कक्षा ६ हिंदी · पहली इकाई

५. (अ) आओ, आयु बताना सीखो (ब) महाराष्ट्र की बेटी

आयु बताने के गणितीय खेल का सूत्र, हल किए हुए उदाहरण, खेल का रहस्य तथा दोनों चित्रों के अंतर व भारत के राज्यों की विविधता. महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मंडळ (सुलभभारती).

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पाठ के बारे में

यह पाठ दो भागों में है। पहले भाग में एक गणितीय खेल से मित्र की आयु बताना सिखाया गया है। दूसरे भाग ‘महाराष्ट्र की बेटी’ में दो चित्रों का अंतर ढूँढ़ना है। इससे गणना और निरीक्षण की क्षमता बढ़ती है।

मुख्य बिंदु

  • सूत्र : वर्तमान आयु + अगले वर्ष की आयु → × ५ → + जन्मवर्ष का इकाई अंक → − ५।
  • उत्तर की बाईं ओर के दो अंक मित्र की आयु बताते हैं।
  • उत्तर का इकाई अंक जन्मवर्ष का इकाई अंक होता है।
  • चित्र ध्यान से देखने पर ही अंतर पहचाने जा सकते हैं।
  • भारत के हर राज्य का पहनावा और खानपान अलग है। यही ‘विविधता में एकता’ है।

शब्दार्थ

  • आयु – उम्र
  • इकाई अंक – संख्या का सबसे दाईं ओर का अंक
  • योगफल – जोड़ने से मिली संख्या
  • गुणनफल – गुणा करने से मिली संख्या
  • नौवारी – नौ वार (गज) लंबी साड़ी

(अ) आओ, आयु बताना सीखो

१खेल का सूत्र — पाँच चरण

अपने मित्र से ये पाँच बातें क्रम से करने के लिए कहो —

  1. अपनी वर्तमान आयु में अगले वर्ष की आयु जोड़ो।
  2. इस योगफल को ५ से गुणा करो।
  3. प्राप्त गुणनफल में अपने जन्मवर्ष का इकाई अंक जोड़ो।
  4. प्राप्त योगफल में से ५ घटा दो।
  5. अब जो संख्या मिली, उसकी बाईं ओर के दो अंक ही तुम्हारे मित्र की आयु है।
२उदाहरण — पाठ्यपुस्तक का उदाहरण

मान लो, तुम्हारे मित्र की आयु १० वर्ष और जन्म वर्ष २००४ है, तो —

चरण १ : १० (वर्तमान आयु) + ११ (अगले वर्ष की आयु) = २१
चरण २ : २१ × ५ = १०५
चरण ३ : १०५ + ४ (जन्मवर्ष २००४ का इकाई अंक) = १०९
चरण ४ : १०९ − ५ = १०४
चरण ५ : १०४ की बाईं ओर के दो अंक = १० वर्ष — यही मित्र की आयु है।
३एक और उदाहरण — स्वयं जाँचकर देखो

मान लो, मित्र की आयु १२ वर्ष और जन्म वर्ष २०१२ है, तो —

चरण १ : १२ + १३ = २५
चरण २ : २५ × ५ = १२५
चरण ३ : १२५ + २ = १२७
चरण ४ : १२७ − ५ = १२२
चरण ५ : १२२ की बाईं ओर के दो अंक = १२ वर्ष ✓

मजेदार बात : अंत में मिली संख्या का इकाई अंक जन्मवर्ष का इकाई अंक होता है। ऊपर के उदाहरण में १२२ का २, जन्मवर्ष २०१२ का इकाई अंक है।

४यह खेल काम कैसे करता है?

