कक्षा ५ हिंदी · पहली इकाई

६. पेटूराम

डॉ. त्रिलोकीनाथ ब्रजवाल द्वारा लिखित हास्य-संवाद 'पेटूराम' का सारांश, प्रश्न-उत्तर और विरामचिह्नों का अभ्यास। महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मंडळ (सुलभभारती)।

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पाठ का परिचय : ‘पेटूराम’ डॉ. त्रिलोकीनाथ ब्रजवाल द्वारा लिखित एक हास्यपूर्ण संवाद है। इसमें पेटूराम अपने उपवास (व्रत) के नाम पर ढेर सारा फलाहार, मिठाइयाँ और दूध माँगते हैं। अंत में वे बड़ी मासूमियत से कहते हैं कि वे व्रत के दिन अधिक नहीं खाते। यह पाठ हमें हँसाने के साथ-साथ विरामचिह्नों का ज्ञान भी कराता है।

पाठ्यांश पर आधारित प्रश्न-उत्तर

१पेटूराम ने भोजन करने से क्यों मना किया?

पेटूराम ने भोजन करने से मना किया क्योंकि उस दिन उनका उपवास (व्रत) था।

२उपवास के नाम पर पेटूराम ने क्या-क्या मँगवाया?

उपवास के नाम पर पेटूराम ने निम्नलिखित चीज़ें मँगवाईं —

  • आधा किलो अंगूर
  • आधा दर्जन केले
  • एक किलो सेब
  • एक पाव मेवा
  • सवा पाव मिठाई
  • आधा लीटर दूध और रबड़ी
३इतना सब मँगवाने के बाद अंत में पेटूराम ने क्या कहा?

इतना सब मँगवाने के बाद पेटूराम ने कहा, "नहीं-नहीं; आज मेरा उपवास है। व्रत के दिन मैं अधिक नहीं खाता।"

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विरामचिह्नों की पहचान

४पाठ में आए विरामचिह्नों को पहचानो, पढ़ो और समझो।

हिंदी भाषा में वाक्यों को सही ढंग से समझने और बोलने के लिए विरामचिह्नों (Punctuation marks) का उपयोग किया जाता है —

विरामचिह्न का नामचिह्नउदाहरण (पाठ से)
प्रश्नवाचक?१. अंगूर मिलते हैं ?
विस्मयादिबोधक!२. मैं.....!
अल्पविराम,३. आधा दर्जन केले, एक किलो सेब ।
पूर्णविराम।३. आधा दर्जन केले, एक किलो सेब ।
अर्धविराम;४. नहीं - नहीं; आज मेरा उपवास है ।

विरामचिह्नों के उपयोग :
• पूर्णविराम (।) : वाक्य के पूरा होने पर लगाया जाता है।
• अल्पविराम (,) : वाक्य में जहाँ थोड़ी देर रुकना हो, वहाँ लगाते हैं।
• प्रश्नवाचक (?) : जब कोई प्रश्न पूछा जाता है।
• विस्मयादिबोधक (!) : आश्चर्य, खुशी, दुख या कोई अचानक भाव प्रकट करने के लिए।
• अर्धविराम (;) : अल्पविराम से अधिक और पूर्णविराम से कम रुकने के लिए।

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