कक्षा ६ हिंदी · पहली इकाई

९. सोई मेरी छौना रे !

डॉ. श्रीप्रसाद — लोरी का भावार्थ, केंद्रीय भाव, शब्द वाटिका, समोच्चारित शब्द, संयुक्ताक्षर कृति तथा सभी कृतियों के उत्तर. महाराष्ट्र राज्य पाठ्यपुस्तक मंडळ (सुलभभारती).

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कविता के बारे में

‘सोई मेरी छौना रे!’ एक लोरी है। इसके कवि डॉ. श्रीप्रसाद हैं। इसमें माँ अपने नन्हे बच्चे को सुलाते हुए गीत गाती है। इस लोरी में माँ का वात्सल्य भाव प्रकट हुआ है। सूचना है — ‘सुनो, पढ़ो और गाओ’।

मुख्य बिंदु

  • लोरी बच्चे को सुलाने के लिए गाया जानेवाला गीत है।
  • माँ सोने के झूले, परियों, चाँद और सितारों की कल्पना से बच्चे को सुलाती है।
  • बच्चा सोता जाता है और माँ गाती जाती है। यही माँ का अनोखा सुख है।
  • लोरी में एक ही पंक्ति बार-बार आती है। इसे ‘टेक’ कहते हैं।
  • व्याकरण : संयुक्ताक्षर और हिंदी-मराठी के समोच्चारित शब्द।

शब्दार्थ

  • छौना – नन्हा बच्चा
  • सलोनी – सुंदर
  • वात्सल्य – संतान के प्रति माता-पिता का प्रेम
  • दीठ-दिठौना – नजर से बचाने के लिए लगाया जानेवाला काजल का टीका

कवि परिचय

डॉ. श्रीप्रसाद — जन्म : ५ जनवरी १९३२, पारना, आगरा (उ.प्र.)।

प्रमुख रचनाएँ : ‘खिड़की से सूरज’, ‘आ री’, ‘कोयल’, ‘गुड़िया की शादी’ आदि।

परिचय : आपने विपुल मात्रा में बाल साहित्य का सृजन किया है।

कविता का भावार्थ

१पहला भाग — सोने का झूला और परियों की लोरी

माँ अपने नन्हे बच्चे को दुलार रही है। वह कहती है कि बच्चा सोने के झूले में झूल रहा है। झूला रेशम की डोरी से बँधा है। बच्चा मीठे सपनों में खोया है। वह परियों की लोरी सुनते-सुनते सो रहा है। माँ के लिए वह आँखों का तारा है।

विशेष : ‘सोने का झूला’ और ‘रेशम की डोरी’ माँ के प्रेम की कल्पना है। माँ के लिए उसका बच्चा राजकुमार से कम नहीं।

२दूसरा भाग — चाँद-सितारे और चाँदनी

माँ कहती है कि बाहर चाँद और सितारे जाग रहे हैं। चाँदनी मानो नाच रही है। आँगन में चाँदनी ऐसे बिछी है, मानो चाँदी के फूल खिले हों।

विशेष : यहाँ चाँद, सितारे और चाँदनी मनुष्य की तरह जागते और नाचते दिखाए गए हैं। यह मानवीकरण का सुंदर उदाहरण है।

३तीसरा भाग — माँ का अनोखा सुख

माँ कहती है कि उसका सुख अनोखा है। वह गीत गाती जाती है और बच्चा सोता जाता है। यही माँ के जीवन का सबसे बड़ा आनंद है।

४चौथा भाग — जागना, खेलना, रूठना और मनाना

माँ कहती है कि बच्चा जागेगा और खेलेगा। कभी वह रूठ भी जाएगा। तब माँ हँस-हँसकर उसे मना लेगी। वह उसे खिलौनों की दुनिया की सैर कराएगी।

विशेष : लोरी में एक ही पंक्ति बार-बार आती है। इसे टेक कहते हैं। इसी दोहराव से बच्चे को नींद आती है।

कविता का केंद्रीय भाव

यह कविता एक लोरी है। इसमें माँ का वात्सल्य प्रकट हुआ है। माँ के लिए उसका नन्हा बच्चा ही सबसे बड़ा धन है। बच्चे को सुलाने के लिए माँ चाँद, सितारे, परियाँ और सोने के झूले की मीठी कल्पना करती है।

माँ का प्रेम निःस्वार्थ होता है। बच्चा रूठे, तो भी वह हँसकर उसे मनाती है। इसीलिए जीवन में माँ का स्थान असाधारण माना गया है।

