कक्षा ५ हिंदी · पहली इकाई
४. कश्मीरा
पाठ ४ 'कश्मीरा' पर आधारित चित्र वाचन, दोनों चित्रों में दस अंतर और अध्यापन संकेत। महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मंडळ (सुलभभारती)।
शेअर करेंAdvertisement
पाठ का परिचय : यह एक ‘चित्र निरीक्षण’ और ‘अंतर बताओ’ कृति है। इसमें जम्मू-कश्मीर की सुंदर और पारंपरिक वेशभूषा पहने हुए एक लड़की (कश्मीरा) डल झील में नाव (शिकारा) चलाते हुए दिखाई गई है। दोनों चित्रों में कुछ सूक्ष्म अंतर हैं जिन्हें ढूँढ़ना है।
अंतर बताओ
१विद्यार्थियों से दोनों चित्रों को ध्यान से देखकर इनमें दस अंतर बताने के लिए कहें।
दोनों चित्रों को ध्यान से देखने पर हमें निम्नलिखित दस अंतर (Differences) दिखाई देते हैं —
| क्र. | पहला चित्र (ऊपर) | दूसरा चित्र (नीचे) |
|---|---|---|
| १. | आसमान में पाँच (५) पक्षी उड़ रहे हैं। | आसमान में चार (४) पक्षी उड़ रहे हैं। |
| २. | गले के लॉकेट (पदक) का निचला भाग गोल है। | गले के लॉकेट का निचला भाग पत्तियों के आकार का है। |
| ३. | कश्मीरा की कमीज़ के नीचे की दूसरी पट्टी का रंग हल्का गुलाबी है। | कश्मीरा की कमीज़ के नीचे की दूसरी पट्टी का रंग गहरा लाल है। |
| ४. | नाव चलाने वाले चप्पू (Oar) का निचला भाग (ब्लेड) चौकोर है। | चप्पू का निचला भाग पान के आकार (नुकीला) का है। |
| ५. | घड़े (मटके) के सबसे निचले हिस्से (पेंदे) पर बिंदियाँ (dots) नहीं हैं। | घड़े के सबसे निचले हिस्से पर गोल बिंदियाँ बनी हुई हैं। |
| ६. | टोकरी के पास नाव के तल पर एक लाल फूल गिरा हुआ है। | टोकरी के पास नीचे कोई फूल नहीं गिरा है। |
| ७. | कश्मीरा की बाईं कलाई (आस्तीन) के पास किनारी (डिज़ाइन) नहीं है। | कश्मीरा की बाईं कलाई के पास पट्टी का डिज़ाइन है। |
| ८. | पीछे बाईं ओर पहाड़ों पर पेड़ों की संख्या कम (३) है। | पीछे बाईं ओर पहाड़ों पर पेड़ों की संख्या अधिक है। |
| ९. | दुपट्टे (ओढ़नी) का किनारा साधारण है। | दुपट्टे का किनारा अलग है। |
| १०. | चप्पू के पकड़ने वाले हिस्से (हैंडल) पर डिज़ाइन नहीं है। | चप्पू के हैंडल पर डिज़ाइन है। |
Advertisement
अध्यापन संकेत (शिक्षकों के लिए)
पहचान हमारी (पाठ ५ और १३) के लिए निर्देश :
- संपूर्ण पाठ्यसामग्री का मूल उद्देश्य वर्णमाला के वर्णों (स्वर, व्यंजन) तथा मात्रा और उनके चिह्नों की पहचान करवाना है।
- सर्वप्रथम पृष्ठों पर दिए गए चित्रों का निरीक्षण करवाएँ।
- बड़े चित्रों और मोटे अक्षरों के माध्यम से वर्णों का परिचय करवाकर मात्राओं को समझाएँ।
- पुनरावर्तन के लिए दिए गए छोटे चित्रों वाले शब्दों में वर्ण पहचानने और रेखांकित करने के लिए कहें।
- नए वर्णों, स्वरों और मात्राओं को श्यामपट्ट (Blackboard) पर लिखें, लिखवाएँ और सुलेखन-श्रुतलेखन (Dictation) करवाएँ।
- नीचे दिए गए शब्दों को मुखर और मौन वाचन करवाएँ। इन शब्दों के अर्थ बताना अपेक्षित नहीं है, केवल मात्रा पहचानना आवश्यक है।