कक्षा ७ हिंदी · दूसरी इकाई

३. दो लघुकथाएँ

बादशाह अकबर और बीरबल की कहानियों 'हरा घोड़ा' और 'सेठ का चित्र' का संपूर्ण स्वाध्याय और व्याकरण।

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मैंने समझा : इन दोनों लघुकथाओं के माध्यम से हमें बीरबल की बुद्धिमानी, हाज़िरजवाबी और समस्या सुलझाने के कौशल का पता चलता है। पहली कहानी 'हरा घोड़ा' में बीरबल ने अपनी चतुराई से अकबर की असंभव माँग का ऐसा उत्तर दिया कि बादशाह निरुत्तर हो गए। दूसरी कहानी 'सेठ का चित्र' में बीरबल ने एक कंजूस और धूर्त सेठ को उसी की भाषा में जवाब देकर गरीब चित्रकार को न्याय दिलाया। इससे यह शिक्षा मिलती है कि सूझबूझ और चतुराई से हर कठिन परिस्थिति का सामना किया जा सकता है।

स्वाध्याय (पाठ के आधार पर)

१सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखो :
  • (क) जब बादशाह ने बीरबल की दूसरी शर्त सुनी तो वे बीरबल २. का मुँह देखने लगे।
    (विकल्प: १. से खुश हो गए। २. का मुँह देखने लगे। ३. की होशियारी जान चुके।)
  • (ख) क्रोधित होकर उस चित्रकार ने सेठ से ३. सभी चित्रों के पैसे माँगे।
    (विकल्प: १. पैसे माँगे। २. पूरे पैसे माँगे। ३. सभी चित्रों के पैसे माँगे।)
२चित्रकार की परेशानी का कारण बताओ।

एक गरीब चित्रकार ने एक बहुत कंजूस और धूर्त सेठ का चित्र बनाया था। जब चित्रकार ने उससे अपने काम के पैसे माँगे, तो सेठ ने पैसे न देने के इरादे से कह दिया कि "चित्र ठीक नहीं है, दोबारा बनाकर लाओ"। चित्रकार ने कई बार नए चित्र बनाए, लेकिन सेठ हर बार उसमें कोई न कोई कमी निकाल देता था। अपनी मेहनत के पैसे न मिलना ही चित्रकार की परेशानी का मुख्य कारण था।

३'हरे घोड़े' के संदर्भ में बीरबल की चतुराई का वर्णन करो।

बादशाह अकबर और बीरबल दोनों अच्छी तरह जानते थे कि दुनिया में कहीं भी हरे रंग का घोड़ा नहीं होता। फिर भी बादशाह ने बीरबल की परीक्षा लेने के लिए उनसे हरा घोड़ा लाने को कहा। बीरबल ने हार न मानते हुए एक सप्ताह बाद दरबार में आकर कहा कि हरा घोड़ा मिल गया है, लेकिन उसके मालिक की दो शर्तें हैं। पहली शर्त कि बादशाह को घोड़ा लेने स्वयं जाना होगा, और दूसरी शर्त कि घोड़े को सप्ताह के सात दिनों को छोड़कर किसी भी दिन देखा जा सकता है। इस प्रकार बीरबल ने अपनी चतुराई और हाज़िरजवाबी से अकबर को निरुत्तर कर दिया।

४घोड़े के मालिक की शर्तें लिखो।

बीरबल के अनुसार हरे घोड़े के मालिक की निम्नलिखित दो शर्तें थीं:

  1. बादशाह अकबर को घोड़ा लेने वहाँ स्वयं ही जाना पड़ेगा।
  2. चूँकि घोड़े का रंग दूसरे घोड़ों से अलग है, इसलिए घोड़े को देखने का दिन भी अलग ही होना चाहिए। अर्थात्, सप्ताह के सात दिनों के अलावा बादशाह घोड़े को किसी भी दिन देख सकते हैं।

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भाषा की ओर (व्याकरण)

★अव्यय (अविकारी शब्द) पहचानो :

१. क्रियाविशेषण अव्यय (Adverb)
जो शब्द क्रिया की विशेषता (कब, कहाँ, कैसे) बताते हैं, वे क्रियाविशेषण अव्यय कहलाते हैं। पाठ्यपुस्तक के वाक्यों में आए मोटे अक्षर वाले शब्द :
१. राघव ने चुपचाप घर में प्रवेश किया। (रीतिवाचक)
२. लतिका अभी सोई है। (कालवाचक)
३. माँ आज अस्पताल जाएगी। (कालवाचक)
४. मेरा गाँव यहाँ बसा है। (स्थानवाचक)
५. गाड़ी धीरे-धीरे चल रही थी। (रीतिवाचक)