मान लो मित्र की आयु आ है और जन्मवर्ष का इकाई अंक इ है। तब —

चरण १ : आ + (आ + १) = २आ + १
चरण २ : (२आ + १) × ५ = १०आ + ५
चरण ३ : १०आ + ५ + इ
चरण ४ : १०आ + ५ + इ − ५ = १०आ + इ

अंत में मिली संख्या का इकाई अंक जन्मवर्ष का अंतिम अंक है। उसके बाईं ओर के अंक आयु बताते हैं। ‘+५’ और ‘−५’ आपस में कट जाते हैं। इसीलिए यह सूत्र हर बार सही उत्तर देता है।

ध्यान रखो : यदि मित्र की आयु १० वर्ष से कम है (जैसे ८ वर्ष), तो अंत में दो अंकों की संख्या मिलेगी। तब बाईं ओर का एक ही अंक उसकी आयु होगा।

५इसी प्रकार के अन्य खेल और पहेलियाँ

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(ब) महाराष्ट्र की बेटी — अंतर बताओ

१दोनों चित्रों में अंतर ढूँढ़कर बताओ।

चित्र में नौवारी साड़ी पहने एक युवती दो बार दिखाई गई है। ध्यान से देखने पर ये अंतर मिलते हैं —

क्र.बाईं ओर का चित्रदाईं ओर का चित्र
१.साड़ी का रंग गुलाबी है।साड़ी का रंग हरा है।
२.चोली (ब्लाउज) हरे रंग की है।चोली (ब्लाउज) गुलाबी रंग की है।
३.साड़ी का किनारा गहरे गुलाबी रंग का है।साड़ी का किनारा बैंगनी रंग का है।
४.माथे पर गोल लाल बिंदी है।माथे पर चंद्रकोर के आकार की बिंदी है।
५.चेहरे पर तिल नहीं है।ठोड़ी के पास एक तिल है।
६.हथेली पर पत्ती-बेल जैसी मेहँदी है।हथेली पर तारे-फूल जैसी मेहँदी है।
७.हार के पदक में लाल नग है।हार का पदक सुनहरा और सादा है।

टीप : यह निरीक्षण की कृति है। ध्यान से देखने पर और भी अंतर मिल सकते हैं।

२महाराष्ट्र की पारंपरिक वेशभूषा और आभूषण
नौवारी साड़ी चोली चंद्रकोर बिंदी नथ मंगलसूत्र ठुशी बाजूबंद हरी काँच की चूड़ियाँ पाटल्या-तोड़े जोड़वी (बिछुए) पायल अंबाड़ा (जूड़ा) और गजरा

पुरुषों की पारंपरिक वेशभूषा में धोती, कुर्ता, बंडी और पगड़ी या फेटा प्रमुख हैं।

३भारत के विभिन्न राज्यों का खानपान, पहनावा और आभूषण
  • महाराष्ट्र — पहनावा : नौवारी साड़ी, धोती-कुर्ता, फेटा। खानपान : पूरनपोली, भाकरी, मोदक, श्रीखंड।
  • पंजाब — पहनावा : सलवार-कमीज, कुर्ता-पाजामा, पगड़ी। खानपान : मक्के की रोटी, सरसों का साग, लस्सी।
  • गुजरात — पहनावा : चनिया-चोली, केडियू, धोती। खानपान : ढोकला, थेपला, खांडवी।
  • राजस्थान — पहनावा : घाघरा-चोली, ओढ़नी, साफा। खानपान : दाल-बाटी-चूरमा।
  • बंगाल — पहनावा : लाल किनारे वाली सफेद साड़ी, धोती-कुर्ता। खानपान : मछली-भात, रसगुल्ला, संदेश।
  • तमिलनाडु — पहनावा : कांजीवरम साड़ी, वेष्टी। खानपान : इडली, डोसा, सांभर।
  • केरल — पहनावा : मुंडु, कसावु साड़ी। खानपान : अप्पम, नारियल के व्यंजन, केले के चिप्स।
  • असम — पहनावा : मेखला-चादर। खानपान : भात, मछली, पीठा।

समानता और विविधता : भारत के हर राज्य की भाषा, वेशभूषा और खानपान अलग है। यही हमारी विविधता है। फिर भी हम सब भारतीय हैं। हम मिलकर त्योहार मनाते हैं और एक-दूसरे की सहायता करते हैं। यही हमारी एकता है। इसीलिए भारत को ‘विविधता में एकता’ का देश कहा जाता है।

कक्षा में करने योग्य कृति