कक्षा ५ हिंदी · पहली इकाई

१४. मैं सड़क हूँ

सड़क की आत्मकथा — संपूर्ण स्वाध्याय, अंत्याक्षरी और सड़क को साफ-सुथरी रखने के उपाय। महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मंडळ (सुलभभारती)।

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पाठ का परिचय : यह एक आत्मकथात्मक पाठ है। इसमें सड़क स्वयं अपनी कहानी बता रही है। सड़क लोगों को उनकी मंजिल तक पहुँचाती है, पर उसे दुख होता है जब लोग उसे गंदा करते हैं या बिना कारण गड्ढे खोद देते हैं। सड़क हमें स्वच्छता और मेल-जोल का संदेश देती है।

स्वाध्याय

१अंत्याक्षरी खेलो :
सड़क → किनारे → रास्ता → तकनीक → काम → मकान → निकिता → ताँगा → गाजर → रश्मि ।

उत्तर (आगे के शब्द) :

रश्मि → मित्र
मित्र → त्रिशूल
त्रिशूल → लड़की
लड़की → ईख
ईख → खरगोश
खरगोश → शरबत
शरबत → तरबूज

जानकारी : अंत्याक्षरी में दिए गए शब्द के अंतिम अक्षर से नया शब्द बनाना होता है। आप अपनी पसंद के अन्य शब्द भी बना सकते हैं।

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२सड़क कैसे साफ-सुथरी रख सकते हैं, बताओ ।

सड़क को साफ-सुथरी रखने के लिए हम निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं:

  • कचरा न फेंकें : चलते हुए या गाड़ी से सफर करते समय सड़क पर खाली बोतलें, रैपर या छिलके न फेंकें। हमेशा कूड़ेदान (Dustbin) का ही उपयोग करें।
  • थूकने पर रोक : पान, गुटखा या तंबाकू खाकर सड़क पर या दीवारों के कोनों पर न थूकें।
  • गड्ढे न बनाएँ : सड़क को बेवजह न खोदें। यदि पानी की पाइपलाइन या किसी अन्य काम के लिए खुदाई करनी पड़े, तो काम पूरा होते ही उसे ठीक से भर दें।
  • जानवरों को न बाँधें : सड़क के किनारे जानवरों (गाय, भैंस) को न बाँधें, जिससे गोबर और गंदगी से सड़क खराब न हो।
  • पेड़ लगाएँ : सड़क के दोनों ओर पेड़-पौधे लगाने चाहिए। इससे सड़क सुंदर दिखती है और पर्यावरण भी स्वच्छ रहता है।

अतिरिक्त उपक्रम (Extra Activity)

३नदी या उद्यान (बगीचे) की आत्मकथा प्रस्तुत करो। (मौखिक उपक्रम)