शब्द वाटिका

शब्दअर्थ
छौनानन्हा बच्चा
सलोनीसुंदर
लोरीबच्चे को सुलाने के लिए गाया जानेवाला गीत
दीठ-दिठौनानजर से बचाने के लिए लगाया जानेवाला काजल का टीका
चाँदनियाचाँदनी
आँगनियाआँगन
वात्सल्यसंतान के प्रति माता-पिता का प्रेम
अनहोनाजो न हुआ हो, अनोखा

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कविता की पंक्तियाँ पूरी करो

भाषा की ओर

१हिंदी-मराठी के समोच्चारित शब्दों की अर्थभिन्नता बताओ और लिखो।

समोच्चारित शब्द सुनने और बोलने में एक जैसे होते हैं। पर दोनों भाषाओं में उनके अर्थ अलग-अलग होते हैं।

मराठी अर्थसमोच्चारित शब्दहिंदी अर्थ
झुकाव, प्रवृत्तिकलबीता हुआ या आनेवाला दिन; मशीन
हस्ताक्षरसहीठीक, सच, उचित
गहराखोलखोलना; ऊपरी आवरण
माँआईआना क्रिया का भूतकाल रूप (वह आई)
वापस, फिर सेपरततह, स्तर

वाक्यों से समझो :

सही — मराठी : ‘कागदावर सही करा.’ (हस्ताक्षर करो)  |  हिंदी : ‘तुम्हारा उत्तर सही है।’ (ठीक)
आई — मराठी : ‘माझी आई शिक्षिका आहे.’ (माँ)  |  हिंदी : ‘दीदी कल घर आई थी।’ (आना)
खोल — मराठी : ‘विहीर फार खोल आहे.’ (गहरा)  |  हिंदी : ‘दरवाजा खोल दो।’ (खोलना)
परत — मराठी : ‘तो परत आला.’ (वापस)  |  हिंदी : ‘मिट्टी की एक परत जम गई।’ (तह)

जोड़ो हमें — संयुक्ताक्षर युक्त शब्द

पेड़ के पत्तों पर दिए गए वर्ण हैं — क, फ, ग, त, थ, घ, ष, व, द, म, ह, ठ, ड, ट, प, र। इनसे संयुक्ताक्षर चार प्रकार से बनते हैं —

  • आधे होकर (क, फ) — डॉक्टर (क्ट), फ्लेमिंगो (फ्ल)। अन्य उदाहरण : वक्त (क्त)।
  • पाई हटाकर (ग, त, थ, घ, ष, व, म, प) — लकड़बग्घा (ग्घ), कुत्ता (त्त)। अन्य उदाहरण : पत्थर (त्थ), महत्त्व (त्त्व)।
  • हल लगाकर (द, ह, ठ, ड, ट) — गिद्‌ध (द्‌ध), टट्‌टू (ट्‌ट)। अन्य उदाहरण : गट्‌ठर (ट्‌ठ), द्‌वार (द्‌व)।
  • ‘र’ के प्रकार — मुर्गा (र्ग, रेफ), ड्रम (ड्र), इंद्रधनुष (द्र)। अन्य उदाहरण : कर्म (र्म), वर्ष (र्ष), ग्रह (ग्र), प्रथम (प्र)।

टीप : इस कृति के अनेक सही उत्तर हो सकते हैं। दिए गए वर्णों से बना कोई भी संयुक्ताक्षर युक्त शब्द मान्य होगा।

खोजबीन — विभिन्न क्षेत्रों की ‘प्रथम भारतीय महिलाएँ’

इनकी सचित्र जानकारी इकट्ठी करके कॉपी में चिपकाओ —

  • सावित्रीबाई फुले — भारत की पहली महिला शिक्षिका।
  • आनंदीबाई जोशी — डॉक्टर की पदवी पानेवाली पहली भारतीय महिला।
  • इंदिरा गांधी — भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री।
  • प्रतिभा पाटील — भारत की पहली महिला राष्ट्रपति।
  • कल्पना चावला — अंतरिक्ष में जानेवाली भारतीय मूल की पहली महिला।
  • बछेंद्री पाल — एवरेस्ट पर चढ़नेवाली पहली भारतीय महिला।
  • किरण बेदी — भारत की पहली महिला आई.पी.एस. अधिकारी।
  • मैरी कॉम — ओलंपिक मुक्केबाजी में पदक जीतनेवाली पहली भारतीय महिला।
  • अरुणिमा सिन्हा — एवरेस्ट पर चढ़नेवाली पहली दिव्यांग भारतीय महिला।

अन्य कृतियाँ

१जरा सोचो .......... बताओ — यदि सच में हमारे मामा का घर चाँद पर होता तो...