२. संबंधबोधक अव्यय (Preposition)
जो अव्यय संज्ञा या सर्वनाम के बाद आकर उनका संबंध वाक्य के अन्य शब्दों से जोड़ते हैं, वे संबंधबोधक अव्यय कहलाते हैं। पाठ्यपुस्तक के वाक्यों में आए शब्द :
१. नागपुर से रायगढ़ की ओर गए।
२. ताकत के लिए संतुलित आहार आवश्यक है।
३. जन्म के बाद एक मामी जी ने मुझे गोद ले लिया।
४. जलाशय चाँदी की भाँति चमचमा रहा था।
५. शौनक बड़ी बहन के साथ विद्यालय जाने की तैयारी में लग गया।

अन्य कृतियाँ एवं चर्चा

★बताओ तो सही : अकबर के नौ रत्नों के बारे में बताओ।

बादशाह अकबर के दरबार में कला, साहित्य और प्रशासन के नौ बहुत विद्वान और प्रतिभाशाली लोग थे, जिन्हें 'नवरत्न' कहा जाता था। उनके नाम इस प्रकार हैं:

  • १. बीरबल — अपनी बुद्धिमानी और हाज़िरजवाबी के लिए प्रसिद्ध।
  • २. तानसेन — दरबार के महान संगीतकार और गायक।
  • ३. अबुल फजल — मुख्य सलाहकार और 'अकबरनामा' के लेखक।
  • ४. फैजी — महान कवि और दार्शनिक।
  • ५. राजा टोडरमल — कुशल वित्त मंत्री (Finance Minister)।
  • ६. राजा मानसिंह — अकबर की सेना के मुख्य सेनापति।
  • ७. अब्दुल रहीम खान-ए-खाना — महान कवि और सेनापति।
  • ८. फकीर अजिओद्दीन — अकबर के धार्मिक सलाहकार।
  • ९. मुल्ला दो प्याजा — दरबार के बुद्धिमान और वाक्पटु मंत्री।
★खोजबीन : अंतरजाल से पारंपरिक चित्र शैली के प्रकार खोजो और लिखो (राज्य का नाम - शैली का नाम)।
राज्य का नामपारंपरिक चित्र शैली (Traditional Art Style)
महाराष्ट्रवारली चित्रकला (Warli Art)
बिहारमधुबनी या मिथिला चित्रकला (Madhubani Art)
ओडिशापट्टचित्र (Pattachitra)
राजस्थानफड़ और मिनिएचर चित्रकला (Phad / Miniature)
आंध्र प्रदेशकलमकारी चित्रकला (Kalamkari Art)
मध्य प्रदेशगोंड चित्रकला (Gond Art)
★जरा सोचो ......... लिखो : तुम्हें रुपयों से भरा बटुआ मिल जाए तो...

यदि मुझे रास्ते में रुपयों से भरा बटुआ मिल जाए, तो मैं सबसे पहले यह देखूँगा कि आसपास कोई परेशान व्यक्ति उसे ढूँढ़ तो नहीं रहा है। उसके बाद मैं बटुए के अंदर कोई पहचान पत्र (ID Card), विजिटिंग कार्ड या संपर्क नंबर ढूँढ़ने की कोशिश करूँगा।

यदि मुझे मालिक का कोई नंबर मिल जाता है, तो मैं तुरंत उसे फोन करके सुरक्षित रूप से उसका बटुआ लौटा दूँगा। यदि बटुए में कोई जानकारी न मिले, तो मैं उस बटुए को पास के पुलिस स्टेशन में ले जाकर जमा कर दूँगा, ताकि पुलिस उसे सही व्यक्ति तक पहुँचा सके। किसी दूसरे की मेहनत की कमाई को अपने पास रखना गलत बात है, इसलिए मैं ईमानदारी का पालन करूँगा।

★अध्ययन कौशल : किसी नियत विषय पर भाषण देने हेतु टिप्पणी बनाओ (प्रस्तावना, विषय प्रवेश, स्व मत, उद्धरण)।

भाषण का विषय : 'स्वच्छ भारत अभियान'

  • १. प्रस्तावना : आदरणीय गुरुजन और मेरे प्यारे मित्रों, सभी को मेरा नमस्कार! आज मैं आपके समक्ष स्वच्छता के महत्त्व पर अपने विचार प्रस्तुत करने जा रहा हूँ।
  • २. विषय प्रवेश : 'स्वच्छ भारत अभियान' की शुरुआत २ अक्टूबर २०१४ को महात्मा गांधी जी के जन्मदिवस पर की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य हमारे देश की सड़कों, गलियों और मोहल्लों को साफ-सुथरा रखना है।
  • ३. स्व मत (मेरे विचार) : मेरा मानना है कि केवल सरकार के प्रयासों से ही देश स्वच्छ नहीं हो सकता। इसके लिए हम सभी नागरिकों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। हमें कचरा हमेशा कूड़ेदान में डालना चाहिए और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए जागरूक करना चाहिए।
  • ४. उद्धरण (सुवचन) : महात्मा गांधी जी ने सही कहा था, "स्वच्छता में ही ईश्वर का वास है।" आइए, हम सब मिलकर भारत को स्वच्छ और स्वस्थ बनाएँ। धन्यवाद!