत शब्दों का मूल शब्द :

  • १. खिंचाव = खींचना (खींच)
  • २. लिखावट = लिखना (लिख)
८उचित जोड़ियाँ मिलाइए :
'अ' रचना'ब' रचनाकार (सही जोड़ी)
१. देसी और विलायतीप्रभात कुमार मुखोपाध्याय
२. अपशकुनअमृतलाल नागर
३. आनंद मठबंकिमचंद्र चटर्जी
४. रामचरितमानसतुलसीदास

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अभिव्यक्ति

★'ज्ञान तथा आनंद प्राप्ति का साधन : वाचन' पर अपने विचार लिखिए ।

मनुष्य के जीवन में वाचन (पढ़ना) एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण और लाभकारी आदत है। अच्छी पुस्तकें मनुष्य की सबसे अच्छी मित्र होती हैं। वाचन केवल समय बिताने का साधन नहीं है, बल्कि यह हमारे ज्ञान और आनंद प्राप्ति का सबसे सशक्त माध्यम है।

जब हम अलग-अलग विषयों की पुस्तकें, पत्रिकाएँ या लेख पढ़ते हैं, तो हमें नए-नए विचार और जानकारियाँ मिलती हैं। इससे हमारी सोच का दायरा बढ़ता है और दृष्टिकोण व्यापक होता है। साहित्य, इतिहास, विज्ञान या महापुरुषों की जीवनियाँ पढ़ने से हमें उनके जीवन-संघर्षों और अनुभवों से बहुत कुछ सीखने को मिलता है, जो हमारे जीवन को सही दिशा दिखाता है।

दूसरी ओर, वाचन से अद्भुत आनंद भी प्राप्त होता है। जब हम कोई रोचक कहानी, कविता या उपन्यास पढ़ते हैं, तो हम एक नई दुनिया में खो जाते हैं। यह हमें मानसिक शांति देता है और तनाव से मुक्त करता है। वाचन से कल्पना शक्ति का विकास होता है और भाषा-शैली में निखार आता है। अतः यह कहना पूर्णतः सत्य है कि वाचन न केवल हमारे ज्ञान के भंडार को भरता है, बल्कि हमारी आत्मा को भी आनंदित करता है।

भाषा बिंदु

१निम्न वाक्यों में आई हुईं मुख्य और सहायक क्रियाओं को रेखांकित करके दी हुई तालिका में लिखिए :
अ.क्र.वाक्यमुख्य क्रियासहायक क्रिया
१.उनके रीति-रिवाजों का अध्ययन करना पड़ा ।करनापड़ा
२.माता-पिता का यह रंग देखकर तो वे बूढ़ी काकी को और सताने लगे ।सतानेलगे
३.उसकी ननद रूठ गई ।रूठगई
४.वे हड़बड़ा उठे ।हड़बड़ाउठे
५.वे पुस्तक पकड़े न रख सके ।रखसके
६.उन्होंने पुस्तक लौटा दी ।लौटादी
७.समुद्र स्याह और भयावह दीखने लगा ।दीखनेलगा
८.मैं गोवा को पूरी तरह नहीं समझ पाया ।समझपाया
९.काकी घटनास्थल पर आ पहुँची ।आपहुँची
१०.अवश्य ही लोग खा-पीकर चले गए ।चलेगए
२पाठों में प्रयुक्त सहायक क्रियाओंवाले दस वाक्य ढूँढ़कर मुख्य और सहायक क्रियाएँ चुनकर लिखिए ।
३निम्नलिखित वाक्यों के रिक्त स्थानों की पूर्ति उचित कारक चिह्नों से कीजिए तथा संबंधित कारक और कारक चिह्न तालिका में वाक्य के सामने लिखिए :
अ.क्र.वाक्यकारक चिह्नकारक का नाम
१.चाची अपने कमरे से निकल रही थीसेअपादान कारक
२.मैं बंडल को खोलकर देखने लगाकोकर्म कारक
३.आवाज ने मेरा ध्यान बँटायानेकर्ता कारक
४.हमारे शहर में एक कवि हैंमेंअधिकरण कारक
५.कितने दिनों की छुट्टियाँ हैं ?कीसंबंध कारक
६.मानू रेल से ससुराल चली गईसेकरण कारक
७.उन्हें पुस्तक ले आने को कहा ।कोकर्म कारक
८.पर्यटन से बहुत ही आनंद मिलासेकरण कारक
९.शरीर को कुछ समय के लिए विश्राम मिल जाता हैके लिएसंप्रदान कारक
१०.बस से गोवा घूमने की योजना बनाईसेकरण कारक
११.बुद्धिराम स्वभाव से सज्जन थेसेकरण कारक
१२.रूपा घटना स्थल पर आ पहुँचीपरअधिकरण कारक
१३.अरे! यह बुढ़िया कौन है ?अरे!संबोधन कारक
४पाठ में प्रयुक्त विभिन्न कारकों का एक-एक वाक्य छाँटकर उनसे कारक और कारक चिह्न चुनकर लिखिए ।

उपयोजित लेखन

१निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इसपर आधारित ऐसे पाँच प्रश्न तैयार कीजिए, जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों : (सी.वी. रमण का परिच्छेद)

पाँच प्रश्न निम्नलिखित हैं :

  1. विख्यात गणितज्ञ सी.वी. रमण ने किस अवस्था में अपनी प्रतिभा का सिक्का जमा लिया था?
  2. रमण का साथी छात्र किस विषय के संबंध में प्रयोग कर रहा था?
  3. छात्र का संदेह निवारण करने में कौन असफल रहा?
  4. ध्वनि संबंधी समस्या को हल करने के लिए रमण ने किसके निबंध पढ़े?
  5. अध्यापक जोन्स ने प्रसन्न होकर रमण से क्या करने को कहा?

ध्यान रखें : परिच्छेद पढ़कर केवल प्रश्न तैयार करने हैं, उनके उत्तर नहीं लिखने हैं। प्रश्न सूचक और स्पष्ट होने चाहिए।

२'अंतरजाल' से 'मेक इन इंडिया' योजना संबंधी जानकारी प्राप्त करके इसे बढ़ावा देने हेतु विज्ञापन तैयार कीजिए :-

भारत को आत्मनिर्भर बनाएँ, 'मेक इन इंडिया' अपनाएँ!

क्या है मेक इन इंडिया?
यह भारत सरकार की एक महत्त्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देश्य देश को एक वैश्विक विनिर्माण हब (Manufacturing Hub) बनाना है।

प्रमुख क्षेत्र :
ऑटोमोबाइल, सूचना प्रौद्योगिकी, फार्मास्युटिकल्स, टेक्सटाइल, पर्यटन, और नवीकरणीय ऊर्जा सहित २५ महत्त्वपूर्ण क्षेत्र।

राज्य/स्थान :
पूरे भारतवर्ष में लागू। महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में विशेष औद्योगिक विकास।

उद्योग-धंधे :
छोटे और मध्यम उद्यमों (MSME) से लेकर बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) तक, सभी के लिए व्यापार के नए अवसर और आसान नीतियाँ।

योजना के लाभ :
• रोजगार के करोड़ों नए अवसरों का सृजन।
• स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग से अर्थव्यवस्था में वृद्धि।
• विदेशी निवेश (FDI) को बढ़ावा।
• विश्व स्तर पर भारतीय उत्पादों की नई पहचान।

आइए, हम सब मिलकर इस अभियान का हिस्सा बनें!
'स्वदेशी अपनाओ, देश बचाओ'