यदि सच में हमारे मामा का घर चाँद पर होता, तो छुट्टियों में हम रॉकेट से वहाँ जाते। खिड़की से हम पृथ्वी को एक नीली गेंद की तरह देखते।

चाँद पर न हवा है, न पानी। इसलिए मामी को पृथ्वी से पानी मँगवाना पड़ता। वहाँ हमारा वजन बहुत कम होता। हम एक ही छलाँग में छत तक उछल जाते।

लौटते समय मामा हमें चाँद की चमकीली धूल का डिब्बा देते। हम मित्रों को दिखाकर कहते — देखो, हम सचमुच चाँद पर मामा के घर गए थे!

टीप : यह कल्पनात्मक प्रश्न है। अपनी कल्पना से अलग उत्तर भी लिखा जा सकता है।

२स्वयं अध्ययन — अपने परिवार के प्रिय व्यक्ति के लिए चार काव्य पंक्तियाँ लिखो।

मेरी दादी

दादी मेरी सबसे प्यारी,
कहती कथा निराली सारी ।
गोदी उनकी सबसे न्यारी,
उनके बिन सूनी फुलवारी ॥

टीप : ये पंक्तियाँ केवल नमूना हैं। अपने प्रिय व्यक्ति के लिए अपनी चार पंक्तियाँ स्वयं बनाओ। तुक मिलाने का प्रयत्न करो — जैसे प्यारी-न्यारी, भैया-कन्हैया।

३बताओ तो सही — माँ को एक दिन की छुट्टी दी जाए तो क्या होगा?

यदि माँ को एक दिन की छुट्टी दी जाए, तो हमें पता चलेगा कि वह कितना काम करती है। नाश्ता, टिफिन, बरतन, कपड़े, सफाई और भोजन — सब कुछ रुक जाएगा।

उस दिन हमें स्वयं बिस्तर लगाना पड़ेगा और बरतन धोने पड़ेंगे। उस दिन हमें माँ के परिश्रम की सीख मिलेगी। उसके बाद हम सब घर के काम में माँ का हाथ बँटाने लगेंगे।

टीप : यह उत्तर केवल नमूना है। अपने विचार अपने शब्दों में बताओ।

४अध्ययन कौशल — अपने परिवार का वंश वृक्ष तैयार करो और रिश्ते-नातों के नाम लिखो।

वंश वृक्ष बनाने का तरीका : सबसे ऊपर दादा-दादी और नाना-नानी लिखो। उनके नीचे माता-पिता, चाचा-चाची, बुआ, मामा-मामी और मौसी लिखो। सबसे नीचे स्वयं और अपने भाई-बहन लिखो। सबको रेखाओं से जोड़ो।

रिश्ते-नातों के नाम :

  • पिता के माता-पिता — दादा, दादी
  • माता के माता-पिता — नाना, नानी
  • पिता के भाई और उनकी पत्नी — चाचा, चाची
  • पिता की बहन और उनके पति — बुआ, फूफा
  • माता के भाई और उनकी पत्नी — मामा, मामी
  • माता की बहन और उनके पति — मौसी, मौसा
  • भाई के बच्चे — भतीजा, भतीजी
  • बहन के बच्चे — भांजा, भांजी
५सुनो तो जरा / वाचन जगत से / मेरी कलम से

विचार मंथन व सदैव ध्यान में रखो

।। जननी-जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी ।। जीवन में माँ का स्थान असाधारण है ।

इस संस्कृत सुभाषित का अर्थ है — ‘माता और जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर हैं।’ माँ की गोद और मातृभूमि की मिट्टी का स्थान कोई नहीं ले सकता।

माँ हमें जन्म देती है। वह रात-रात जागकर हमें पालती है। हमारे रूठने पर हँसकर मनाती है। इसीलिए जीवन में माँ का स्थान असाधारण है। हमें माता-पिता का आदर करना चाहिए। बड़े होकर उनका सहारा बनना चाहिए।

मैंने समझा

इस लोरी से मैंने समझा कि माँ का प्रेम गहरा और निःस्वार्थ होता है। बच्चे को सुलाने के लिए वह चाँद, सितारे और परियों की कल्पना करती है। बच्चा सोता जाता है और माँ गाती जाती है। इसी में उसका सुख है।

लोरी हमारी संस्कृति का सुंदर भाग है। मीठे शब्द, कोमल लय और टेक से बच्चे को नींद आ जाती है। मैं भी अपनी माँ का सदा आदर करूँगा।

टीप : ‘मैंने समझा’ में विद्यार्थी को स्वयं के शब्दों में लिखना अपेक्षित है। ऊपर दिया गया उत्तर केवल नमूना है।